Tapeworms in Vegetables: मानसून का समय तो बहुत सुहाना होता है. भीषण गर्मी से आपको राहत मिलती है, लेकिन इस बारिश के मौसम में कई तरह के रोगों के होने का रिस्क भी बढ़ जाता है. खासकर, खानपान को लेकर सावधानी ना बरती जाए तो फूड पॉयजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, पेट में इंफेक्शन आदि की समस्याएं लोगों को बहुत परेशान करती हैं. ऐसे में जितना हो सके घर का बना खाना खाना चाहिए. सड़क, गली के किनारे ठेले पर मिलने वाली चीजों के सेवन से दूर रहना चाहिए. इसी तरह से मानसून के मौसम में कुछ सब्जियों, फलों का सेवन भी ध्यान से करना चाहिए. इन्हें सही तरीके से साफ करके ही पकाना-खाना चाहिए, क्योंकि इनमें नमी, गंदगी के कारण टेपवॉर्म, बैक्टीरिया, कीटाणु, धूल-मिट्टी होने की संभावना बहुत अधिक रहती है. कुछ सब्जियों को खाने में भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इनमें खतरनाक टेपवॉर्म छिपे होने का रिस्क रहता है.
मानसून में इन सब्जियों में हो सकते हैं टेपवॉर्म
– वैसे तो सेहत के लिए हरी सब्जियों का सेवन हर दिन करना बहुत जरूरी है, लेकिन बारिश के मौसम में कुछ सब्जियों का सेवन से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इनमें कई तरह के परजीवी, कीड़े, बैक्टीरिया यहां तक की खतरनाक टेपवॉर्म भी हो सकते हैं.
– बारिश में जब भी सब्जियां खरीदें, इन्हें अच्छी तरह से साफ कर लें. इन्हें पहले सादे पानी से साफ करें और फिर नमक वाले हल्के गुनगुने पानी में कुछ मिनट डुबाकर रखें. इससे सारे परजीवी, बैक्टीरिया मर जाएंगे.
-नोएडा के मेट्रो अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार के अनुसार, बरसात के मौसम में कुछ सब्जियों को खाने से परहेज करना चाहिए या फिर उन्हें अच्छी तरह से धो-पकाकर खाना चाहिए.
-फूलगोभी, पत्तागोभी खाने से भी परहेज करना चाहिए, क्योंकि इन सब्जियों में टेपवर्म के अंडे मौजूद हो सकते हैं. यदि आपने इन्हें सही से धोया और पकाया नहीं तो गंभीर रूप से संक्रमण हो सकता है. आपको पेट दर्द, फूड पॉयजनिंग, उल्टी, दस्त आदि समस्याएं हो सकती हैं. ये परजीवी कई बार नंगी आंखों से नहीं दिखाई देते हैं, लेकिन एक बार शरीर में चले गए तो ये लिवर, मसल्स, मस्तिष्क तक को नुकसान पहुंचा सकते हैं. पत्तागोभी में सबसे अधिक टेपवर्म परजीवी पाए जाते हैं. ये पत्तों में छिपे रहते हैं, जो आसानी से दिखते नहीं हैं.
– शिमला मिर्च को भी जब काटें तो ध्यान से अंदर देख लें कही कोई कीड़ा, परजीवी का अंडा तो मौजूद नहीं है. इन्हें अच्छी तरह से काटकर, धोकर और पकाकर ही खाएं.
– बैंगन को काटने में सावधानी बरतें, क्योंकि बारिश के मौसम में इस सब्जी में कीड़े बहुत होते हैं. कीड़े काटने में दिखें तो इसे फेंक दें. एक्सपर्ट की मानें तो बैंगन में मौजूद कुछ पैरासाइट्स पकने के बाद भी जीवित रह जाते हैं.
-बारिश के मौसम में कच्ची सब्जियां भूलकर भी न खाएं. पत्तागोभी, लेट्यूस (Lettuce), पालक आदि पत्तेदार सब्जियों को कच्ची खाने की गलती न करें. ये टेपवर्म आपके पाचन तंत्र, दिमाग तक को नुकसान पहुंचा सकता है. ये पैरासाइट्स पाचन तंत्र में जीवित रह सकते हैं और अंडे भी दे सकते हैं.
-टेपवर्म के कारण होने वाले इंफेक्शन से कई गंभीर शारीरिक जटिलताएं आपको हो सकती हैं. आपकी मांसपेशियों में सूजन हो सकती है. दौरे पड़ सकते हैं, सिरदर्द और न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस नामक जानलेवा मस्तिष्क संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं.
क्या करें
हरी सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर और पका कर ही खाएं. पालक,सरसों, चौलाई, लेट्यूस, मेथी, पत्तागोभी, धनिया पत्ती आदि पत्तेदार सब्जियों की पत्तियों में कीड़े, धूल-मिट्टी, परजीवियों के अंडे आसानी से चिपक सकते हैं. बहते पानी से 2 से 3 बार अच्छी तरह से हरी पत्तेदार सब्जियों को धोएं. नमक, सिरका, बेकिंग सोडा को पानी में डालकर सब्जियों को 15-20 मिनट भिगोकर रखें.
क्या सब्जियों से टेपवॉर्म होता है?
टेपवॉर्म इंफेक्शन आमतौर पर दूषित या अधपके मांस के सेवन से होता है. वैसे, सब्जियां मिट्टी में उगती हैं, जिसपर संक्रमित मिट्टी, गंदा पानी, मानव/पशु मल से दूषित होती हैं. इन सब्जियों पर परजीवियों के अंडे चिपके हो सकते हैं, इसलिए मानसून में सब्जियों की साफ-सफाई सही तरीके से बेहद जरूरी है. इन्हें अच्छी तरह से पका कर खाना भी आपकी सेहत के लिए हेल्दी होगा.