डायबिटीज में खान-पान पर खास ध्यान देना पड़ता है। जरा सी लापरवाही से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में भोजन में ऐसी चीजों को शामिल करना जरूरी है, जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो और जिनमें फाइबर भरपूर मात्रा में मिले। इस मामले में मेथी और बेसन का थेपला एक बेहतरीन और स्वादिष्ट ऑप्शन हो सकता है। यह न सिर्फ आपका पेट लंबे समय तक भरा रखता है, बल्कि शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखता है। यहां से नोट कर लें मेथी और बेसन थेपला की रेसिपी।
डायबिटीज में क्यों फायदेमंद है मेथी और बेसन?
मेथी के गुण: मेथी की पत्तियों में भरपूर मात्रा में फाइबर और 4-हाइड्रॉक्सीआइसोल्यूसीन नामक एमीनो एसिड होता है। यह इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने और शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करने में मदद करता है।
बेसन के फायदे: गेहूं के आटे की तुलना में बेसन में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन ज्यादा होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है, जिससे ब्लड में ग्लूकोज धीरे-धीरे रिलीज होता है।
थेपला बनाने के लिए सामग्री
- बेसन: 1 कप
- गेहूं का आटा: ½ कप
- ताजा हरी मेथी (बारीक कटी हुई): 1 कप
- दही: 2 बड़ा चम्मच
- अदरक-मिर्च का पेस्ट: 1 छोटा चम्मच
- अजवाइन: ½ छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर: ¼ छोटा चम्मच
- हींग: एक चुटकी
- तेल: 1 छोटा चम्मच+सेंकने के लिए हल्का सा तेल
- नमक: स्वादानुसार
बनाने का तरीका
स्टेप 1: सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन, गेहूं का आटा, बारीक कटी मेथी, अदरक-मिर्च पेस्ट, अजवाइन, हल्दी, हींग, दही और नमक को अच्छी तरह मिला लें।
स्टेप 2: 1 छोटा चम्मच तेल डालकर थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए मध्यम नरम आटा गूंध लें। इसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें।
स्टेप 3: आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और सूखे आटे की मदद से पतला थेपला बेल लें।
स्टेप 4: तवे को मध्यम आंच पर गरम करें। थेपले को दोनों तरफ से हल्का-हल्का तेल लगाकर सुनहरे धब्बे आने तक सेक लें।
स्टेप 5: इस थेपले को आप सुबह के नाश्ते में या दोपहर के भोजन में ताजा दही, हरी चटनी या लहसुन की चटनी के साथ खा सकते हैं। डायबिटीज के मरीज इसे बिना झिझक अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, क्योंकि यह पौष्टिक होने के साथ-साथ स्वाद में भी बेहतरीन है।