Chana Dal Khichdi Recipe: कभी-कभी खाने का स्वाद महंगे मसालों से नहीं, बल्कि उसे पकाने के तरीके से बदल जाता है. चना दाल खिचड़ी इसका अच्छा उदाहरण है. कुकर में बनी खिचड़ी तो आपने कई बार खाई होगी, लेकिन अगर यही खिचड़ी मिट्टी की हांडी में धीमी आंच पर पकाई जाए तो इसका स्वाद और खुशबू दोनों अलग महसूस होते हैं. मिट्टी के बर्तन में पकने के दौरान दाल, चावल और मसालों का स्वाद धीरे-धीरे आपस में घुलता है.

यही वजह है कि गांव-घर की रसोई में हांडी में बना खाना आज भी खास माना जाता है. चना दाल खिचड़ी भी ऐसी ही डिश है, जिसे बहुत ज्यादा मेहनत के बिना तैयार किया जा सकता है. खासकर बारिश या ठंड के मौसम में गरमा-गरम खिचड़ी के साथ घी, अचार और पापड़ मिल जाए तो साधारण खाना भी खास बन जाता है.

मिट्टी की हांडी में क्यों खास लगती है खिचड़ी?

मिट्टी की हांडी में खाना धीमी और समान गर्मी में पकता है. चना दाल को पकने में सामान्य मूंग दाल की तुलना में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है, इसलिए धीमी आंच पर इसे पकाने से दाल अच्छी तरह गलती है और चावल भी नरम हो जाते हैं. हांडी की वजह से खिचड़ी में मिट्टी की हल्की खुशबू और पारंपरिक स्वाद महसूस हो सकता है.

चना दाल खिचड़ी के लिए क्या चाहिए?

इसके लिए चना दाल और चावल मुख्य सामग्री हैं. इनके साथ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, अदरक, जीरा, हल्दी, नमक और थोड़े से गरम मसाले की जरूरत होगी. स्वाद बढ़ाने के लिए घी का इस्तेमाल किया जा सकता है. आप चाहें तो इसमें मटर, गाजर या दूसरी पसंदीदा सब्जियां भी डाल सकते हैं. चना दाल को पकाने से पहले अच्छी तरह धोकर कुछ समय के लिए भिगोना बेहतर रहता है. इससे दाल जल्दी नरम होती है और हांडी में पकाने का समय भी कुछ कम हो सकता है. चावल को भी धोकर अलग रख लें.

ऐसे बनाएं मिट्टी की हांडी वाली खिचड़ी

सबसे पहले मिट्टी की हांडी को साफ करके कुछ देर पानी से गीला कर लें. अब इसमें थोड़ा घी डालकर धीमी आंच पर गर्म करें. जीरा डालने के बाद अदरक, हरी मिर्च और प्याज डालकर हल्का भूनें. प्याज पारदर्शी होने लगे तो टमाटर, हल्दी और बाकी मसाले डाल दें. अब इसमें भीगी हुई चना दाल और धुले हुए चावल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. जरूरत के मुताबिक पानी डालें और हांडी को ढक दें. खिचड़ी को तेज आंच पर पकाने के बजाय धीमी आंच पर पकाना जरूरी है. बीच-बीच में ढक्कन हटाकर एक बार चला दें, ताकि नीचे लगने की संभावना कम रहे.

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परोसते समय बढ़ाएं स्वाद

जब दाल और चावल अच्छी तरह नरम हो जाएं और खिचड़ी मनचाही गाढ़ी हो जाए, तो गैस बंद कर दें. ऊपर से एक चम्मच देसी घी डालकर कुछ मिनट ढककर रखें. इसे दही, पापड़, अचार या हरी चटनी के साथ परोसा जा सकता है. मिट्टी की हांडी में बनी चना दाल खिचड़ी का स्वाद दरअसल उसकी सादगी में छिपा है. रोजमर्रा के खाने में थोड़ा देसी अंदाज जोड़ना हो तो यह तरीका जरूर आजमाया जा सकता है. हालांकि मिट्टी के बर्तन को सीधे तेज आंच पर रखने से बचें, क्योंकि अचानक तापमान बदलने पर हांडी में दरार आ सकती है. मिट्टी की हांडी में बनी चना दाल खिचड़ी स्वाद और खुशबू में सामान्य खिचड़ी से अलग लगती है. चना दाल, चावल और मसालों को धीमी आंच पर पकाकर इसे तैयार करें. ऊपर से घी डालकर दही, पापड़ और अचार के साथ परोसें.



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