स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी डाइट सबसे जरूरी है. अगर आपके खानपान में पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन डी, फाइबर, हेल्दी फैट्स, पोटैशियम आदि शामिल न हों तो आपके शरीर में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. प्रोटीन की बात करें तो ये मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाए रखने, विकास, मरम्मत, शरीर के निर्माण, स्किन, बाल, नाखूनों को भी हेल्दी रखने के लिए जरूरी है. जो लोग शाकाहारी हैं,उन्हें प्रोटीन पनीर, दालें, अनाजों, ड्राई फ्रूट्स से मिल सकता है, वहीं मांसाहारी (नॉनवेज) खाने वालों को अंडा, मछली, चिकन, मटन से प्रोटीन की पूर्ति हो जाती है. मांसाहारी खाद्य पदार्थों में चिकन, मटन और मछली को प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन इनके पोषण और स्वास्थ्य लाभ अलग-अलग होते हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि मटन, मछली, चिकन में किसमें सबसे अधिक प्रोटीन होता है और शरीर के लिए फायदेमंद कौन है सबसे ज्यादा?

मटन, चिकन, फिश में कितना प्रोटीन होता है?

बात करें 100 ग्राम पके हुए नॉनवेज फूड्स की तो इनमें-

100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट में लगभग 27 से 31 ग्राम प्रोटीन होता है.
मछली (प्रजाति अनुसार) 20 से 25 ग्राम प्रोटीन होता है.
100 ग्राम मटन में लगभग 20-25 ग्राम प्रोटीन मिलता है.

ऐसे में इन तीनों नॉनवेज आइटम्स में प्रोटीन की मात्रा के मामले में चिकन सबसे आगे होता है.

चिकन खाने के फायदे
मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाता है. मांसपेशियों की मरम्मत करता है. चिकन में हाई क्वालिटी वाला लीन प्रोटीन होता है, जो मसल्स बनाने और उनकी रिकवरी में मदद करता है. चिकन में लो फैट होता है, इसलिए नुकसानदायक नहीं है. स्किनलेस चिकन में सैचुरेटेड फैट (Saturated Fat) मटन, फिश की तुलना में कम होता है. चिकन खाने से वजन कंट्रोल में रहता है, क्योंकि इसमें अनहेल्दी फैट, कैलोरी अधिक नहीं होती. चिकन खाकर पेट लंबे समय तक भरा रहता है.

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मछली खाने के फायदे
मछली में भी प्रोटीन और ओमेगा 3 फैटी एसिड अधिक होता है. हार्ट और आंखों के लिए मछली बेहद हेल्दी है. ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. दिमाग की सेहत के लिए भी मछली हेल्दी होती है. ओमेगा-3 मस्तिष्क के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है. साथ ही ये आसानी से पच जाती है. कुछ लोगों को चिकन, मटन की तुलना में मछली जल्दी पच जाती है.

मटन खाने के फायदे
आयरन और विटामिन B12 का अच्छा स्रोत होता है मटन. हालांकि, जिन लोगों को हार्ट से संबंधित समस्याएं हैं, फैटी लिवर है, उन्हें रेड मीट खाने की सलाह बेहद कम एक्सपर्ट्स देते हैं. मटन में आयरन, जिंक और विटामिन B12 भरपूर होते हैं, जो शरीर की कमजोरी को दूर करता है. यह शरीर को ऊर्जा और आवश्यक खनिज प्रदान करता है. हालांकि, मटन में संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल मछली और चिकन की तुलना में काफी अधिक होते हैं, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना ही बेहतर माना जाता है.

मटन, चिकन और मछली में कौन सबसे ज्यादा फायदेमंद?
फिटनेस और हाई प्रोटीन पाने के लिए चिकन सबसे बेहतर ऑप्शन हो सकता है. हार्ट और मस्तिष्क को हेल्दी रखने के लिए मछली को सबसे स्वस्थ विकल्पों में गिना जाता है. खासकर फैटी फिश जैसे सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल दिल, ब्रेन के लिए हेल्दी होती हैं. शरीर में आयरन और पोषण की कमी हो तो मटन को बेहतर माना जाता है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. सिर्फ प्रोटीन की बात करें तो चिकन सबसे बेस्ट है. संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ की बात करें तो मछली को अक्सर सबसे संतुलित और लाभकारी विकल्प माना जाता है. वहीं, मटन भी पोषक तत्वों से भरपूर है, लेकिन इसमें अधिक फैट होता है, इसलिए सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए. हालांकि, तीनों को हर दिन खाने से परहेज ही करना चाहिए. हेल्दी डाइट और प्रोटीन, आयरन, ओमेगा-3 फैटी एसिड की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन तीनों का ही सीमित और संतुलित रूप से सेवन किया जा सकता है.

किन लोगों को जरूर करना चाहिए सेवन?
-चिकन उन्हें जरूर खाना चाहिए जो हर दिन जिम जाकर वर्कआउट करते हैं. खिलाड़ियों को जिन्हें मसल्स को मजबूत बनाए रखना बहुत जरूरी है. सर्जरी या बीमारी से रिकवरी कर रहे लोगों को भी चिकन खाना चाहिए.

-मछली उन्हें खानी चाहिए जिन्हें हार्ट से संबंधित कोई समस्या हो. बुजुर्गों को भी ब्रेन को बूस्ट करने के लिए खाना चाहिए. ब्रेन को हेल्दी रखने वालों को फिश खाना चाहिए. इससे याद्दाश्त बेहतर होती है. मेमोरी पावर बूस्ट होती है.

-मटन उन्हें खाना चाहिए, जिन्हें आयरन की कमी है. हालांकि, डॉक्टर की सलाह अनुसार ही मात्रा जानकर सेवन करें. जिन्हें एनर्जी की जरूरत अधिक होती है.



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