Last Updated:

Dahi Palak Kafuli Recipe: अगर रोज की दाल-सब्जी से मन भर गया है, तो उत्तराखंड की पारंपरिक दही-पालक काफुली जरूर ट्राई करें. पालक, दही और कुछ आसान मसालों से बनने वाली यह हेल्दी डिश स्वाद और पोषण दोनों से भरपूर है. धीमी आंच पर तैयार होने वाली काफुली का गाढ़ा और हल्का खट्टा स्वाद गर्मागर्म चावल या रोटी के साथ बेहद लाजवाब लगता है. घर पर इसे बनाना आसान है और यह लंच के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

दही वाली पालक रेसिपी (इमेज AI)

Dahi Palak Kafuli Recipe: कभी-कभी रोज की दाल, सब्जी और कढ़ी से मन सचमुच ऊब जाता है. ऐसे में रसोई में मौजूद साधारण पालक और दही से कुछ ऐसा बनाया जा सकता है, जो स्वाद में बिल्कुल अलग लगे. उत्तराखंड की पारंपरिक काफुली ऐसी ही एक पहाड़ी डिश है, जिसे कम मसालों में तैयार किया जाता है. इसका गाढ़ा, हल्का मसालेदार और खट्टापन लिए स्वाद गर्मागर्म चावल के साथ बेहद अच्छा लगता है. खास बात यह है कि इसमें दाल की जरूरत नहीं पड़ती और बनाने का तरीका भी बहुत मुश्किल नहीं है. अगर आप लंच में कुछ नया और घर के सभी लोगों को पसंद आने वाला बनाना चाहते हैं, तो दही-पालक की काफुली एक बार जरूर ट्राई कर सकते हैं.

पालक की काफुली में क्या-क्या लगेगा?
काफुली बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री जुटाने की जरूरत नहीं है. इसके लिए करीब 500 ग्राम पालक, डेढ़ कप दही, 2 बड़े चम्मच गेहूं का आटा, 5-6 बारीक कटी लहसुन की कलियां, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच जीरा, एक चुटकी हींग, एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी और 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल या घी चाहिए. स्वाद के अनुसार नमक डालें. अगर घर में सरसों का तेल है, तो उसका इस्तेमाल काफुली को एक खास पहाड़ी स्वाद दे सकता है.

दही-पालक की काफुली बनाने का आसान तरीका
पहले तैयार करें पालक का पेस्ट
सबसे पहले पालक की पत्तियों को अच्छी तरह साफ करके धो लें. अब इन्हें करीब चार से पांच मिनट तक उबालें. पालक को ज्यादा देर तक पकाने की जरूरत नहीं है. उबलने के बाद इसे ठंडा करें और मिक्सर में डालकर बारीक, स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. अब एक अलग बर्तन में दही और गेहूं का आटा डालकर अच्छी तरह फेंटें. इस मिश्रण में गांठें नहीं रहनी चाहिए. यही मिश्रण काफुली को गाढ़ापन देने में मदद करेगा.

(इमेज AI)

धीमी आंच पर पकाएं काफुली
अब कड़ाही में सरसों का तेल या घी गर्म करें. इसमें जीरा, हींग, बारीक कटा लहसुन और हरी मिर्च डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. खुशबू आने लगे तो इसमें हल्दी डालें और तुरंत पालक का पेस्ट मिला दें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

इसके बाद दही और आटे का तैयार मिश्रण धीरे-धीरे डालते हुए लगातार चलाते रहें. काफुली को करीब 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाना बेहतर रहता है. बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि दही फटे नहीं और मिश्रण कड़ाही के तले में चिपके भी नहीं. जब काफुली अच्छी तरह गाढ़ी हो जाए, तब स्वादानुसार नमक डालकर गैस बंद कर दें.

चावल के साथ करें गरमागरम सर्व
काफुली का असली मजा गर्मागर्म सादे चावल के साथ आता है. हालांकि, आप इसे मंडुवे की रोटी या गेहूं की रोटी के साथ भी परोस सकते हैं. सर्व करते समय ऊपर से थोड़ा देसी घी डाल दें, तो स्वाद और भी निखर जाता है. ध्यान रखें कि काफुली को तेज आंच पर पकाने के बजाय धीमी आंच पर ही पकाएं. इससे इसकी बनावट बेहतर रहती है. अगर दही बहुत खट्टा है, तो मात्रा थोड़ी कम कर सकते हैं.

About the Author

Mohit Mohit

मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…

और पढ़ें



Source link

Write A Comment