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कोडरमा की राधिका प्रजापति ने मिक्स दाल चीला की हेल्दी रेसिपी साझा की है. इसे मूंग दाल, चना, चावल और लौकी मिलाकर तैयार किया जाता है. यह नाश्ता प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है. इसे खाने से दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. इसे टमाटर या धनिया की चटनी के साथ परोसा जाता है.

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कोडरमा: अगर आप ऐसे नाश्ते की तलाश में हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर और पोषण से भरपूर हो, तो घर में आसानी से उपलब्ध दाल, चना और चावल से तैयार होने वाला मिक्स दाल चीला एक बेहतरीन विकल्प है. कोडरमा की गृहिणी राधिका प्रजापति ने इस आसान और हेल्दी रेसिपी को साझा करते हुए बताया कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और यह पूरे परिवार के लिए पौष्टिक नाश्ता साबित हो सकता है. उन्होंने बताया कि इस नाश्ते को बनाने के लिए हरा मूंग दाल, पीला मूंग दाल, काला चना और अरवा चावल की आवश्यकता होती है. इन सभी सामग्री को जरूरत के अनुसार रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है. जिससे वे अच्छी तरह नरम हो जाएं और आसानी से पीसे जा सकें.

सुनहरा और कुरकुरा होने तक पकाएं
इसके बाद अगले दिन भीगी हुई सामग्री में हरी मिर्च और अदरक मिलाकर मिक्सर ग्राइंडर में पीस लिया जाता है. पेस्ट बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि मिश्रण न तो बहुत पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा, ताकि चीला आसानी से तैयार हो सके. इसके बाद इस मिश्रण में कद्दूकस की हुई लौकी और बारीक कटा प्याज मिलाया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नमक, एक छोटा चम्मच हल्दी, गरम मसाला तथा घर में तैयार किया गया जीरा, अदरक, लहसुन और मिर्च का पेस्ट भी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लिया जाता है. इसके बाद तैयार मिश्रण को हल्के सरसों तेल से चिकने किए गए गर्म फ्राइंग पैन पर चीले के आकार में फैलाकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक पकाया जाता है. उन्होंने बताया कि इसे टमाटर की चटनी या धनिया की चटनी के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

दिन भर मिलता है ऊर्जा 
राधिका ने बताया कि इस नाश्ते में विभिन्न प्रकार की दालों और चने का उपयोग होने के कारण यह प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत बन जाता है. जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और शरीर को दिनभर ऊर्जा मिलती रहती है. साथ ही लौकी जैसी सब्जी मिलाने से यह पाचन के लिए भी हल्का और लाभकारी बन जाता है. इस रेसिपी की एक खास बात यह भी है कि जो बच्चे सामान्य रूप से लौकी खाना पसंद नहीं करते, वे भी इस चीले में मिली लौकी को बिना किसी परेशानी के खा लेते हैं. इस तरह स्वाद के साथ-साथ बच्चों और बड़ों दोनों को सब्जियों का पोषण भी आसानी से मिल जाता है.

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Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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