Highlights
- पनामा के विदेश मंत्री बोले, भारत उभर नहीं रहा बल्कि पहले से ही एक सुपरपावर है।
- पनामा ने भारत को लैटिन अमेरिका के लिए रणनीतिक व्यापारिक प्रवेश द्वार बनने का प्रस्ताव दिया।
- फार्मा, एआई, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर।
नई दिल्ली: पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा वास्केज ने सोमवार को भारत को ‘पहले से ही एक सुपरपावर’ बताया और दोनों देशों के रिश्तों को लंबे समय के लिए रणनीतिक साझेदारी में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने भारत से आर्थिक सहयोग, व्यापार और निवेश बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि पनामा, भारत के लिए लैटिन अमेरिका और मध्य अमेरिका तक पहुंच का प्रमुख प्रवेश द्वार बन सकता है। नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान वास्केज ने कहा कि ऐसे समय में भारत आना उनके लिए सम्मान की बात है, जब भारत 21वीं सदी की वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
‘भारत हमारे लिए पहले से ही सुपरपावर है’
वास्केज ने कहा, ‘कुछ विशेषज्ञ भारत को उभरती हुई महाशक्ति मानते हैं, लेकिन हमारे लिए भारत पहले से ही एक सुपरपावर है। पनामा भारत को केवल एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति के रूप में देखता है जिसकी वैश्विक आवाज लगातार मजबूत होती जा रही है। भारत के उल्लेखनीय बदलाव ने पनामा सहित कई देशों को अपने भविष्य के बारे में बड़े लक्ष्य तय करने की प्रेरणा दी है।’ पनामा के विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश सिर्फ 6 दशक पुरानी मित्रता को मजबूत करने के लिए भारत नहीं आया है, बल्कि आने वाले दशकों के लिए एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी स्थापित करना चाहता है। उन्होंने कहा,
‘हम सिर्फ दोस्ती बढ़ाने नहीं, बल्कि भविष्य के लिए रणनीतिक साझेदारी बनाने आए हैं।’
‘हमारी ताकत हमारे आकार से तय नहीं होती’
वास्केज ने पनामा की भौगोलिक और व्यापारिक अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा,
‘हम भले ही क्षेत्रफल के हिसाब से छोटे देश हैं, लेकिन हमारी ताकत हमारे आकार से नहीं, बल्कि दुनिया को जोड़ने की हमारी क्षमता से तय होती है। जिस तरह भारत विचारों को जोड़ता है, उसी तरह पनामा बाजारों को जोड़ता है। पनामा नहर केवल इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार का भरोसेमंद मंच है। हमारे देशों में दूरी जरूर है, लेकिन हमारे साझा मूल्य हमें एक-दूसरे के करीब लाते हैं। लोकतांत्रिक देशों की जिम्मेदारी है कि वे यह साबित करें कि खुलापन, इनोवेशन और सहयोग ही समृद्धि का सबसे अच्छा रास्ता है।’
वास्केज ने कहा कि भारत को पनामा को अपनी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि पनामा भारत के लिए लैटिन अमेरिका और मध्य अमेरिका तक पहुंच का सबसे महत्वपूर्ण द्वार है।
‘कई क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं’
आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए वास्केज ने भारत और पनामा के बीच हाई-लेवल ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट वर्किंग ग्रुप बनाने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि पनामा में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था मौजूद है और उनका देश चाहता है कि भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियां वहां निवेश करें। वास्केज ने कहा कि फार्मा, मेडिकल सर्विसेज, सेमीकंडक्टर, AI, डेटा सेंटर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और क्षेत्रीय वितरण केंद्र ऐसे क्षेत्र हैं, जहां दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘लैटिन अमेरिका में कारोबार बढ़ाने की इच्छुक भारतीय कंपनियों के लिए पनामा सबसे उपयुक्त क्षेत्रीय मंच है। भारत दुनिया के लिए उत्पादन करता है और पनामा दुनिया को जोड़ता है।’ (ANI से इनपुट्स के साथ)
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