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Patna Oldest Mithai Shop: पटना की सबसे पुरानी मिठाइयों की दुकान में से एक है जंक्शन के पास न्यू मार्केट की बाबा शाही लस्सी वाला शॉप. करीब 66 साल पुरानी इस दुकान की शुरुआत नमकीन खस्ते से हुई थी पर आज आलम यह है कि इतनी भीड़ होती है कि यहां टोकन सिस्टम से सामान दिया जाता है.

पटना. शहर में ऐसी कई पुरानी दुकानें हैं, जो अपने स्वाद के दम पर दशकों से लोगों की पसंद बनी हुई हैं. इन्हीं में से एक है पटना जंक्शन के पास न्यू मार्केट में स्थित बाबा शाही लस्सी वाला. करीब 66 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए जानी जाती है. यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग लस्सी, रसगुल्ला और दूसरी मिठाइयों का स्वाद लेने पहुंचते हैं. खासकर मंगलवार और शनिवार को यहां इतनी भीड़ होती है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए टोकन सिस्टम से बिक्री की जाती है.

यहां का रसगुल्ला और गुलाब जामुन मुंह में रखते ही घुल जाता है. लस्सी का स्वाद ऐसा है कि पीने से ज्यादा लोग उसे खाते हैं. हालांकि, इस दुकान की शुरुआत केवल एक नमकीन खस्ता से हुई थी, लेकिन आज यहां एक दर्जन से भी ज्यादा फूड आइटम उपलब्ध हैं.

नमकीन खस्ता से हुई थी शुरुआत
दुकान की तीसरी पीढ़ी के नईम जी इसे चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत 1960 के आसपास केवल नमकीन खस्ता यानी निमकी बेचने से हुई थी. महावीर मंदिर के बिल्कुल नजदीक होने की वजह से लोग हमेशा यहां आते थे. उस समय लोगों को ताजा और स्वादिष्ट नमकीन मिलता था.

धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया और दुकान में नए-नए फूड आइटम और मिठाइयां जुड़ती चली गईं. आज यह दुकान पटना की पहचान बन चुकी है. यहां दही भल्ला, लिट्टी, समोसा, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, चंद्रकला और लौंगलता मिलती है.

तीसरी और चौथी पीढ़ी संभाल रही कारोबार
समय के साथ यह कारोबार परिवार की दूसरी और अब तीसरी और चौथी पीढ़ी तक पहुंच चुका है. नई पीढ़ी भी पुरानी परंपरा और स्वाद को बरकरार रखते हुए ग्राहकों की पसंद का पूरा ध्यान रख रही है. यही वजह है कि वर्षों पुराने ग्राहक आज भी यहां आते हैं और नई पीढ़ी के लोग भी इस दुकान के स्वाद के दीवाने बन रहे हैं.

कीमत बहुत ही कम
नईम जी ने बताया कि पहले यहां लस्सी 35 पैसे में मिलती थी, लेकिन अब इसकी कीमत 35 रुपये है. पनीर समोसा और खस्ता कचौड़ी 14 रुपये प्रति पीस, दही बड़ा 10 रुपये पीस, लौंगलता 15 रुपये प्रति पीस, गुलाब जामुन और रसगुल्ला भी 15 रुपये प्रति पीस, रसमलाई 30 रुपये पीस सहित अलग-अलग आइटम अलग-अलग कीमत पर उपलब्ध हैं. पहले यहां एक काउंटर हुआ करता था, लेकिन आज की तारीख में चार काउंटर हैं.

मंगलवार और शनिवार को उमड़ती है भीड़
नईम जी का कहना है कि मंगलवार और शनिवार को यहां ग्राहकों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहती है. भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है. ग्राहक पहले टोकन लेते हैं और फिर अपनी बारी आने पर ऑर्डर प्राप्त करते हैं. पटना जंक्शन के नजदीक होने की वजह से शहर के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले लोग भी इस दुकान तक पहुंचते हैं. कई ग्राहक वर्षों से यहां आते रहे हैं और अपने परिवार और दोस्तों को भी इस दुकान का स्वाद चखाने लेकर आते हैं.

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Raina Shukla

Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…

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