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Hyderabadi Sukke Kebab Recipe: हैदराबाद का पारंपरिक ‘सुक्के कबाब’ संरक्षण की एक अद्भुत कला है. बिना फ्रिज के मांस को महीनों तक सुरक्षित रखने के लिए इसे बिना फैट के काटा जाता है, मसालों में लपेटा जाता है और कई दिनों तक तेज धूप में सुखाया जाता है. खाने से पहले इन्हें फ्राई करने पर ये कुरकुरे हो जाते हैं. इसका तीखा और नमकीन स्वाद हैदराबाद के लोगों को बेहद पसंद है, जिसे अक्सर खट्टी दाल और चावल के साथ परोसा जाता है. यह तकनीक आज भी पुरानी संस्कृति और पूर्वजों के हुनर को जीवंत रखे हुए है.
Hyderabad: हैदराबाद के पुराने शहर की गलियों में आज भी एक ऐसी कला जीवित है जो फ्रिज और कोल्ड स्टोरेज के आविष्कार से बहुत पुरानी है. बात हो रही है ‘सुक्के कबाब’ की, जिसे बनाने की तकनीक दादी-नानी के जमाने से चली आ रही है. पिछले कुछ वर्षों में मौसम के बदलते मिजाज और उमस के कारण यह परंपरा कुछ फीकी पड़ गई थी, लेकिन आज भी हैदराबाद के कई घरों में मांस को बिना फ्रिज के महीनों तक सुरक्षित रखने का यह हुनर कायम है. यह न केवल स्वाद का मामला है, बल्कि संरक्षण की एक ऐसी तकनीक है जो हमारे पूर्वजों की बुद्धिमानी को दर्शाती है.
सुक्के कबाब को बनाने की प्रक्रिया धैर्य और बारीकी की मांग करती है. इसकी सबसे बड़ी शर्त यह है कि मांस पूरी तरह से हड्डी रहित और बिना फैट यानी वसा वाला होना चाहिए. फैट का एक छोटा सा टुकड़ा भी पूरे मांस को खराब कर सकता है, इसलिए इसे हटाकर मांस को कागज जैसा पतला काटा जाता है. इसके बाद इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, लाल मिर्च, हल्दी, गरम मसाला और भारी मात्रा में नमक का लेप लगाया जाता है. यहाँ नमक और हल्दी प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव की तरह काम करते हैं, जो मांस को बैक्टीरिया से बचाते हैं.
धूप से मिलता है कुरकुरापन
इन मसालेदार मांस की पट्टियों को मजबूत धागों या हैंगर में पिरोकर तीन से चार दिनों तक तेज धूप में सुखाया जाता है, जिससे इसमें बची नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है. नमी के बिना, मांस के खराब होने की संभावना खत्म हो जाती है. सूखने के बाद इन्हें एयरटाइट जार में महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है. खाने से ठीक पहले जब इन सूखे टुकड़ों को खौलते तेल में डीप-फ्राई किया जाता है, तो ये पल भर में फूलकर कुरकुरे और लाजवाब हो जाते हैं. मात्र एक मिनट में मसालों और मांस का एक गहरा, लाजवाब स्वाद उभर कर सामने आता है.
हैदराबादी खान-पान का अभिन्न हिस्सा
हैदराबादी खान-पान में सुक्के कबाब का एक विशेष स्थान है. इनका स्वाद काफी तीखा और नमकीन होता है, जिसे लोग सबसे ज्यादा गरमा-गरम खट्टी दाल और उबले हुए सफेद चावल के साथ पसंद करते हैं. इसके अलावा, कई घरों में प्याज के साथ भूनकर इसका स्वादिष्ट सालन भी बनाया जाता है. सादे दाल-चावल के साथ कबाब का तीखा और कुरकुरा स्वाद इस पारंपरिक भोजन को किसी दावत से कम नहीं बनाता. तकनीक के इस दौर में भी यह स्वाद हैदराबाद की संस्कृति को जिंदा रखे हुए है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें