Microwave Food Heating: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में माइक्रोवेव ओवन कई घरों की जरूरत बन चुका है. सुबह जल्दी ऑफिस निकलना हो, बच्चों के लिए खाना गर्म करना हो या रात का बचा हुआ भोजन दोबारा इस्तेमाल करना हो, माइक्रोवेव हर काम को आसान बना देता है, लेकिन इसके साथ एक सवाल भी अक्सर लोगों के मन में आता है-क्या माइक्रोवेव में खाना गर्म करने से उसके जरूरी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं? कई लोग मानते हैं कि माइक्रोवेव से निकलने वाली तरंगें भोजन की गुणवत्ता को खराब कर देती हैं, जबकि कुछ लोग इसे पूरी तरह सुरक्षित बताते हैं. ऐसे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है.

अच्छी बात यह है कि इस सवाल का जवाब विज्ञान के पास मौजूद है. रिसर्च बताती है कि माइक्रोवेव में खाना गर्म करने का तरीका समझ लिया जाए तो इस भ्रम को आसानी से दूर किया जा सकता है. सच यह है कि भोजन का पोषण सिर्फ माइक्रोवेव पर नहीं, बल्कि उसे कितनी देर और किस तरीके से पकाया या गर्म किया जाता है, इस पर ज्यादा निर्भर करता है. आइए विस्तार से जानते हैं कि माइक्रोवेव आखिर कैसे काम करता है और क्या वास्तव में यह आपके खाने के पोषण को नुकसान पहुंचाता है.

माइक्रोवेव आखिर काम कैसे करता है?
माइक्रोवेव ओवन भोजन को सीधे आग से नहीं पकाता. इसमें विशेष प्रकार की माइक्रोवेव तरंगें निकलती हैं जो खाने में मौजूद पानी के अणुओं को तेजी से कंपन करने पर मजबूर करती हैं. यही कंपन गर्मी पैदा करता है और भोजन अंदर से गर्म होने लगता है. इस प्रक्रिया में कोई रेडियोएक्टिव किरण या हानिकारक विकिरण भोजन में नहीं पहुंचता. जैसे ही माइक्रोवेव बंद होता है, तरंगें भी खत्म हो जाती हैं. इसलिए खाना रेडिएशन वाला नहीं बनता.

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क्या गर्मी से पोषक तत्व कम हो जाते हैं?
इस सवाल का जवाब है-हां, लेकिन केवल माइक्रोवेव में नहीं. किसी भी तरीके से खाना पकाने या गर्म करने पर कुछ ऐसे विटामिन कम हो सकते हैं जो गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं. उदाहरण के लिए विटामिन-सी और कुछ बी विटामिन ज्यादा देर तक गर्म करने पर कम हो सकते हैं. हालांकि माइक्रोवेव की खास बात यह है कि इसमें खाना कम समय में तैयार हो जाता है. कम समय तक गर्मी मिलने की वजह से कई मामलों में पोषक तत्व सामान्य गैस या ओवन की तुलना में बेहतर तरीके से सुरक्षित रह सकते हैं.

गैस पर उबालना या माइक्रोवेव, कौन बेहतर?
पानी ज्यादा होने पर बढ़ सकता है नुकसान- जब सब्जियों को बहुत ज्यादा पानी में उबाला जाता है, तो उनके कई विटामिन और मिनरल्स पानी में घुल जाते हैं. बाद में यही पानी फेंक दिया जाता है और पोषण भी उसके साथ निकल जाता है. ब्रोकली इसका अच्छा उदाहरण है. इसमें मौजूद ग्लूकोसाइनोलेट नाम का प्राकृतिक तत्व शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. ज्यादा पानी में उबालने पर इसका एक हिस्सा पानी में चला जाता है.

माइक्रोवेव में कम पानी का फायदा
अगर माइक्रोवेव में थोड़े से पानी के साथ सब्जियां पकाई जाएं, तो वे भाप की मदद से जल्दी पक जाती हैं. इससे पोषक तत्वों के बचने की संभावना बढ़ जाती है. यही वजह है कि कई न्यूट्रिशन एक्सपर्ट भी कम पानी और कम समय में पकाने की सलाह देते हैं.

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हर चीज माइक्रोवेव में गर्म करना सही नहीं
हालांकि माइक्रोवेव सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं. प्लास्टिक के ऐसे डिब्बे जिन पर माइक्रोवेव-सेफ का निशान न हो, उनमें खाना गर्म नहीं करना चाहिए. ऐसे प्लास्टिक गर्म होकर हानिकारक रसायन छोड़ सकते हैं. इसके अलावा भोजन को जरूरत से ज्यादा देर तक गर्म करने से उसका स्वाद, बनावट और कुछ पोषक तत्व प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए हमेशा उतनी ही देर तक गर्म करें जितनी जरूरत हो.

रोजमर्रा की जिंदगी में क्या रखें ध्यान?
अगर रात का बचा हुआ खाना माइक्रोवेव में गर्म कर रहे हैं, तो उसे बीच-बीच में हिलाएं ताकि हर हिस्सा बराबर गर्म हो सके. सब्जियों को जरूरत से ज्यादा न पकाएं और जहां संभव हो वहां कम पानी का इस्तेमाल करें. इसके साथ ही ताजे फल, सलाद और कच्ची सब्जियों को भी रोजाना भोजन में शामिल करें. इससे शरीर को ऐसे विटामिन मिलते रहेंगे जो गर्मी से प्रभावित हो सकते हैं.

सेहतमंद खाना पकाने का आसान नियम
विज्ञान के अनुसार भोजन पकाने का सबसे अच्छा तरीका वही माना जाता है जिसमें खाना जल्दी तैयार हो, कम समय तक गर्मी मिले और पानी का इस्तेमाल सीमित हो. माइक्रोवेव इन तीनों बातों पर काफी हद तक खरा उतरता है. इसलिए यह कहना गलत होगा कि माइक्रोवेव अपने आप भोजन का सारा पोषण खत्म कर देता है.



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