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मूली भाजी बनाने के लिए सबसे पहले 2-3 ताजी मूली लें. उनकी पत्तियों (भाजी) को अच्छे से धोकर बारीक काट दें. अब एक कुकर में सभी भाजी को डाले. इसमें थोड़ा सा नमक और पानी डालकर उबाल ले.उसके बाद गैस ऑन करें और एक कढ़ाई में टमाटर नमक, हल्दी, और थोड़ा सा पानी डालकर ढक्कन ढककर पकने दे.
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई में मूली की भाजी खास जगह रखती है, कम मसालों और देसी तरीके से बनने वाली यह भाजी स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है, गांवों में इसे ताजे साग के साथ बनाया जाता है, जो खाने में बेहद सादा लेकिन लाजवाब लगता है. छत्तीसगढ़ी स्टाइल में मूली भाजी बनाने की आसान रेसिपी.
मूली भाजी बनाने के लिए सबसे पहले 2-3 ताजी मूली लें. उनकी पत्तियों (भाजी) को अच्छे से धोकर बारीक काट दें. अब एक कुकर में सभी भाजी को डाले. इसमें थोड़ा सा नमक और पानी डालकर उबाल ले.उसके बाद गैस ऑन करें और एक कढ़ाई में टमाटर नमक, हल्दी, और थोड़ा सा पानी डालकर ढक्कन ढककर पकने दे.अब चम्मच में अच्छे से मिलाएं और फिर कुकर की ढक्कन खोलकर उसमें थोड़ा सा ठंडा पानी डालकर भाजी को हाथों से निचोड़कर कढ़ाई में डालते जाएं.
स्टाइल मूली भाजी कम मसालों में करें तैयार
उसके बाद भाजी को टमाटर के साथ मिला दे. फिर इसे एक ढक्कन ये प्लेट में रख ले.अब इसे भाजी को तड़का लगाने के लिए तेल गरम होने पर उसमें आधा चम्मच सरसों, थोड़ा सा जीरा और 2-3 कटी हुई लहसुन की कलियां डालकर भूनें, जैसे ही लहसुन हल्का सुनहरा हो जाए. इसमें 1-2 कटी हुई लाल मिर्च डाल दें.जैसे ही सभी अच्छे से भुना जाए उसके बाद उसमें सभी भाजी की एक साथ डाल दे और तुरंत उसके बाद उसमें ढक्कन को ढक दे.अब कढ़ाही को धीमी आंच पर 05- 10 मिनट तक पकने दें, उसके बाद बीच-बीच में चम्मच चलाते रहें ताकि भाजी नीचे से चिपके नहीं है.
स्वाद से भरपूर ये पारंपरिक भाजी
जब मूली और भाजी अच्छी तरह नरम हो जाएं. इसस पानी सूख जाएगा. ऊपर से थोड़ा सा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें.यह भाजी गरम-गरम चावल, दाल या रोटी के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है, छत्तीसगढ़ में इसे खासतौर पर सादे भोजन के साथ परोसा जाता है,.यह न केवल खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि पाचन के लिए भी अच्छी मानी जाती है, सरल विधि, देसी स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर मूली भाजी हर किसी को जरूर ट्राई करनी चाहिए.