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दिल्ली की भीषण गर्मी में जहां लोग ठंडक की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं, वहीं नेहरू प्लेस का एक मशहूर दही भल्ला स्टॉल लोगों को स्वाद के साथ राहत का एहसास दे रहा है. साल 1989 से लोगों के बीच लोकप्रिय मुकेश जी के ठंडे-ठंडे दही भल्ले अपने गाढ़े दही, खास मसालों और अनोखे स्वाद की वजह से लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. यही वजह है कि 45 डिग्री तापमान में भी यहां ग्राहकों की लंबी लाइन देखने को मिलती है.

पूर्वी दिल्ली: चिलचिलाती धूप, तपती सड़कें और पारा 45 डिग्री के पार ऐसे मौसम में लोग कुछ ऐसा ढूंढते हैं जो सिर्फ पेट ही नहीं, मन को भी ठंडक दे सके. इसी बीच नेहरू प्लेस मार्केट में एक नाम लोगों की जुबान पर तेजी से चढ़ रहा है मुखेश जी दही भल्ले वाले. गर्मियों के मौसम में यहां मिलने वाले ठंडे-ठंडे दही भल्ले लोगों के लिए राहत का स्वाद बन चुके हैं. दोपहर की तेज गर्मी हो या शाम की उमस, दुकान के बाहर ग्राहकों की भीड़ आसानी से देखी जा सकती है. कोई काम से लौटते वक्त यहां रुकता है तो कोई परिवार और दोस्तों के साथ खास तौर पर स्वाद लेने पहुंचता है. वजह सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि वह ठंडक है जो दही से भरी एक प्लेट लोगों को कुछ पल के लिए गर्मी भूलने पर मजबूर कर देती है.

साल 1989 से नेहरू प्लेस में लोगों के स्वाद का हिस्सा बने मुकेश कुमार शर्मा आज अपने खास दही भल्लों के लिए जाने जाते हैं. शर्मा चाट भंडार के नाम से मशहूर इस स्टॉल को मुकेश कुमार शर्मा खुद संभालते हैं. उनका कहना है कि उनके दही भल्लों का असली राज उनके खास मसाले में छिपा है, जिसे वह आज भी अपने हाथों से तैयार करते हैं.मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने इस सफर की शुरुआत सिर्फ 2 रुपए प्लेट से की थी, जो आज बढ़कर 50 रुपए प्लेट तक पहुंच गई है. समय बदला, कीमत बदली, लेकिन स्वाद वही पुराना और भरोसेमंद बना हुआ है.

सब है मसालों का जादू

यहां आने वाले कस्टमर मुकेश के दही भल्ले की तारीफ़ करते नहीं थकते. उनके दही भल्ले की खास बात यह है कि उनके मसाले इतने तीखे और तेज़ होते हैं कि दही में मिलाने पर वे बहुत स्वादिष्ट लगते हैं. वे दही भल्ले का स्वाद बढ़ाते हैं, और सबसे ज़रूरी बात, उनका दही बहुत गाढ़ा होता है और उसमें हल्की मिठास होती है, जिससे ₹50 की यह दही भल्ले की प्लेट इतनी भारी हो जाती है कि एक आदमी की पहुंच से बाहर हो जाती है.

क्या रहती है टाइमिंग?

अगर टाइमिंग की बात करें तो शर्मा जी सुबह 10:30 बजे तक यहां पहुंच जाते हैं और अपना सामान वगैरह लगा लेते हैं.मैं आपको बता दूं शर्मा जी के यहां पहुंचने से पहले ही यहां कस्टमर आने लगते हैं. अगर बात करें कि वह कब तक बेचते हैं तो मैं आपको बता दूं कि शर्मा जी सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 4:30 बजे तक यहां रहते हैं. लेकिन अगर उनके दही भल्ले उससे पहले खत्म हो जाते हैं तो वह चले जाते हैं.



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