Rice Cooking Tips: खाना बनाने वाले लगभग हर इंसान के साथ कभी न कभी ऐसा जरूर हुआ होगा कि चावल पकाने के बाद वे आपस में चिपक गए. देखने में साधारण लगने वाली यह परेशानी पूरे खाने का स्वाद और अनुभव बदल देती है. कई लोग इसे चावल की गुणवत्ता का दोष मान लेते हैं, जबकि असल वजह अक्सर पकाने का तरीका होता है. थोड़ा-सा ध्यान और कुछ आसान आदतें अपनाकर आप हर बार लंबे, अलग-अलग और खिलखिले चावल तैयार कर सकते हैं.
चाहे आप रोज़ के खाने के लिए चावल बना रहे हों या फिर मेहमानों के लिए पुलाव, सही तकनीक का इस्तेमाल काफी फर्क पैदा करता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी महंगे बर्तन या खास सामग्री की जरूरत नहीं होती. बस कुछ छोटे-छोटे नियम याद रखें और चावल पकाते समय जल्दबाजी से बचें, अगर आप भी चाहते हैं कि आपके चावल कभी चिपचिपे न बनें, तो ये पांच आसान तरीके आपके बहुत काम आने वाले हैं.
चावल पकाने से पहले अच्छी तरह धोना है सबसे पहला कदम
अक्सर लोग चावल को सिर्फ एक बार पानी से धोकर सीधे गैस पर चढ़ा देते हैं. यही सबसे बड़ी गलती हो सकती है. कच्चे चावल में मौजूद अतिरिक्त स्टार्च पकने के दौरान दानों को आपस में चिपका देता है. चावल को ठंडे पानी से तीन से चार बार धोएं. जब तक पानी लगभग साफ दिखाई न देने लगे, तब तक धोते रहें. इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है और पकने के बाद दाने अलग-अलग रहते हैं. यही तरीका होटल और रेस्तरां में भी अपनाया जाता है.
1. सही पानी का अनुपात ही बनाता है चावल को परफेक्ट
जितना जरूरी चावल, उतना ही जरूरी पानी चावल पकाते समय पानी की मात्रा का सही होना बेहद जरूरी है. जरूरत से ज्यादा पानी डालने पर चावल जरूरत से ज्यादा नरम होकर चिपक सकते हैं, जबकि कम पानी में वे अधपके रह सकते हैं. सामान्य सफेद चावल के लिए एक कप चावल में करीब डेढ़ कप पानी पर्याप्त माना जाता है. हालांकि अलग-अलग किस्म के चावल में यह अनुपात थोड़ा बदल सकता है, इसलिए पैकेट पर दिए गए निर्देशों पर भी नजर डालना बेहतर रहता है.
2. पकते समय बार-बार ढक्कन खोलने और चलाने से बचें
कई लोगों की आदत होती है कि चावल पकते समय हर दो-तीन मिनट में ढक्कन उठाकर देखते रहते हैं या फिर चम्मच से चलाते रहते हैं. ऐसा करने से दाने टूटने लगते हैं और उनमें मौजूद स्टार्च बाहर निकल आता है. जब स्टार्च बाहर आता है तो चावल ज्यादा चिपचिपे हो जाते हैं. इसलिए एक बार ढक्कन बंद करने के बाद चावल पकने तक उसे बार-बार खोलने या हिलाने से बचें.
3. धीमी आंच पर पकेंगे तो दाने रहेंगे अलग-अलग
तेज आंच कई बार बिगाड़ देती है पूरी मेहनत शुरुआत में पानी को उबाल आने तक तेज आंच पर रखें, लेकिन जैसे ही पानी उबलने लगे, गैस को धीमा कर दें. इसके बाद ढक्कन लगाकर चावल को आराम से पकने दें. तेज आंच पर पानी बहुत जल्दी सूख सकता है, जिससे चावल ऊपर से पक जाते हैं लेकिन अंदर से कच्चे रह सकते हैं. वहीं धीमी आंच पर पकने से हर दाना बराबर तरीके से पकता है और उसकी बनावट बेहतर रहती है.
4. पकने के बाद तुरंत परोसने की जल्दबाजी न करें
चावल तैयार होने के बाद गैस बंद कर दें और बर्तन को करीब 10 मिनट तक वैसे ही ढका रहने दें. इस दौरान भाप पूरे बर्तन में बराबर फैलती है और बची हुई नमी भी संतुलित हो जाती है. इसके बाद कांटे या हल्के चम्मच की मदद से चावल को धीरे-धीरे फुलाएं. इससे दाने टूटते नहीं हैं और उनका आकार भी बना रहता है.
5. छोटी-छोटी आदतें बदलें, हर बार मिलेगा शानदार परिणाम
रोजमर्रा की रसोई में अक्सर लोग समय बचाने के लिए कुछ कदम छोड़ देते हैं, लेकिन यही छोटी-छोटी बातें अंतिम परिणाम तय करती हैं, अगर चावल को सही तरह धोया जाए, पानी का संतुलन रखा जाए, पकते समय उसे बिना वजह न छेड़ा जाए और पकने के बाद थोड़ा आराम दिया जाए, तो हर बार चावल का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर मिलेंगे. जो लोग बिरयानी, पुलाव या फ्राइड राइस बनाते हैं, उनके लिए भी ये टिप्स बेहद उपयोगी हैं क्योंकि अलग-अलग दाने वाली बनावट ऐसे व्यंजनों की सबसे बड़ी पहचान होती है. अगली बार जब भी चावल बनाएं, इन पांच आसान बातों का ध्यान रखें और खुद फर्क महसूस करें.