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सूरन का अचार स्वाद और सेहत दोनों के लिए खास माना जाता है. जिमीकंद, सरसों के तेल और देसी मसालों से बना यह अचार दाल-चावल, पराठे और रोजमर्रा के खाने का स्वाद बढ़ा देता है. सूरन को उबालकर और अच्छी तरह सुखाकर मसालों में मिलाया जाता है, जिससे अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. फाइबर से भरपूर सूरन पाचन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. सही तरीके से बनाया गया सूरन का अचार हर भोजन को ज्यादा स्वादिष्ट बना सकता है.

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सूरन का अचार

भारतीय खाने में अचार का स्वाद खाने को और भी खास बना देता है. आम, नींबू और मिर्च के अचार तो लगभग हर घर में बनते हैं, लेकिन सूरन का अचार भी स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहद खास माना जाता है. सूरन, जिसे जिमीकंद भी कहा जाता है, एक ऐसी सब्जी है जो मसालों के साथ मिलकर बेहद स्वादिष्ट अचार में बदल जाती है. इसका तीखा, खट्टा और मसालेदार स्वाद दाल-चावल से लेकर पराठों तक हर चीज के साथ खूब पसंद किया जाता है. सही तरीके से बनाया जाए तो यह अचार लंबे समय तक खराब भी नहीं होता और स्वाद में और भी बेहतर होता जाता है.

सूरन का अचार बनाने के लिए लगभग आधा किलो सूरन, सरसों का तेल, राई, मेथी दाना, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, सौंफ, हींग, नमक और नींबू का रस या सिरका चाहिए होता है. कुछ लोग इसमें थोड़ा सा गुड़ भी डालते हैं ताकि स्वाद हल्का खट्टा-मीठा हो जाए. अचार का असली स्वाद इसके मसालों और सही तेल की मात्रा पर निर्भर करता है.

सूरन तैयार करते समय रखें सावधानी
सूरन काटते समय हाथों में खुजली या जलन महसूस हो सकती है, इसलिए इसे काटने से पहले हाथों में तेल लगाना बेहतर माना जाता है. सूरन को छोटे टुकड़ों में काटकर हल्दी और नमक वाले पानी में हल्का उबाल लेना चाहिए. इससे इसकी कच्ची गंध कम हो जाती है और अचार का स्वाद भी बेहतर आता है. उबालने के बाद सूरन को पूरी तरह सूखा लेना जरूरी होता है ताकि अचार जल्दी खराब न हो.

मसालों से आता है असली स्वाद
एक पैन में सरसों का तेल गर्म करके ठंडा करें और फिर उसमें राई, मेथी, सौंफ और हींग डालें. इसके बाद हल्दी, लाल मिर्च और नमक मिलाएं. अब इसमें उबला हुआ सूरन डालकर अच्छी तरह मसाले में मिलाएं ताकि हर टुकड़े पर मसाला अच्छी तरह चढ़ जाए. आखिर में नींबू का रस या सिरका डालकर इसे कांच के साफ और सूखे जार में भर दें. 2 से 3 दिन धूप में रखने से अचार का स्वाद और भी अच्छा हो जाता है.

स्वाद के साथ सेहत के भी फायदे
सूरन को आयुर्वेद में भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. कुछ लोग इसे पेट के लिए हल्का और ऊर्जा देने वाला भी मानते हैं. मसालों और सरसों के तेल के साथ मिलकर यह अचार स्वाद बढ़ाने के साथ भूख बढ़ाने में भी मदद कर सकता है.

लंबे समय तक ऐसे रखें सुरक्षित
अगर अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है तो हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें. जार में नमी जाने से अचार जल्दी खराब हो सकता है. ऊपर से थोड़ा सरसों का तेल डालकर रखने से अचार ज्यादा दिनों तक अच्छा बना रहता है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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