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Rasaj Kadhi Recipe: बघेलखंड क्षेत्र की मशहूर रसाज कढ़ी अपने अनोखे स्वाद के लिए पूरे देश में पहचान बना चुकी है. चने की दाल और बेसन से बनने वाली यह पारंपरिक डिश खास तौर पर शादी, त्योहार और पारिवारिक आयोजनों में बनाई जाती है. सीधी, रीवा और सतना इलाके में इसका स्वाद बेहद पसंद किया जाता है.
Rasaj Kadhi Recipe: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसे विंध्य क्षेत्र की पहचान सिर्फ अपनी ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक खूबसूरती तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां का खानपान भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. इस क्षेत्र में कई ऐसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनका स्वाद देश के दूसरे हिस्सों में आसानी से नहीं मिलता. इन्हीं खास व्यंजनों में शामिल है, बघेलखंड की मशहूर रसाज कढ़ी, जो अपने अनोखे स्वाद के कारण लोगों की पहली पसंद बनी हुई है.
सीधी की रहने वाली रसोईया प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को बताया कि रसाज कढ़ी बघेलखंड का पारंपरिक व्यंजन माना जाता है. खासतौर पर सीधी, रीवा, सतना और आसपास के क्षेत्र में यह डिश काफी लोकप्रिय है. यूपी के भी कई इलाकों में इस डिश को पसंद किया जाता है. शादी-ब्याह, त्योहार और पारिवारिक आयोजनों में इसे विशेष रूप से बनाया जाता है. रसाज कढ़ी का स्वाद इतना अलग होता है कि इसे एक बार खाने वाला व्यक्ति इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाता.
जानें रसाज कढ़ी की रेसिपी
दरअसल, यह साधारण बेसन कढ़ी से पूरी तरह अलग होती है. इसमें चने के बेसन और मसालों से तैयार किए गए खास रसाज का उपयोग किया जाता है. यही रसाज इस कढ़ी को अलग पहचान देता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले बेसन में हल्दी, नमक और अन्य मसाले मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है. इसके बाद इस घोल को कड़ाही में पकाया जाता है, ताकि उसमें कोई गुठली न रहे और मिश्रण पूरी तरह स्मूद हो जाए. जब यह मिश्रण गाढ़ा हो जाता है, तब एक प्लेट में हल्का तेल लगाकर उसे फैला दिया जाता है. ठंडा होने के बाद इसे चौकोर टुकड़ों में काट लिया जाता है. इन्हीं टुकड़ों को रसाज कहा जाता है. इसके बाद असली कढ़ी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होती है.
तब डालें दही और बेसन का घोल
कढ़ी बनाने के लिए दही और बेसन का पतला घोल तैयार किया जाता है. फिर कड़ाही में तेल गर्म कर उसमें राई और मेथी का तड़का लगाया जाता है. इसके बाद प्याज और लहसुन डालकर अच्छी तरह भूना जाता है. फिर हल्दी और नमक डालकर मसालों को पकाया जाता है. अब इसमें दही और बेसन का घोल डालकर धीमी आंच पर पकाया जाता है. जब कढ़ी अच्छी तरह तैयार हो जाती है, तब उसमें पहले से बने रसाज डाल दिए जाते हैं. गरमागरम रसाज कढ़ी को चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है. इसका स्वाद खट्टा, मसालेदार और बेहद लजीज होता है. यही वजह है कि बघेलखंड आने वाले लोग यहां के इस पारंपरिक व्यंजन का स्वाद जरूर चखना पसंद करते हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें