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Mishti Doi Recipe: मिस्टी दोई एक क्रीमी और मीठी बंगाली मिठाई है जो घर पर भी आसानी से बनाई जा सकती है. इसके लिए फुल फैट दूध का इस्तेमाल करना सबसे जरूरी है. चीनी को कैरामेलाइज करने से इसका स्वाद और रंग दोनों बेहतर हो जाते हैं. मिट्टी के बर्तन और सही तापमान इसे गाढ़ा और परफेक्ट बनाते हैं. थोड़ी प्रैक्टिस के साथ आप हर बार शानदार मिस्टी दोई बना सकते हैं.
Mishti Doi Recipe: मिस्टी दोई एक ऐसी मिठाई है जो खास तौर पर बंगाल में बेहद पसंद की जाती है, लेकिन अब इसका स्वाद पूरे देश में लोगों को दीवाना बना चुका है. इसका हल्का मीठा स्वाद, क्रीमी टेक्सचर और हल्का भूरा रंग इसे बाकी दही से बिल्कुल अलग बनाता है. इसे खाने में जितना मजा आता है, उतना ही इसे घर पर बनाना थोड़ा मुश्किल भी लगता है. कई बार ऐसा होता है कि घर पर बनाने पर यह सही से सेट नहीं होता, कभी उतना मीठा नहीं बनता या फिर उसमें वह क्रीमीनेस नहीं आती जो बाजार में मिलती है. लेकिन अगर आप सही तरीके और कुछ आसान टिप्स फॉलो करें, तो आप भी घर पर बिल्कुल परफेक्ट मिस्टी दोई बना सकते हैं.
सही दूध का चुनाव क्यों जरूरी है: मिस्टी दोई बनाने की शुरुआत दूध से होती है और यही सबसे जरूरी स्टेप है. अगर आप नॉर्मल दूध का इस्तेमाल करते हैं, तो दही उतना गाढ़ा और क्रीमी नहीं बनेगा. इसलिए हमेशा फुल फैट दूध का इस्तेमाल करना चाहिए. यह दूध ज्यादा रिच होता है और इससे दही का टेक्सचर काफी बेहतर बनता है. जब दूध गाढ़ा होगा, तभी आपका मिस्टी दोई भी परफेक्ट बनेगा.
चीनी को कैरामेलाइज करने का सीक्रेट: मिस्टी दोई का असली स्वाद उसकी मिठास और रंग में छुपा होता है. अगर आप सिर्फ चीनी डाल देंगे, तो आपको वह खास फ्लेवर नहीं मिलेगा. इसके लिए जरूरी है कि आप चीनी को पहले एक पैन में हल्का ब्राउन होने तक पकाएं. जब यह गोल्डन रंग का हो जाए, तब इसे धीरे-धीरे दूध में मिलाएं. इससे न सिर्फ दही का रंग अच्छा आता है, बल्कि उसमें हल्की टॉफी जैसी मिठास भी आ जाती है, जो इसे और भी स्वादिष्ट बनाती है.
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दही को अच्छे से फेंटना क्यों जरूरी है: जब दूध थोड़ा ठंडा हो जाए, तब उसमें दही डालना होता है. लेकिन यहां एक छोटी सी गलती आपका पूरा रिजल्ट खराब कर सकती है. अगर दही ठीक से फेंटा हुआ नहीं होगा, तो वह दूध में अच्छे से मिक्स नहीं होगा और लम्प्स बन सकते हैं. इसलिए हमेशा दही को अच्छे से स्मूद होने तक फेंट लें. इससे आपका मिस्टी दोई एकदम सिल्की और स्मूद बनेगा.
मिट्टी के बर्तन का कमाल: अगर आप सच में बाजार जैसा मिस्टी दोई बनाना चाहते हैं, तो मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल जरूर करें. मिट्टी का बर्तन एक्स्ट्रा पानी को सोख लेता है, जिससे दही और ज्यादा गाढ़ा हो जाता है. साथ ही इसमें एक हल्की मिट्टी की खुशबू भी आती है, जो स्वाद को और खास बना देती है. स्टील या ग्लास के बर्तन में यह बात नहीं आती.
सही तापमान पर सेट करना है जरूरी: मिस्टी दोई को सेट करने के लिए उसे सही जगह पर रखना बहुत जरूरी है. अगर आप इसे ठंडी जगह पर रख देंगे, तो यह ठीक से जम नहीं पाएगा. इसलिए इसे हमेशा किसी गर्म जगह पर रखें और बार-बार हिलाने या चेक करने से बचें. इससे दही अच्छे से सेट होगा और टेक्सचर भी परफेक्ट रहेगा.
थोड़ी प्रैक्टिस से मिलेगा परफेक्ट रिजल्ट: शुरुआत में हो सकता है कि आपका मिस्टी दोई पहली बार में परफेक्ट न बने, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है. हर बार थोड़ी-थोड़ी गलती सुधारते हुए आप एकदम सही स्वाद तक पहुंच सकते हैं. बस इन टिप्स को ध्यान में रखें और धैर्य से काम लें, फिर देखिए कैसे हर बार आपका मिस्टी दोई सबका फेवरेट बन जाएगा.