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गर्मियों के मौसम में, हमारे शरीर की पाचन अग्नि और आंतरिक तापमान के बीच संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है. चूंकि गेहूं की तासीर गर्म होती है, इसलिए आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान, दोनों ही गर्मियों के महीनों में ठंडी तासीर वाले अनाजों को चुनने की सलाह देते हैं. ऐसे में ये अनाज न केवल शरीर को भीतर से ठंडा रखते हैं, बल्कि ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में भी मदद करते हैं.
भारतीय घरों में रोटी रोज़ाना खाने का एक जरूरी हिस्सा है. लोग इसे दाल, सब्जी या करी के साथ खाना पसंद करते हैं. भारत में कई तरह के आटे की रोटी बनाई जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर तरह की रोटी हर मौसम में फायदेमंद नहीं होती? गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडा और हल्का रखने के लिए सही अनाज चुनना बहुत जरूरी है. आज हम आपको ऐसे आटे के बारे में बताएंगे जो पाचन को बेहतर बनाने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करेगा. गर्मी में गेहूं की रोटी क्यों नहीं खानी चाहिए? गेहूं की तासीर गर्म होती है और इसे पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. गर्मी में हमारी पाचन शक्ति थोड़ी कमजोर हो जाती है, जिससे गेहूं की रोटी खाने से पेट भारी लग सकता है, गैस या एसिडिटी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
ज्वार के आटे की रोटी: ज्वार की रोटी गर्मियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है. यह ग्लूटेन-फ्री है, इसलिए जिन्हें गेहूं खाने से पेट भारी या गैस की समस्या होती है, उनके लिए यह बहुत फायदेमंद है. ज्वार में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो पाचन सुधारता है और कब्ज को रोकने में मदद करता है. यह रोटी हल्की होती है, इसलिए लंच में खाना सबसे अच्छा माना जाता है.
चावल के आटे की रोटी: गर्मियों में चावल के आटे की रोटी को भी सबसे अच्छा माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे यह शरीर को ठंडक देती है और आसानी से पच जाती है. इसके अलावा यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में भी मदद करती है.
जौ के आटे की रोटी: जौ की रोटी गर्मियों में खाने के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है. इसकी ठंडी तासीर शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करती है. इसमें फाइबर भी भरपूर होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और उमस वाले मौसम में गैस या भारीपन की समस्या को कम करता है.
रागी के आटे की रोटी: रागी की रोटी हल्की और पौष्टिक होती है, इसलिए इसे लंच और डिनर दोनों में खाया जा सकता है. इसमें कैल्शियम और फाइबर भरपूर होता है, जो शरीर को ठंडा रखने और हल्का महसूस करने में मदद करता है. यह वजन कंट्रोल करने और पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने में भी मदद करती है. इसे हल्की सब्जी या नारियल की करी के साथ खाया जा सकता है.
गेहूं की रोटी: गेहूं की रोटी सबसे आम और रोज खाने वाली रोटी है. इसमें फाइबर होता है जो पाचन के लिए अच्छा है. ऊपर से थोड़ा घी लगाने से यह और आसानी से पच जाती है. गर्मियों में इसे लौकी, तुरई जैसी पानी वाली सब्जियों और दही के साथ खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है.
मल्टीग्रेन रोटी: मल्टीग्रेन रोटी में गेहूं, ज्वार, रागी और चने का आटा मिलाया जाता है. इसमें फाइबर और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. इसे और हेल्दी बनाने के लिए आटे में लौकी या खीरा भी मिला सकते हैं. इसे दाल और दही के साथ खाना सबसे अच्छा रहता है.
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य जानकारी पर आधारित है. News18 इसकी पुष्टि नहीं करता, इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.) (All Photos AI)
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Rajvant Prajapati
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