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Anchaar Banane Ka Tareeka: वैसे तो अचार खाना कई लोगों का शौक होता है. भोजन के साथ खाने पर यह जायके को और भी बढ़ा देता है. राजस्थान में लसोड़े का अचार गर्मियों में पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है. यह यहां पर बहुत ही प्रसिद्ध है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह महीनों तक सुरक्षित रहता है. स्वाद तो स्वाद यह पाचन व भूख के लिए फायदेमंद माना जाता है.

भीलवाड़ा. राजस्थान की पारंपरिक खानपान संस्कृति में लसोड़े का अचार एक खास स्थान रखता है. यह देसी अचार न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. आमतौर पर लसोड़े को गुंदे का अचार भी कहा जाता है. गर्मियों के मौसम में कच्चे लसोड़े को इकट्ठा कर खास मसालों और सरसों के तेल में डाला जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाएं पारंपरिक तरीके से लसोड़े का अचार तैयार करती हैं, वहीं शहरों में भी इसे काफी पसंद किया जाता है. यह अचार महीनों तक सुरक्षित रहता है और अपने खट्टे-तीखे स्वाद से साधारण भोजन को भी खास बना देता है.

दाल-रोटी हो या बाजरे की रोटी, लसोड़े का अचार हर व्यंजन के साथ बेहतरीन लगता है. एक बार तैयार होने के बाद यह करीब 6 महीने तक खराब नहीं होता और खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है. यही वजह है कि यह अचार हर घर की थाली में अपनी खास जगह बनाए हुए है.

पारंपरिक तरीके से तैयार होता है अचार
दुर्गा देवी पायक बताती हैं कि गर्मी का मौसम लसोड़े का अचार बनाने के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है. इस दौरान बाजार में लसोड़े की अच्छी आवक रहती है और लोग पीढ़ी दर पीढ़ी इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं. लसोड़े का अचार बनाने की प्रक्रिया भी ज्यादा जटिल नहीं है. सबसे पहले कच्चे लसोड़े को अच्छी तरह धोकर उबाल लिया जाता है, ताकि उसकी चिपचिपाहट कम हो जाए. इसके बाद इन्हें सुखाकर सरसों का तेल, नमक, हल्दी, लाल मिर्च, सौंफ, मेथी दाना और राई जैसे मसालों के साथ मिलाया जाता है. फिर इस मिश्रण को साफ कांच या मिट्टी के बर्तन में भरकर कुछ दिनों तक धूप में रखा जाता है. धूप लगने के बाद अचार पूरी तरह तैयार हो जाता है और खाने के लिए उपयुक्त बन जाता है.

स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद
इस अचार की सबसे बड़ी खासियत इसका अनोखा खट्टा-तीखा स्वाद है, जो साधारण भोजन को भी खास बना देता है. चाहे दाल-रोटी हो या बाजरे की रोटी, यह हर व्यंजन के साथ अच्छा लगता है. इसकी एक और खास बात यह है कि तैयार होने के बाद यह करीब 6 महीने तक खराब नहीं होता, जिससे लंबे समय तक इसका स्वाद लिया जा सकता है. स्वास्थ्य के नजरिए से भी लसोड़े का अचार फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद मसाले पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं और भूख बढ़ाने में मदद करते हैं. साथ ही सरसों के तेल में बना होने के कारण यह शरीर को ऊर्जा देने में भी सहायक होता है. यही वजह है कि अब ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है.

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Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



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