संसदीय कार्यवाही और राजनीतिक गलियारों में उस समय सरगर्मी बढ़ गई जब भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर जोरदार जुबानी हमला बोला। कंगना ने आरोप लगाया कि पहले तो विपक्षी दल खुद संसद में विभिन्न मुद्दों पर बहस और चर्चा की मांग कर रहे थे, लेकिन जब गृह मंत्री अमित शाह और सरकार चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं तो राहुल गांधी और उनका खेमा बातचीत से पीछे हट रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी बहस से भाग रहे हैं और देश उनके इस रवैये को देख रहा है।
झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज पर घिरी सरकार
कंगना रनौत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता की मांग कर रहे युवा छात्रों पर हुए पुलिसिया लाठीचार्ज का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस के ढुलमुल रवैये पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और धांधली रोकने की मांग कर रहे निर्दोष विद्यार्थियों को बेरहमी से पीटा गया। कंगना ने सवाल उठाया कि अपने भविष्य के लिए और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे युवाओं का क्या कसूर था जो उन पर बल प्रयोग किया गया? उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अन्य मुद्दों पर तो जमकर राजनीति करते हैं, लेकिन जब झारखंड में छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है, तब वे पूरी तरह खामोश हैं।
हम लोग राहुल गांधी एंड कंपनी से डिमांड कर रहे हैं कि पहले आप लोगों ने चर्चा मांगी, अब चर्चा के लिए तैयार हैं तो आप पीछे क्यों हट रहे हैं। दूसरी चीज झारखंड में पुलिस ने जो छात्रों पर लाठी चार्ज किया, बेरहमी से पीटा, उसके लिए भी हम जवाब चाहते हैं। छात्रों का क्या कसूर है कि वो सिर्फ फेयर एग्जामिनेशन चाहते हैं। – कंगना रनौत
संसदीय बहसों से दूरी और कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप
कंगना रनौत ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो वे युवाओं के अधिकारों और सुरक्षा की बातें करते हैं, वहीं दूसरी तरफ जब उनकी अपनी सहयोगी सरकार के राज्य में छात्रों पर बर्बरता होती है तो वे वहां झांकने तक नहीं जाते। संसद में बने गतिरोध पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तत्पर है, लेकिन विपक्षी दल केवल हंगामा करके चर्चा से बचना चाहते हैं। कंगना ने जोर देकर कहा कि देश के युवाओं को जवाब चाहिए और कांग्रेस तथा उनके सहयोगियों को इस लाठीचार्ज व परीक्षाओं में हो रही धांधली पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी ही होगी। बता दें, इससे पहले कंगना ने जंतर मंतर प्रोटेस्ट का विरोध किया था, उन्होंने छात्रों को जनरेशन गटर का था, बाद में इस पर सफाई भी दी।
राहुल गांधी ने चर्चा करने से इनकार कर दिया है। शुरू में उन्होंने ‘कॉकरोच प्रोटेस्ट’ पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन जब उन्हें इसके लिए बुलाया गया, तो उन्होंने मना कर दिया। आप देख सकते हैं कि वे देश के साथ कितना बड़ा धोखा कर रहे हैं; वे संसद को एक दिन भी काम नहीं करने दे रहे हैं। – कंगना रनौत
एनडीए सांसदों का मार्च
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के सांसद मंगलवार को संसद भवन की ओर मार्च करेंगे। विपक्ष लगातार जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है। एनडीए सांसद अपने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराएंगे, जिन पर लिखा होगा कि गृह मंत्री अमित शाह छात्र प्रदर्शनों के मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन विपक्ष खुद संसद में बहस से भाग रहा है।
छात्र आंदोलन पर घमासान और सरकार का रुख
हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है। विपक्ष लगातार संसद में गृह मंत्री से जवाब की मांग कर रहा है, वहीं राहुल गांधी ने भी इस मामले पर सरकार से रुख स्पष्ट करने को कहा है। बार-बार होते हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बाधित हुई है, जिसके बाद अब सरकार ने इस विषय पर औपचारिक चर्चा का प्रस्ताव दिया है जिसमें गृह मंत्री खुद जवाब देंगे।
ये भी पढ़ें: ‘मेरी नालायक औलाद’, समय रैना के एक सवाल ने खोली बादशाह की पोल, हनी सिंह के तीखे जवाब ने की फजीहत