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Handi Mutton Recipe: अलीगढ़ स्थित शालीमार रेस्टोरेंट का हांडी मटन इन दिनों शहर के नॉनवेज शौकीनों की पहली पसंद बना हुआ है. मिट्टी की हांडी में धीमी आंच पर घंटों पकने वाला यह मटन अपनी गाढ़ी ग्रेवी और खुशबूदार मसालों के लिए मशहूर है. शेफ वफा निजामी ने इस शाही डिश को बनाने की वो पारंपरिक रेसिपी साझा की है, जिसे जानकर आप भी घर पर होटल जैसा लजीज स्वाद पा सकते हैं. ताजे गोश्त और देसी मसालों के साथ दम पर पकाने का यह तरीका मटन को इतना नरम बना देता है कि वह मुंह में जाते ही घुल जाता है. आइए जानते हैं खास रेसिपी.
अलीगढ़: भारतीय और मुगलई खानपान में हांडी मटन का नाम बड़े ही अदब से लिया जाता है. यह सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि स्वाद का एक ऐसा अहसास है जिसे धीमी आंच पर बड़े सब्र के साथ तैयार किया जाता है. मिट्टी की सोंधी खुशबू और मसालों का जबरदस्त मेल इस डिश को बेहद खास बना देता है. अलीगढ़ के मेडिकल रोड पर स्थित मशहूर शालीमार रेस्टोरेंट के शेफ वफा निजामी बताते हैं कि हांडी मटन का असली जादू इसकी स्लो कुकिंग तकनीक में छिपा है. आइए जानते हैं शेफ निजामी से इस लजीज डिश को बनाने की वो आसान रेसिपी जिसे आप भी घर पर ट्राई कर सकते हैं.
उम्दा गोश्त और मेरिनेशन का सही तरीका
शेफ वफा निजामी के अनुसार, एक बेहतरीन हांडी मटन की शुरुआत अच्छी क्वालिटी के ताजे गोश्त से होती है. वे बताते हैं कि मटन को अच्छी तरह धोकर उसमें दही, अदरक-लहसुन का पेस्ट, नमक और कुछ हल्के मसालों को मिलाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दिया जाता है. इस मेरिनेशन की वजह से मसाले गोश्त के अंदर तक समा जाते हैं, जिससे पकने के बाद मटन का हर टुकड़ा स्वाद से भरपूर होता है. गोश्त जितना उम्दा होगा, डिश का जायका उतना ही निखर कर आएगा.
धीमी आंच पर मसालों की भुनाई
हांडी मटन बनाने के लिए सबसे पहले हांडी को धीमी आंच पर चढ़ाया जाता है. शेफ निजामी बताते हैं कि इसमें देसी घी या सरसों के तेल का इस्तेमाल सबसे अच्छा रहता है. सबसे पहले इसमें खड़े मसाले जैसे तेजपत्ता, दालचीनी, बड़ी-छोटी इलायची और लौंग डाली जाती है. जब मसालों की महक आने लगे, तब बारीक कटी प्याज को सुनहरा होने तक भुना जाता है. इसके बाद धनिया, जीरा, काली मिर्च और लाल मिर्च जैसे कुटे हुए मसाले डाले जाते हैं. यह वह समय होता है जब हांडी मटन की असली रंगत और खुशबू तैयार होती है.
स्लो कुकिंग और दम पर पकने का जादू
जब मसाला तेल छोड़ने लगे, तब मेरिनेट किया हुआ मटन हांडी में डालकर उसे अच्छी तरह भुना जाता है. शेफ निजामी का कहना है कि मटन से तेल अलग होने पर इसमें थोड़ा पानी डालकर हांडी को ढक दिया जाता है. इसे लंबे समय तक धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिसे स्लो कुक कहते हैं. इसी प्रक्रिया के दौरान मटन पूरी तरह गल जाता है और ग्रेवी गाढ़ी होकर रेशमी हो जाती है. मिट्टी की हांडी में पकने की वजह से इसमें एक खास तरह का सोंधापन आ जाता है.
आखिरी तड़का और परोसने का अंदाज
मटन जब पूरी तरह तैयार हो जाए, तो आखिर में इसमें गरम मसाला, हरी मिर्च और ढेर सारा ताजा हरा धनिया डाला जाता है. इसके बाद इसे थोड़ी देर दम पर छोड़ दिया जाता है ताकि सभी मसालों का फ्लेवर आपस में मिल जाए. शेफ निजामी बताते हैं कि तैयार हांडी मटन को आप नान, तंदूरी रोटी या सादे चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका लाजवाब स्वाद ऐसा होता है कि एक बार खाने वाला बार-बार इसके पास वापस खिंचा चला आता है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें