नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही भव्य फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर आखिरकार 30 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त के शुभ समय पर जारी कर दिया गया। रिलीज होते ही इस ट्रेलर ने इंटरनेट के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर तहलका मचा दिया है। वैसे तो ट्रेलर को लेकर अधिकतर चर्चाएं भगवान श्रीराम के रूप में रणबीर कपूर के लुक, माता सीता बनीं साई पल्लवी के प्रभाव, रावण के खौफनाक अंदाज में दिखे यश और हंस जिमर व एआर रहमान के शक्तिशाली बैकग्राउंड म्यूजिक पर केंद्रित हैं। हालांकि इस ट्रेलर में केवल बेहतरीन स्टारकास्ट या भव्य विजुअल्स ही नहीं हैं, बल्कि निर्माताओं ने इसमें कुछ बेहद महत्वपूर्ण पौराणिक संदर्भों को पिरोया है। ये संकेत फिल्म की कहानी को एक नया और गहरा संदर्भ देते हैं। इनका संबंध सिर्फ रामायण तक सीमित नहीं है, बल्कि कई और हिंदू ग्रंथों में भी इनका इस्तेमाल है। आइए डालते हैं ‘रामायण’ के इस ट्रेलर में नजर आए उन 5 प्रमुख पौराणिक विवरणों पर-
1. ऐरावत हाथी और स्वर्ग पर रावण का आधिपत्य
ट्रेलर के एक बेहद खास और भव्य दृश्य में एक विशालकाय सफेद हाथी को आकाश में युद्ध करते हुए दिखाया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह कोई साधारण हाथी नहीं बल्कि देवराज इंद्र का दिव्य वाहन ‘ऐरावत’ है। हिंदू धर्मग्रंथों में वर्णित है कि ऐरावत की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी, जिसके बाद उसे देवताओं के राजा इंद्र को सौंप दिया गया था। इसे अनेक सूंडों, विशालकाय पंखों और स्वर्णिम कवचों से सुसज्जित एक अत्यंत बलशाली और दिव्य सफेद हाथी के रूप में जाना जाता है।
ऐरावत।
ट्रेलर में ऐरावत की उपस्थिति केवल एक विजुअल इफेक्ट्स नहीं है, बल्कि यह रावण द्वारा स्वर्ग लोक पर किए गए आक्रमण की ओर इशारा करती है। यह दृश्य रावण के पुत्र मेघनाद द्वारा देवराज इंद्र को पराजित कर ‘इंद्रजीत’ कहलाने वाली पौराणिक घटना की झलक भी हो सकता है। यह दृश्य दर्शकों को बताता है कि फिल्म में रावण केवल लंका का राजा नहीं, बल्कि एक ऐसा अति-शक्तिशाली सम्राट है जिसकी सत्ता और चुनौती सीधे देवताओं तक पहुँचती थी।
2. पुष्पक विमान: लंकापति रावण की शक्ति और वैभव का प्रतीक
ट्रेलर का एक और मुख्य आकर्षण आकाश में उड़ती हुई एक विशालकाय और अलौकिक संरचना है, जो प्रसिद्ध पुष्पक विमान है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिव्य विमान का निर्माण देवताओं के शिल्पकार विश्वकर्मा ने भगवान ब्रह्मा के लिए किया था। बाद में ब्रह्मा जी ने इसे धन के देवता कुबेर को भेंट कर दिया था। हालांकि, रावण ने अपने सौतेले भाई कुबेर को युद्ध में हराकर यह पुष्पक विमान उनसे छीन लिया था।
पुष्पक विमान।
शास्त्रों में पुष्पक विमान को एक ऐसा उड़ने वाला राजमहल बताया गया है, जो मन की गति से उड़ सकता था और जिसमें चाहे जितने भी लोग बैठ जाएं, एक स्थान हमेशा शेष रहता था। ट्रेलर में पुष्पक विमान केवल यात्रा के साधन के रूप में नहीं, बल्कि रावण की असीम समृद्धि, अहंकार और उसकी भव्य लंका के वैभव को दर्शाने के लिए पेश किया गया है।
3. स्वर्ण मृग रूपी मारीच: दंडकारण्य का वह निर्णायक मोड़
ट्रेलर में एक पल के लिए घने दंडकारण्य जंगल के बीच एक सुनहरे हिरण को तेजी से दौड़ते हुए देखा जा सकता है। पहली नजर में यह एक साधारण सुंदर दृश्य लग सकता है, लेकिन रामायण की गाथा में यह क्षण सबसे बड़ा और निर्णायक मोड़ साबित होता है। वास्तव में वह कोई आम हिरण नहीं, बल्कि रूप बदलने में माहिर मारीच राक्षस (सौरभ सचदेवा द्वारा अभिनीत) होता है, जो रावण के कहने पर ‘स्वर्ण मृग’ का छलावा रचता है।
मारीच।
उसका मुख्य उद्देश्य श्रीराम और लक्ष्मण को आश्रम से दूर ले जाना था, ताकि रावण असहाय सीता का हरण कर सके। इस दृश्य की मौजूदगी यह दर्शाती है कि फिल्म में घटनाक्रमों को पौराणिक सत्यता के साथ पिरोया गया है। अगर आप सोच रहे हैं कि मारीच का भगनान राम से कनेक्शन सिर्फ रावण की वजह से जुड़ा तो आप गलत हैं। दरअसल जब महर्षि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को अपने यज्ञ की रक्षा के लिए ले गए थे, तब श्रीराम ने सुबाहु का वध कर दिया और अपने बाण के बल पर मारीच को मीलों दूर समुद्र में फेंक दिया। उस आघात से संभलकर मारीच वन में रहकर तपस्या करने लगा और राम की शक्ति से भयभीत रहता था। रावण को इसका पता चला और उसने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए भगवान राम के खिलाफ मारीच का इस्तेमाल किया।
4. जटायु का पराक्रम: धर्म और त्याग की निशानी
ट्रेलर के एक संक्षिप्त दृश्य में एक विशाल पक्षी को उड़ते हुए दिखाया गया है। यह पक्षी कोई और नहीं बल्कि गिद्धराज जटायु हैं, जिन्हें इस फिल्म में वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी आवाज दी है। रामायण की कथा में जटायु, राजा दशरथ के परम मित्र और भगवान श्रीराम के सच्चे भक्त थे। जब रावण पुष्पक विमान में माता सीता का अपहरण कर ले जा रहा था, तब जटायु ने अपनी वृद्धावस्था और रावण की अपार शक्ति को जानते हुए भी आकाश में उससे भीषण युद्ध लड़ा था।
जटायू युद्ध।
जटायु का यह प्रयास असंभव परिस्थितियों में भी ‘धर्म’ के पालन का सबसे बड़ा प्रतीक है। जटायु का बलिदान इस महागाथा का सबसे भावुक हिस्सा है, जहां से श्रीराम का वनवास, सीता जी की खोज और रावण के विनाश के संकल्प में बदल जाता है। रामायण के अनुसार जटायु और भगवान राम के बीच भी पुराना संबंध राजा दशरथ से गहरी मित्रता का था। जटायु भगवान राम के पिता दशरथ के परम मित्र थे, जिसके कारण वे राम को अपने पुत्र के समान मानते थे।
5. शिवधनुष पिनाक: राम-परशुराम प्रसंग
भगवान शिव का अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य धनुष ‘पिनाक’ महर्षि परशुराम के पास था, जिसे उन्होंने राजा जनक को धरोहर के रूप में सौंपा था। शर्त के अनुसार सीता स्वयंवर में श्रीराम ने जैसे ही इस पिनाक धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ानी चाही, वह टूट गया। धनुष टूटने की भयंकर गर्जना सुनकर भगवान शिव के परम शिष्य महर्षि परशुराम अत्यंत क्रोधित होकर जनकपुर पहुंचे। लक्ष्मण जी के तीखे वचनों से उनका क्रोध और बढ़ गया, किंतु श्रीराम ने अत्यंत शांत, मधुर और विनम्र स्वभाव से उनका क्रोध शांत किया।
शिवधनुष पिनाक और राम-परशुराम।
अपनी शंका दूर करने और परीक्षा लेने के उद्देश्य से परशुराम जी ने अपना वैष्णव धनुष ‘सारंग’ श्रीराम को सौंपा। श्रीराम द्वारा सरलता से उस पर प्रत्यंचा चढ़ाते ही परशुराम जी का सारा अहंकार समाप्त हो गया। उन्हें बोध हो गया कि श्रीराम स्वयं भगवान विष्णु के अवतार हैं। इसके बाद वे श्रीराम की स्तुति कर महेंद्र पर्वत पर तपस्या हेतु प्रस्थान कर गए।
‘रामायण’ फिल्म से जुड़ी कुछ अन्य मुख्य बातें
उल्लेखनीय है कि इस फिल्म की पहली आधिकारिक झलक यानी ‘राम झलक’ इसी वर्ष अप्रैल में वैश्विक स्तर पर जारी की गई थी। उस समय जहाँ कई लोगों ने इसके वीएफएक्स और भव्य पैमाने की तारीफ की थी, वहीं कुछ दर्शकों ने राक्षसों के स्वरूप को पश्चिमी सिनेमा के पात्रों जैसा बताने पर आलोचना भी की थी। इसके बाद 18 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित ‘प्रथम संकल्प’ कार्यक्रम में फिल्म का एक विशेष ट्रेलर दिखाया गया था, जिसके कुछ क्लिप्स ऑनलाइन लीक भी हो गए थे। हाल ही में ‘सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026’ में फिल्म की एक और भव्य झलक दिखाई गई, जिसके साथ ही इसके अंतर्राष्ट्रीय वितरण के लिए ‘सोनी पिक्चर्स इंटरनेशनल’ के साथ करार को अंतिम रूप दिया गया। यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है, जिसका पहला भाग इसी वर्ष दिवाली के पावन अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा।