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आजमगढ़ का सफेद गाजर का हलवा अपने अनोखे स्वाद और खास पहचान की वजह से लंबे समय से लोगों के बीच लोकप्रिय रहा है. अब इस पारंपरिक व्यंजन को एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत नई पहचान मिलने जा रही है. सफेद गाजर का हलवा, लौंगलता और मूंग दाल की तहरी को सरकार ने आजमगढ़ के विशेष व्यंजनों के रूप में चिन्हित किया है, जिनकी ब्रांडिंग, पैकेेजिंग और बाजार विस्तार पर काम किया जाएगा. इससे न सिर्फ स्थानीय कारीगरों और हलवाइयों को फायदा मिलेगा, बल्कि आजमगढ़ का यह देसी स्वाद देश और विदेश तक अपनी अलग पहचान बना सकेगा.

आजमगढ़ जिले में बनने वाला सफेद गाजर का हलवा और लौंगलता अपने आप में बेहद यूनिक और स्वादिष्ट डिश मानी जाती है, इसमें भी सफेद गाजर का हलवा एक ऐसी डिश है जो केवल और केवल आजमगढ़ जनपद में ही देखने को मिलती है, सबसे खास बात यह है कि इस हलवा को बनाने के लिए सफेद गाजर की खेती भी यहीं की जाती है.

आजमगढ़ के इस यूनिक दिश और यूनिक स्वाद को अब इंटरनेशनल पहचान मिलने जा रही है एक जनपद एक व्यंजन योजना के तहत आजमगढ़ के सफेद गाजर के हलवे, लौंगलता और मूंग दाल की तहरी को चिन्हित किया गया है इसके व्यापार को बढ़ावा देने और इसे आजमगढ़ के ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार की तरफ से योजनाओं का संचालन किया जाएगा, ताकि आजमगढ़ के साथ-साथ इन देशों को प्रदेश और देश स्तर पर भी पहचान मिल सके.

प्रदेश सरकार के द्वारा एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों से प्रमुख व्यंजनों का चयन किया जा रहा है जिसमें विभिन्न जगह पर तैयार होने वाले परंपरागत व्यंजनों का चयन किया जाएगा और उनकी गुणवत्ता में सुधार करते हुए पैकेजिंग ब्रांडिंग और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करने के लिए कार्य किया जाएगा.

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हर जिले के परंपरागत प्रमुख व्यंजनों को सुरक्षित मानकीकृत और आधुनिक बनाया जाएगा और उन्हें गुणवत्ता के आधार पर आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष काम किया जाएगा ताकि उन्हें जनपद के साथ-साथ अन्य जगहों पर भी बेचने योग्य बनाया जा सके.

इस योजना के तहत इन परंपरागत व्यंजनों को तैयार करने वाले हलवाइयों कारीगरों और खाद्य उद्यमियों को तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा साथ ही साथ उन्हें मेलो व प्रदर्शनियों के जरिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि इन परंपरागत व्यंजनों को अन्य जगहों पर भी लोग जान सके और इनके स्वाद का लुफ्त उठा सके ताकि अन्य जगहों पर भी इसकी मांग बढ़ सके.

इस योजना के अंतर्गत उद्यमियों को अधिकतम 20 लख रुपए तक की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी जिसमें 25 प्रतिशत का अनुदान भी दिया जाना है. इस विषय पर जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त उद्योग आजमगढ़ जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि एक जिला एक व्यंजन के अंतर्गत आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर में बनने वाले सफेद गाजर के हलवे के साथ-साथ लौंग लता और मूंग की तहरी को चिन्हित किया गया है.

इन व्यंजनों को योजना के अंतर्गत चिन्नांकन के बाद सरकार के द्वारा उनके उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जाएगा बेहतर ब्रांडिंग पैकेजिंग के साथ-साथ व्यंजनों की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए कारीगरों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि अन्य जगहों पर भी इन्हें उपलब्ध कराया जा सके और इन्हें नई मार्केट मिल सके.

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