दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के दो बड़े कमांडरों के घर गिरा दिए गए हैं। यह कार्रवाई कल अनंतनाग में हुए एक आतंकी हमले के बाद की गई है, जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान शहीद हो गया था। कश्मीर में इससे पहले भी सक्रिय आतंकवादियों के मकान ढहाए गए हैं, लेकिन हिंसा की घटनाओं में कमी आने के कारण पिछले लगभग एक वर्ष से ऐसी कार्रवाई बंद थी।
IED लगाकर ढहाए घर
बुधवार रात, अनंतनाग के बिजबेहरा इलाके के हसनपोरा और गुरी गांवों में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी आदिल ठोकर और हारून रशीद गनई के घरों को विस्फोटकों से उड़ा दिया गया। पहला ऑपरेशन सुबह 3:00 बजे हारून (जो हसनपोरा का रहने वाला है) के घर पर हुआ, जबकि दूसरा ऑपरेशन सुबह 3:20 बजे आदिल ठोकर के घर पर किया गया।
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी।
कौन हैं लश्कर-ए-तैयबा के ये 2 टॉप कमांडर?
- अनंतनाग के बिजबेहरा का रहने वाला आदिल ठोकर लश्कर-ए-तैयबा का एक टॉप-रैंकिंग आतंकवादी कमांडर है जो 2018 से सक्रिय है। वह ‘A++’ कैटेगरी में आता है और जम्मू-कश्मीर पुलिस की हिट लिस्ट में शामिल है। आदिल का नाम पहले पहलगाम में हुए एक आतंकवादी हमले के सिलसिले में सामने आया था; उस समय भी उसका घर गिरा दिया गया था, और जो घर अब नष्ट किया गया है, वह उसने बाद में बनवाया था।
- आदिल का करीबी साथी हारून रशीद गनई, 2021 में लश्कर के टॉप आतंकवादी रैंक में शामिल होने से पहले 2018 में संगठन के लिए OGW (ओवरग्राउंड वर्कर) के तौर पर काम करता था। दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर में सक्रिय हैं और सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उनकी तलाश कर रही हैं।
लश्कर कमांडरों के घरों को गिराने के साथ-साथ, पिछले 24 घंटों में लगभग 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से कुछ लोगों से अनंतनाग हमले में शामिल आतंकवादी के बारे में पूछताछ की जा रही है।
अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे शहीद जवान आशिक हुसैन
कल अनंतनाग में हुए आतंकवादी हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान आशिक हुसैन की जान चली गई थी। इसके बाद पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है। शहीद कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन अमरनाथ की यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे और मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के रहने वाले थे।
लश्कर के आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। इससे संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह TRF/LeT संगठन है और वे लगातार अपने नाम बदलते रहते हैं।
अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा इंतजाम सख्त
इस घटना के बाद अमरनाथ रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है और आतंकियों की तलाश जारी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज सुरक्षा समीक्षा बैठक की, जिसमें सभी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। यात्रा के लिए सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश जारी किए गए, खासकर अनंतनाग हमले में शामिल आतंकवादियों को देखते हुए।
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