झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 2025 की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरीशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर परीक्षा की जांच CBI या किसी स्वतंत्र जांच कमेटी से कराने की मांग की है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की गई है।

48 सवालों के जवाब देने पर ही पास हो गया एक कैंडिडेट

बता दें कि ये मामला JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 से जुड़ा है। यह परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को हुई थी और इसका प्रारंभिक रिजल्ट 2 जुलाई 2026 को जारी किया गया था। रिजल्ट आने के बाद एक सफल उम्मीदवार की OMR शीट की कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होने की खबर सामने आई थी। फिर आरोप लगा कि उम्मीदवार ने पहले पेपर में 100 में से सिर्फ 48 सवालों के जवाब दिए, फिर भी वह परीक्षा में सफल घोषित हुआ।

अभी CID कर रही है मामले की जांच

याचिका में कहा गया है कि इस मामले को लेकर सवाल उठने के बाद JPSC ने खुद बताया कि मामले की जांच CID कर रही है। JPSC ने सफल उम्मीदवारों से उनके Paper-I और Paper-II की OMR कार्बन कॉपी जमा करने को भी कहा था। इसके लिए 30 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक का समय दिया गया था।

रांची में बिगड़ी प्रदर्शनकारी राहुल की तबीयत

परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ रांची में छात्रों का प्रदर्शन भी जारी है। प्रदर्शन 25 जुलाई 2026 को बापू वाटिका से शुरू हुआ था। इसके बाद प्रदर्शनकारी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे। प्रदर्शनकारी परीक्षा की स्वतंत्र जांच के साथ भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं। इस बीच, अनशनकारी राहुल की तबीयत ज्यादा खराब हो गई है। उन्हें सदर अस्पताल के ICU में एडमिट कराया गया है।

याचिकाकर्ता ने की पूरी व्यवस्था का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग

PIL में OMR स्कैनिंग, कोडिंग, जांच और रिजल्ट तैयार करने वाली पूरी व्यवस्था का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग भी है। याचिकाकर्ता ने यह पता लगाने की मांग की है कि सही और गलत तरीके से परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को सबूतों के आधार पर अलग किया जा सकता है या नहीं। उधर, प्रदर्शकारी छात्रों की तरफ से कहा गया है कि 14वां JPSC एग्जाम कैंसिल होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा

PIL में सभी तरह के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

इसमें परीक्षा से जुड़े सभी कागजी और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आदेश देने की मांग भी है। याचिका में OMR शीट, उम्मीदवारों की कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, आंसर की, अटेंडेंस शीट, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, परीक्षा केंद्रों की रिपोर्ट, स्कैनिंग रिकॉर्ड, रिजल्ट तैयार करने से जुड़े डेटा और दूसरे सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है।

ये भी पढ़ें- 1 घंटा 20 मिनट चली छात्रों और झारखंड के मंत्रियों की मीटिंग, स्टूडेंट लीडर बोले- बैठक सकारात्मक रही





Source link

Write A Comment