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Gumla Mutton Chana Chakhna Recipe: गुमला के आदिवासी समुदाय में आज भी शादियों की परंपरा अनूठी है. यहां बड़ा मेहमानी के दौरान बनने वाले खास मटन-चना चखना के बिना मेहमानों का स्वागत अधूरा माना जाता है. लकड़ी के चूल्हे पर तैयार होने वाली इस पारंपरिक डिश को आज भी सखुआ के पत्तों पर परोसा जाता है. आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों से जुड़ी इस प्राचीन रेसिपी और इसके बनाने के खास तरीके के बारे में विस्तार से जानें.

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गुमला: झारखंड के गुमला जिले में शादियों का सीजन अपने पूरे शबाब पर है. आज के आधुनिक दौर में जहां शादियों के मेन्यू में कॉन्टिनेंटल और चाइनीज डिशेज की भरमार रहती है. वहीं गुमला के आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी जड़ों और परंपराओं के प्रति एक अलग ही लगाव देखने को मिलता है. यहां आदिवासी समुदाय की शादियों में आज भी एक ऐसी पारंपरिक डिश बनाई जाती है. जिसके बिना किसी भी मेहमान की खातिरदारी अधूरी मानी जाती है. इस विशेष व्यंजन का नाम है मटन-चना चखना. आइए जानते हैं इसकी रेसिपी.

परंपरा और मान-सम्मान का प्रतीक
आदिवासी समाज में शादी के दौरान होने वाले मुख्य प्री-वेडिंग या रिसेप्शन कार्यक्रमों को बड़ा मेहमानी के नाम से जाना जाता है. इस आयोजन में मेहमानों का मान-सम्मान सर्वोपरि होता है. स्थानीय आदिवासी महिला भगवती देवी ने बताया कि आज के डिजिटल युग में भी उनके समुदाय ने अपनी सदियों पुरानी परंपराओं को सहेज कर रखा है. उनके अनुसार बड़ा मेहमानी में मटन और चना की यह खास डिश जरूर बनते हैं. इसके बिना खान-पान की रस्म पूरी नहीं मानी जाती. यह हमारे पूर्वजों की विरासत है.

इस डिश की सबसे बड़ी विशेषता इसका परोसने का अंदाज है. इसे किसी कांच या स्टील की प्लेट में नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से शुद्ध सखुआ (साल) के पत्तों या उनसे बने पत्तलों में परोसा जाता है. इसे अक्सर समुदाय के पारंपरिक पेय पदार्थ हड़िया के साथ परोसा जाता है. जिसे लोग बेहद चाव और खुशी के साथ ग्रहण करते हैं.

मिट्टी की सोंधी खुशबू और लकड़ी का चूल्हा
इस व्यंजन का स्वाद दोगुना हो जाता है क्योंकि इसे आज भी पारंपरिक तरीके से लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जाता है. जितनी देवी बताती हैं कि गैस चूल्हे की तुलना में लकड़ी की धीमी आंच पर भुने हुए मटन और चने का स्वाद बिल्कुल अलग और सोंधा होता है.

ऐसे तैयार होती है यह सीक्रेट रेसिपी
सबसे पहले बड़े बर्तनों में शुद्ध सरसों तेल गर्म किया जाता है. इसमें तेज मिर्च और बारीक कटा हुआ प्याज डालकर उसे सुनहरा होने तक फ्राई किया जाता है. इसके बाद इसमें अदरक-लहसुन का ताजा पेस्ट और पारंपरिक गरम मसाले डाले जाते हैं. मसाले भुन जाने के बाद इसमें मटन के छोटे टुकड़े और पहले से भिगोए हुए चने डाले जाते हैं. इस डिश की मुख्य खासियत इसकी भुनाई है. इसे तब तक भूना जाता है जब तक कि मटन का पानी पूरी तरह सूख न जाए. मसाले मटन-चने के साथ लिपट न जाएं. यह पूरी तरह से सूखा और भुजिया की तरह तैयार किया जाता है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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