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Analogue Paneer: पनीर भारतीय डिलक्स थाली का अहम हिस्सा है और इसे प्रोटीन का अच्छा सॉर्स भी माना जाता है. ज्यादातर लोग मार्केट में मौजूद असली और नकली पनीर के बारे में ही जानते हैं. लेकिन एक और तरह का पनीर भी है, जिसे आप शायद रोज खा रहे हैं. खासबात ये है कि ये पनीर न तो असली है और न ही नकली, ये है एनालॉग पनीर. यदि आप भी इसके बारे में नहीं जानते हैं, तो इस लेख में जानिए ये कैसे तैयार किया जाता है और आपकी सेहत के लिए किया सेफ है.
एनालॉग पनीर ऐसा उत्पाद है जो पारंपरिक दूध से बने पनीर की तरह दिखने और स्वाद देने के लिए तैयार किया जाता है, लेकिन इसे बनाने की प्रक्रिया और सामग्री अलग होती है. यह हमेशा दूध से नहीं बनता, बल्कि इसमें वनस्पति तेल, दूध पाउडर, स्टार्च और अन्य खाद्य सामग्री का उपयोग किया जा सकता है. इसका उपयोग कुछ खाद्य उद्योगों, रेस्तरां और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों में लागत कम करने और एक जैसी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किया जाता है.
एनालॉग पनीर कैसे बनाया जाता है? पारंपरिक पनीर दूध को फाड़कर बनाया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में वनस्पति वसा, प्रोटीन, इमल्सीफायर, स्टार्च और फ्लेवरिंग एजेंट्स को मिलाकर पनीर जैसी बनावट तैयार की जाती है. इसके बाद मिश्रण को सांचे में जमाया जाता है. रेस्टॉरेंट में आप जो पनीर की रेसिपी खाते हैं, उनमें एनालॉग पनीर का इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए कई बार इसका टेक्सचर थोड़ा अलग सा लगता है.
क्या एनालॉग पनीर नकली पनीर है? जरूरी नहीं. यदि इसे निर्धारित खाद्य मानकों के अनुसार बनाया और सही तरीके से लेबल किया गया है, तो इसे अवैध या नकली नहीं कहा जा सकता. समस्या तब होती है जब इसे असली पनीर बताकर बेचा जाए.
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क्या एनालॉग पनीर हेल्थ के लिए हानिकारक है? इसका जवाब इसकी सामग्री पर निर्भर करता है. यदि इसमें अधिक मात्रा में प्रोसेस्ड फैट, नमक या एडिटिव्स हों, तो इसका बार-बार सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता.
असली और एनालॉग पनीर में क्या अंतर है? असली पनीर मुख्य रूप से दूध से बनता है और इसमें प्राकृतिक दूध प्रोटीन तथा कैल्शियम अधिक होता है. एनालॉग पनीर में पोषण प्रोफाइल अलग हो सकती है, क्योंकि इसकी सामग्री निर्माता के अनुसार बदलती रहती है.
ध्यान रखें एनालॉग पनीर अपने आप में कोई जहरीला या बैन प्रॉडक्ट नहीं है. इसकी गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री और सेवन की मात्रा यह तय करती है कि यह आपके लिए कितना उपयुक्त है. इसलिए खरीदारी करते समय लेबल पढ़ना और सही ब्रांड चुनना जरूरी है.