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Kadhi Bhajiya Recipe: टामिन बाई ने लोकल 18 से कहा कि उन्होंने कढ़ी भजिया की यह खास रेसिपी अपनी माताजी से सीखी थी और तभी से इसे बनाती आ रही हैं. यह डिश रोटी के साथ भी खाई जा सकती है लेकिन चावल के साथ इसका स्वाद और भी हो जाता है.

बालोद. छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खानपान संस्कृति में कई ऐसे व्यंजन शामिल हैं, जो आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं. इन्हीं में से एक है छत्तीसगढ़ी कढ़ी भजिया, जिसका स्वाद गांव से लेकर शहर तक लोगों को खूब पसंद आता है. खासकर गर्मी के मौसम में यह सब्जी लोगों की थाली में विशेष जगह बनाती है. स्थानीय स्वाद और घरेलू मसालों से तैयार होने वाली यह डिश न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि पाचन के लिहाज से भी हल्की मानी जाती है. इसी पारंपरिक रेसिपी को वर्षों से जीवित रखे हुए हैं बालोद की टामिन बाई पटेल, जो पिछले 20 वर्षों से इस खास व्यंजन को बनाती आ रही हैं.

टामिन बाई पटेल लोकल 18 को बताती हैं कि छत्तीसगढ़ी कढ़ी भजिया बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है लेकिन सही स्वाद के लिए पारंपरिक तरीका अपनाना जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि सबसे पहले बेसन से भजिया तैयार की जाती है. इसके बाद कड़ाही में तेल गर्म कर उसमें जीरा, सरसों और मीठा नीम पत्ता डालकर तड़का लगाया जाता है. यही तड़का इस सब्जी के स्वाद को खास बनाता है.

मसाला तैयार होने के बाद मिलाएं दही
उन्होंने बताया कि इसके बाद मसाले के रूप में पिसा हुआ टमाटर, लहसुन का पेस्ट, हल्दी, मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालकर अच्छे से पकाया जाता है. जब मसाला अच्छी तरह तैयार हो जाता है, तब उसमें दही मिलाया जाता है. दही डालने के बाद मिश्रण को उबाल आने तक पकाया जाता है. उबाल आने के बाद पहले से तैयार भजिया इसमें डाल दी जाती है और करीब 10 मिनट तक धीमी आंच में पकने दिया जाता है. इसके बाद स्वादिष्ट और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी कढ़ी भजिया तैयार हो जाती है.

माताजी से सीखी थी रेसिपी
टामिन बाई ने आगे बताया कि उन्होंने यह खास रेसिपी अपनी माताजी से सीखी थी और तभी से इसे बनाती आ रही हैं. उनके अनुसार यह व्यंजन रोटी के साथ भी खाया जा सकता है लेकिन चावल के साथ इसका स्वाद और भी बेहतर लगता है. गर्मी के दिनों में छत्तीसगढ़ में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है और लोग इसे बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं. यह व्यंजन आज भी प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा को जीवित रखने का काम कर रहा है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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