महाराष्ट्र के नागपुर में ऑनलाइन गेम के जरिए नाबालिग लड़की से दोस्ती कर, उसे प्रेम जाल में फंसाने, बंधक बनाने और दुष्कर्म करने के मामले में हुडकेश्वर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला और आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस और पोक्सो अधिनियम के गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है, आरोपी थाने मुंबई निवासी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जब पुलिस युवती को बचाने के लिए पहुंची तो वह बिस्तर पर पड़ी थी और उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र के नागपुर में हुई इस वारदात ने सभी को हैरान कर के रख दिया है। नागपुर के हुडकेश्वर पुलिस ने दिघोरी स्थित एक किराए के कमरे का दरवाजा तोड़कर 16 वर्षीय युवती को आरोपी के चुंगल से मुक्त कराया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी निर्भय माधव पाखरे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ठाणे का रहने वाला है और BBA की पढ़ाई कर रहा है। वहीं, पीड़ित 12वीं कक्षा की छात्रा है। जानकारी के मुताबिक, बीते रविवार की सुबह की युवती यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपनी सहेली के मिलने जा रही है।
जब देर रात तक युवती घर पर नहीं पहुंची और उसका मोबाइल स्विच ऑफ पाया गया, तो घर वालों ने हुडकेश्वर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया और उसका मोबाइल सर्विलांस पर डाल दिया। सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि वह निर्भय नाम के युवक के संपर्क में थी। जानकारी के अनुसार, युवती की दोस्ती आरोपी से इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे आरोपी ने युवती का विश्वास जीतकर, उस दौरान उसकी निजी तस्वीरें हासिल कर ली। इसके बाद वह सोशल मीडिया पर तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था।
युवती तक कैसे पहुंची पुलिस?
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिये युवती के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस किया। लोकेशन दिघोरी के किराए के कमरे में मिला। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने के बाद पर दरवाजा तोड़ा गया और भीतर से युवती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जब पुलिस टीम कमरे के भीतर पहुंची तो उन्होंने देखा कि युवती के शरीर पर चोट के निशान थे। महिला पुलिस ने तुरंत उसे सुरक्षित निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान पुलिस को देखते ही युवती फूट-फूट को रो पड़ी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती करीब 18 घंटे कमरे में बंद थी। डर के कारण युवती उसकी प्रताड़ना सहती रही। जिस कमरे में युवती बंद थी उसके पलंग के पास एक चाकू पड़ा था। वहीं, आरोपी निर्भय उसके पास चमड़े का बेल्ट लेकर खड़ा था।
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