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Jaipur Famous Long Kachori: अगर आप जयपुर में कुछ अलग स्ट्रीट फूड ट्राई करना चाहते हैं, तो राजापार्क की आगरा की कचौड़ी बेहतरीन विकल्प है. यहां गोल नहीं, बल्कि लंबे आकार की आलू कचौड़ी बनाई जाती है, जिसे खास मसालों, आलू-छोले की सब्जी, तीन चटनियों और हींग के पानी के साथ परोसा जाता है. दुकान संचालक घनश्याम जांगिड़ पांच साल पहले आगरा से यह स्वाद जयपुर लेकर आए थे. आज उनकी यह अनोखी कचौड़ी सोशल मीडिया की बदौलत शहरभर में मशहूर हो चुकी है. इसकी कीमत 35 रूपए है और रोज सुबह से ही यहां ग्राहकों की भीड़ लग जाती है.

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जयपुर. राजधानी जयपुर अपने बेहतरीन जायके के लिए देशभर में मशहूर है, जहां हर इलाके की अपनी अलग खानपान की पहचान है. सुबह के नाश्ते से लेकर शाम की चाय तक लोगों की पसंद बदलती रहती है, लेकिन कचौड़ी का स्वाद ऐसा है जिसे लोग दिनभर कभी भी खाना पसंद करते हैं. जयपुर में पूरण जी की कचौड़ी, संपत की कचौड़ी और खुटेटा की कचौड़ी जैसी कई प्रसिद्ध दुकानें हैं. वहीं अब दूसरे शहरों के मशहूर स्वाद भी जयपुरवासियों को खूब पसंद आ रहे हैं. ऐसा ही एक नाम है राजापार्क स्थित ‘आगरा की कचौड़ी’, जहां गोल नहीं बल्कि लंबे आकार की अनोखी कचौड़ी लोगों को आकर्षित करती है. इस खास स्वाद का आनंद लेने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं.

लोकल 18 ने आगरा की कचौड़ी के संचालक घनश्याम जांगिड़ से बातचीत की. उन्होंने बताया कि दाल और प्याज की कचौड़ी आमतौर पर गोल आकार में बनाई जाती है, इसलिए उन्होंने ग्राहकों को कुछ नया देने के लिए आलू की कचौड़ी को लंबे आकार में तैयार करना शुरू किया. इस अनोखी कचौड़ी को आलू-छोले की सब्जी के साथ परोसा जाता है, जिससे लोगों को जयपुर में ही आगरा का असली स्वाद मिलता है.

बिना प्याज-लहसुन के तैयार होती है खास कचौड़ी

घनश्याम जांगिड़ बताते हैं कि उनकी कचौड़ी का स्वाद जयपुर की पारंपरिक कचौड़ियों से अलग है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि मसाला बिना प्याज और लहसुन के तैयार किया जाता है. इसमें खास सीक्रेट मसालों और मूंगफली के तेल का इस्तेमाल होता है. कचौड़ी के साथ आलू-छोले की सब्जी, तीन तरह की चटनियां और हींग का पानी परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को और भी खास बना देता है. उन्होंने बताया कि पांच साल पहले वे आगरा से जयपुर आए थे. शुरुआत में लोगों को इस नए स्वाद से परिचित कराया, जिसके बाद धीरे-धीरे उनकी कचौड़ी लोकप्रिय होती गई. आज उनकी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लग जाती है. वे सुबह 6 बजे से कचौड़ी बनाना शुरू कर देते हैं और सुबह 8 बजे तक गरमा-गरम कचौड़ियां ग्राहकों के लिए तैयार हो जाती है. कचौड़ी के अलावा यहां बेड़ई की पूड़ी, ब्रेड पकौड़ा, समोसा, जलेबी और अन्य नाश्ते भी मिलते हैं. उनकी खास लंबी कचौड़ी की कीमत 35 रूपए है.

सोशल मीडिया ने दिलाई नई पहचान

घनश्याम जांगिड़ बताते हैं कि जयपुर का कोई भी नया और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाता है. उनकी लंबी कचौड़ी भी सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुई, जिसके बाद दूर-दूर से लोग इसका स्वाद लेने आने लगे. उनका कहना है कि उनकी दुकान कोई लग्जरी या हाई-फाई आउटलेट नहीं है. आज भी वे पारंपरिक लकड़ी की भट्टी पर कचौड़ियां और अन्य व्यंजन तैयार करते हैं. ग्राहक सामने से बनता हुआ ताजा नाश्ता देखते हैं, जिससे उन्हें गुणवत्ता और साफ-सफाई पर भरोसा रहता है. यही वजह है कि महज पांच साल में उनकी यह अनोखी लंबी कचौड़ी जयपुर के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड में अपनी खास पहचान बना चुकी है.

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…

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