बिहार के बाजारों में इन दिनों रूपचंद मछली की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. अपने आकर्षक और सुंदर रूप के कारण इसे रूपचंद नाम दिया गया है. कुछ समय पहले तक बिहार में यह मछली दुर्लभ थी, लेकिन अब पूर्वी चंपारण समेत राज्य के कई जिलों में इसका पालन किया जा रहा है, जिससे इसकी उपलब्धता बढ़ गई है. रूपचंद मछली की बढ़ती मांग के पीछे इसके कई विशेष गुण हैं. स्थानीय मछली विक्रेताओं के अनुसार यह मूल रूप से समुद्री मछली है लेकिन अब स्थानीय स्तर पर भी पाली जा रही है. स्वाद में यह मछली शानदार मीठी और लाजवाब होती है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें कांटों की संख्या कम और वे अन्य मछलियों की तुलना में मोटे होते हैं, जिससे बच्चों के लिए इसे खाना सुरक्षित और आसान हो जाता है. साथ ही इस मछली की सफाई करना भी आसान है क्योंकि इसमें कचरा कम निकलता है. वर्तमान में पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर जैसे बाजारों में यह 150 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है. इस वीडियो में इसके बारे में विस्तार से जान सकेंगे.