Last Updated:
How To Identify Fake Paneer: रेस्टोरेंट या ढाबे में मिलने वाले पनीर की क्वालिटी का अंदाजा उसके रंग, खुशबू, स्वाद और टेक्सचर से लगाया जा सकता है. अच्छी क्वालिटी वाला पनीर आमतौर पर नरम, हल्का नम और क्रीमी या ऑफ व्हाइट रंग का होता है. जरूरत से ज्यादा रबड जैसा टेक्सचर, अजीब गंध और असामान्य चमक जैसे संकेतों पर ध्यान दिया जा सकता है. कांटे से हल्का दबाकर पनीर के टेक्सचर का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन यह नकली पनीर का पक्का टेस्ट नहीं है. बहुत कम कीमत वाली पनीर डिश भी सवाल उठाने की वजह हो सकती है, लेकिन केवल कीमत से मिलावट साबित नहीं होती. शक होने पर रेस्टोरेंट से पनीर के सोर्स के बारे में पूछना और पक्की पुष्टि के लिए मान्य फूड टेस्टिंग पर भरोसा करना बेहतर है.
How To Identify Fake Paneer: शाही पनीर, कढाई पनीर, पनीर टिक्का या मटर पनीर का नाम सुनते ही भूख बढ जाती है. रेस्टोरेंट, कैफे या ढाबे में खाना ऑर्डर करते समय बहुत से लोग पनीर वाली डिश को सुरक्षित और स्वादिष्ट विकल्प मानते हैं, लेकिन प्लेट में आया पनीर वास्तव में दूध से बना है या उसमें दूसरे सस्ते विकल्पों का इस्तेमाल किया गया है, इसे देखकर पहचानना हमेशा आसान नहीं होता. हाल के समय में डेयरी एनालॉग और मानक के अनुसार नहीं बने पनीर जैसे प्रोडक्ट को लेकर चिंता बढी है. ऐसे कुछ प्रोडक्ट दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति तेल और दूसरी सामग्री से तैयार किए जा सकते हैं. ऐसे में ग्राहक के लिए जरूरी है कि वह केवल पनीर का रंग देखकर फैसला न करे. उसकी खुशबू, स्वाद, बनावट और पकने के बाद उसके व्यवहार पर भी ध्यान दे. हालांकि घर या रेस्टोरेंट में किया गया कोई एक छोटा टेस्ट पनीर के असली या नकली होने की पूरी गारंटी नहीं देता, फिर भी कुछ सामान्य संकेत खराब क्वालिटी या असामान्य पनीर को पहचानने में मदद कर सकते हैं. (इमेज AI)
असली पनीर का टेक्सचर कैसा होता है? सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सोखी के अनुसार, ताजा और अच्छी क्वालिटी वाला पनीर आमतौर पर नरम, नम और हल्का भुरभुरा होता है. इसे खाने पर दूध जैसा हल्का और साफ स्वाद महसूस होना चाहिए. पनीर में हल्की मजबूती होती है, लेकिन वह जरूरत से ज्यादा रबड जैसा, चिपचिपा या बहुत चबाने वाला नहीं होना चाहिए. हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है. रेस्टोरेंट में मिलने वाला पनीर कई बार पहले फ्राई, ग्रिल या रोस्ट किया जाता है. इसकी वजह से उसका टेक्सचर घर में मिलने वाले ताजे पनीर की तुलना में थोडा सख्त हो सकता है. इसलिए केवल सख्त पनीर देखकर उसे नकली मान लेना सही नहीं होगा. (इमेज AI)
रंग देखकर भी मिल सकता है संकेत: अच्छी क्वालिटी का पनीर आमतौर पर प्राकृतिक क्रीमी सफेद या हल्का ऑफ व्हाइट दिखाई देता है. इसकी सतह सामान्य और हल्की मैट हो सकती है. अगर पनीर जरूरत से ज्यादा चमकदार, एकदम चटक सफेद या हर टुकडा बिल्कुल एक जैसा नजर आ रहा है, तो उसकी क्वालिटी को लेकर सवाल करना गलत नहीं है. रंग अकेले असली या नकली पनीर साबित नहीं कर सकता. दूध के प्रकार और पनीर बनाने के तरीके से भी रंग में बदलाव आ सकता है. इसलिए रंग को बाकी संकेतों के साथ देखकर ही अंदाजा लगाना बेहतर है. (इमेज AI)
Add News18 as
Preferred Source on Google
खुशबू और स्वाद पर भी दें ध्यान: पनीर खाते समय उसकी खुशबू पर ध्यान देना भी आसान तरीका है. अच्छी क्वालिटी वाले ताजे पनीर में हल्की दूध या क्रीम जैसी खुशबू हो सकती है. अगर उसमें बहुत तेज, अजीब या तेल जैसी गंध महसूस हो रही है, तो सावधान हो जाना चाहिए. शेफ अमन कुमार झा के अनुसार, सोया या पाम ऑयल जैसी गंध, असामान्य स्वाद और बहुत रबड जैसा टेक्सचर खराब क्वालिटी या नकल वाले पनीर के संकेत हो सकते हैं. हालांकि किसी एक गंध के आधार पर अंतिम फैसला करना सही नहीं है. (इमेज AI)
फोर्क टेस्ट से टेक्सचर का लगाएं अंदाजा: क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट प्राची मंधोलिया एक आसान फोर्क टेस्ट की बात करती हैं. इसके लिए पनीर के टुकडे को कांटे या चम्मच से हल्का दबाकर उसके टेक्सचर को देखा जा सकता है. ताजा पनीर दबाने पर हल्का टूट या भुरभुरा हो सकता है. अगर पनीर बहुत ज्यादा घना हो, दबाने के बाद रबड की तरह वापस अपनी जगह आ जाए या उसे तोडने में असामान्य रूप से ज्यादा ताकत लगानी पडे, तो उसकी क्वालिटी पर ध्यान दिया जा सकता है. यहां भी यह याद रखना जरूरी है कि पहले से फ्राई या ग्रिल किया गया पनीर स्वाभाविक रूप से सख्त हो सकता है. (इमेज AI)
पकने के बाद पनीर में दिखें ये बदलाव तो दें ध्यान: पनीर की पहचान केवल कच्चे टुकडे से ही नहीं, बल्कि पकने के बाद उसकी बनावट से भी की जा सकती है. अच्छी क्वालिटी वाला पनीर आमतौर पर पकने के दौरान अपना आकार बनाए रखता है. वह हल्का नरम हो सकता है, लेकिन सामान्य तौर पर अचानक पिघलकर ग्रेवी में गायब नहीं होता. अगर पनीर पकाते समय बहुत ज्यादा पानी छोड रहा है, असामान्य तरीके से टूट रहा है या उसकी बनावट बिल्कुल बदल रही है, तो यह उसकी क्वालिटी पर सवाल उठाने की वजह हो सकती है. हालांकि फ्रीजिंग, स्टोरेज और पकाने के तरीके का असर भी पनीर के टेक्सचर पर पड सकता है. (इमेज AI)
बहुत सस्ती पनीर डिश पर भी करें गौर: रेस्टोरेंट में पनीर की डिश का दाम भी एक संकेत दे सकता है, लेकिन इसे पक्का सबूत नहीं माना जा सकता. दूध से अच्छी क्वालिटी का पनीर बनाने में एक निश्चित लागत आती है. अगर किसी जगह पनीर की डिश आसपास के दूसरे रेस्टोरेंट की तुलना में असामान्य रूप से सस्ती मिल रही है, तो ग्राहक उसकी क्वालिटी या सोर्स के बारे में पूछ सकता है. कम कीमत का मतलब अपने आप नकली पनीर नहीं होता. रेस्टोरेंट की लोकेशन, मात्रा, ऑफर और लागत जैसे कई कारण कीमत को प्रभावित करते हैं. इसलिए इसे केवल एक संकेत की तरह देखें. (इमेज AI)
शक हो तो रेस्टोरेंट से पूछें पनीर का सोर्स: रेस्टोरेंट में बैठे हुए पनीर की लैब जांच करना संभव नहीं है. ऐसे में सबसे आसान तरीका है कि जरूरत पडने पर स्टाफ से पूछा जाए कि पनीर कहां से आता है और क्या इसे रेस्टोरेंट में बनाया जाता है या किसी सप्लायर से खरीदा जाता है. अच्छी और भरोसेमंद जगह को अपने पनीर के सोर्स की जानकारी देने में आमतौर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए. सिर्फ घरेलू टेस्ट के आधार पर किसी पनीर को नकली घोषित करने से बचना चाहिए. असली मिलावट या सामग्री की सही पुष्टि के लिए मान्य फूड टेस्टिंग या लैब जांच ही भरोसेमंद तरीका है. (इमेज AI)
पनीर खाते समय याद रखें ये आसान संकेत: कुल मिलाकर अच्छी क्वालिटी का पनीर हल्का क्रीमी या ऑफ व्हाइट, नरम और हल्की दूध जैसी खुशबू वाला हो सकता है. जरूरत से ज्यादा रबड जैसा टेक्सचर, असामान्य गंध, बहुत ज्यादा चमकदार सतह या पकाते समय अजीब तरीके से टूटना क्वालिटी पर ध्यान देने के संकेत हो सकते हैं. इनमें से किसी एक संकेत को नकली पनीर का पक्का सबूत न मानें. कई संकेत एक साथ दिखाई दें और पनीर का स्वाद भी असामान्य लगे, तो उसे खाने से बचना बेहतर हो सकता है. (इमेज AI)