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Mahua Chocolate Recipe: पलामू टाइगर रिजर्व के महुआ उत्सव में फूड साइंटिस्ट अर्पणा ने एक नए चॉकलेट के बारे में लोगों को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जंगल में पाए जाने वाले महुआ से अनोखा चॉकलेज बनाया जा सकता है. यह स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी रामबाण है.
पलामू: बाजार में आपने अब तक कई तरह की चॉकलेट का स्वाद चखा होगा. जहां डार्क चॉकलेट, मिल्क चॉकलेट, ड्राई फ्रूट चॉकलेट और न जाने कितनी वैरायटी आज लोगों की पसंद बन चुकी है, लेकिन क्या आपने कभी महुआ से बनी चॉकलेट के बारे में सुना है. सुनने में भले ही यह थोड़ा अलग लगे, लेकिन स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से यह खास चॉकलेट लोगों को काफी पसंद आ रहा है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह चॉकलेट जंगलों में मिलने वाले महुआ, नारियल और चॉकलेट के मिश्रण से तैयार किया जाता है. आइये जानते हैं इसके बारे में.
पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में इन दिनों आयोजित महुआ उत्सव के दौरान इस अनोखी चॉकलेट ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. यहां पहुंचीं फूड साइंटिस्ट अर्पणा ने महुआ से तैयार इस खास चॉकलेट को लोगों के सामने पेश किया. उन्होंने बताया कि महुआ केवल पारंपरिक पेय या मिठाई तक सीमित नहीं है. बल्कि इससे कई तरह के पौष्टिक उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं. महुआ चॉकलेट उसी प्रयोग का एक नया और स्वादिष्ट उदाहरण है.
जानें पलामू की फूड एक्सपर्ट अपर्णा से
फूड साइंटिस्ट अर्पणा का कहना है कि जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाले प्राकृतिक उत्पादों को अगर सही तरीके से बाजार से जोड़ा जाए तो इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकता है. महुआ से बने ऐसे उत्पाद न सिर्फ स्वाद में खास हैं. बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकते हैं.
जानें महुआ चॉकलेट की रेसिपी
उन्होंने बताया कि इस चॉकलेट को तैयार करने के लिए सबसे पहले महुआ को साफ कर सुखाया जाता है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले छोटे आकार के महुआ फूल को पानी में भिगोकर अच्छी तरह फुलाया जाता है. फिर उसे हल्का गर्म कर पीस लिया जाता है. इसके बाद उसमें चॉकलेट और नारियल का बुरादा मिलाकर अच्छे से मिक्स किया जाता है. ताकि उसका स्वाद और टेक्सचर बेहतर बन सके. मिश्रण तैयार होने के बाद उसे छोटे-छोटे आकार में बनाकर नारियल के बुरादे में लपेट दिया जाता है. करीब 10 से 15 मिनट में तैयार होने वाली यह खास चॉकलेट स्वाद में बेहद लाजवाब होती है. अर्पणा के अनुसार इसे फ्रिज में रखकर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है और यह बच्चों के लिए भी एक बेहतर घरेलू विकल्प साबित हो सकती है.
चॉकलेट का स्वाद है अनोखा
महुआ उत्सव में पहुंचे लोगों ने इस अनोखी चॉकलेट का स्वाद चखा और इसकी जमकर सराहना की. कई लोगों के लिए यह पहली बार था. जब उन्होंने महुआ से बनी किसी चॉकलेट का स्वाद लिया. पलामू की यह अनोखी पहल अब धीरे-धीरे लोगों के बीच नई पहचान बना रही है. यह दिखा रही है कि जंगल के पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक स्वाद के साथ जोड़कर नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें