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ग्वार की फली ‘भटोय’ की सब्जी ऐसे बनाएंगे, तो बच्चे भी मांग-मांग कर खाएंगे

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Gwar Phali Sabzi Recipe: हरी सब्जियों में ग्वार की फली, जिसे देश के कई हिस्सों में ‘भटोय’ भी कहा जाता है, सेहत और स्वाद का एक बेहतरीन कॉम्बो है. अक्सर लोग इसे साधारण सी सब्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर इसे सही मसालों और सही तरीके से बनाया जाए, तो इसका स्वाद किसी शाही सब्जी से कम नहीं लगता. भटोय की फली न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह फाइबर और विटामिंस से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है. आइए जानते हैं भटोय (ग्वार की फली) की मसालेदार और सूखी सब्जी बनाने की सबसे आसान व पारंपरिक रेसिपी, जिसे खाकर हर कोई आपकी तारीफ करेगा.

ग्वार की फली यानी भटोय की स्वादिष्ट सब्जी बनाने के लिए आपको इन सामग्रियों की आवश्यकता होगी. ताजी भटोय की फली, प्याज, दो टमाटर, अदरक, लहसुन की कलियां, हरी मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, जीरा, हींग, तेल, नमक तथा सजावट के लिए बारीक कटा हुआ हरा धनिया.

सबसे पहले भटोय की फलियों को साफ पानी से दो से तीन बार अच्छी तरह धो लेना चाहिए, जिससे इसमें लगी मिट्टी और धूल पूरी तरह निकल जाए. इसके बाद फली के दोनों सिरों के रेशेदार भाग (नाखून की मदद से) को तोड़कर निकाल देना चाहिए. अगर फली अधिक लंबी हो, तो उसे दो या तीन टुकड़ों में काट लेना है. जब फली पूरी तरह साफ हो जाए, तो उसे एक छलनी में रखकर उसका अतिरिक्त पानी निकाल देना चाहिए. ऐसा करने से भटोय की सब्जी जल्दी पक जाती है.

फली साफ करने के बाद, एक कड़ाही में तेल गर्म कर लें और उसमें जीरा व हींग डाल लें. जब जीरा चटकने लगे, तो बारीक कटा हुआ प्याज डालकर उसे हल्का सुनहरा होने तक भून लेना है. अब इसमें अदरक, लहसुन और हरी मिर्च का पेस्ट या बारीक कटी मिर्च डालकर कुछ मिनट तक पकाएं. इसके बाद टमाटर, हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक मिलाकर मसाले को तब तक भूनें, जब तक कि मसाले से तेल अलग न दिखाई देने लगे. अच्छी तरह भुना हुआ मसाला सब्जी का स्वाद दोगुना कर देता है.

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जब मसाला तैयार हो जाए, तो इसमें कटी हुई भटोय की फली डालें और अच्छी तरह मिलाकर चार से पांच मिनट तक भून लें. फिर इसमें थोड़ा सा पानी डालें और कड़ाही को ढक्कन से ढक देना चाहिए. अब आंच को धीमा करके सब्जी को 10 से 15 मिनट तक पकने दें. बीच-बीच में सब्जी को चलाते रहें ताकि वह कड़ाही के तले में न लगे. भटोय को तब तक पकाना है जब तक कि यह पूरी तरह नरम न हो जाए और मसाला इसके अंदर अच्छी तरह से न मिल जाए.

सब्जी पूरी तरह पक जाने के बाद इसमें ऊपर से थोड़ा गरम मसाला और बारीक कटा हुआ हरा धनिया डाल दें. अगर आपको सब्जी में हल्का खट्टापन पसंद हो, तो आप इसमें थोड़ा अमचूर पाउडर या नींबू का रस भी मिला सकते हैं. कुछ लोग इस सब्जी में भुना हुआ बेसन भी डाल देते हैं, जिससे सब्जी का स्वाद और गाढ़ापन दोनों ही काफी बढ़ जाता है. ध्यान रखें कि मसालों की मात्रा हमेशा अपने स्वाद के अनुसार ही रखनी चाहिए.

भटोय की फली की सब्जी गरमागरम गेहूं की रोटी, बाजरे की रोटी, ज्वार की रोटी, पराठे या फिर सादे चावल के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है. इसके साथ ही यदि थाली में दही, बूंदी का रायता, हरी मिर्च, नींबू और प्याज का सलाद परोसा जाए, तो भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. अगर इसके साथ दाल और पापड़ भी शामिल कर लिए जाएं, तो यह एक पूरा, संतुलित और पौष्टिक भोजन बन जाता है.

सब्जी के लिए हमेशा कोमल और हरी भटोय की फलियां ही चुनें, क्योंकि पुरानी या ज्यादा पकी हुई फलियां अधिक रेशेदार होती हैं और उन्हें पकने में भी अधिक समय लगता है. इसके अलावा, जब भी मसाला पकाएं, उसे कभी भी तेज आंच पर न भूनें. सब्जी में पानी भी सीमित मात्रा में ही डालना चाहिए जिससे सब्जी ज्यादा पतली (रसेदार) न होने पाए. पकाते समय इसे बीच-बीच में चलाते रहें और अंत में नमक की मात्रा जरूर जांच लेनी चाहिए.

भटोय की फली न्यूट्रिशन का पावरहाउस है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन, कैल्शियम, आयरन और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं. अगर इसका नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो इससे हमारा पाचन तंत्र अधिक बेहतर बनता है. इसके उच्च फाइबर गुणों के कारण लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जो वजन नियंत्रित रखने और शरीर को आवश्यक पोषण देने में बेहद मददगार साबित होता है.

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