भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस बड़े मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार भाषण दिया। प्रधानमंत्री के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था पर खास फोकस दिखा। पीएम मोदी ने अपने भाषण में ‘सप्त सिंधु’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक विकसित भारत बनाने के लिए देश को अब एक नई धारा की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में मैन्युफैक्चरिंग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, कृषि, गति शक्ति, ग्लोबलाइजेशन, ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी का जिक्र किया।
सप्त धारा की 7 शक्तियां
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
- फूड प्रोसेसिंग
- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
- गति-शक्ति
- डिफेंस प्रोडक्शन
- ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी
- सॉफ्ट पावर
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 3 प्रमुख बातों पर ध्यान देने की जरूरत
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए हमें तीन चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है-
- कॉस्ट
- क्वालिटी
- स्केल
पीएम मोदी ने कहा कि क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यही हमारी ब्रांड वैल्यू होगी। नए FTAs के साथ, अब हमारे पास बड़े ग्लोबल मार्केट तक पहुंच है। उन्होंने कहा कि हम अपनी ताकत पर भरोसा करते हुए मजबूती से खड़े हैं और आगे बढ़ रहे हैं।
सरकार ने अपने कंधों पर उठाया किसानों का बोझ
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकटों का असर हर किसी पर पड़ा है और हम भी इससे अलग नहीं हैं। उन्होंने कहा, ”वैश्विक स्तर पर, यूरिया की एक बोरी की कीमत 3000 रुपये हो गई है। फिर भी, हम अपने देश के किसानों पर ये बोझ नहीं डाल रहे हैं। सरकार ये खर्च खुद उठा रही है। हम अपने किसानों को यूरिया की बोरी सिर्फ 300 रुपये में देते हैं, जबकि हम इसे वैश्विक बाजार से 3,000 रुपये में खरीदते हैं। इतना ही नहीं, DAP की कीमत वैश्विक बाजारों में 5000 रुपये तक पहुंच गई है। फिर भी, हम अपने किसानों को सिर्फ 1,250 रुपये में डीएपी दे रहे हैं, ताकि मेरे देश के किसानों को कोई दिक्कत न हो”
भारत को डिफेंस प्रोडक्शन में बनना होगा आत्मनिर्भर
गति-शक्ति के तहत, देश को बिना की किसी बाधा के तेज कनेक्टिविटी प्रदान की जा रही है। भारत को बिना रुकावट वाली हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी, मॉडर्न हाईवे कनेक्टिविटी, इनलैंड वॉटरवे, एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और पोर्ट चाहिए। देश को पोर्ट-लेड डेवलपमेंट की दिशा में काम करना होगा। इसके साथ ही, डिफेंस प्रोडक्शन में हमें आत्मनिर्भर बनना होगा और ग्लोबल सप्लायर बनने का लक्ष्य रखना होगा।
रिसोर्स को हथियार बनाने का खेल खेल रही है दुनिया
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, ”बदकिस्मती से, इस मुश्किल समय में, कुछ लोगों ने अपना दबदबा बनाने के लिए रिसोर्स को हथियार बनाने का खेल खेला है। दुनिया अपने पास जो कुछ भी है, उसे हथियार बनाने में लगी हुई है- चाहे वह पेट्रोल हो, डीजल हो, फर्टिलाइजर हो, दवाइयां हों, या टेक्नोलॉजी चिप्स हों। यहां तक कि जमीन को भी हथियार बनाया जा रहा है। अगर हम पिछले 10 सालों में आत्मनिर्भरता के मंत्र से सही दिशा में नहीं बढ़े होते, तो कोई सोच ही सकता है कि हम ऐसी चुनौतियों का कितनी मजबूती से सामना करते और हमारी तैयारी बढ़ती जा रही है।”
ग्रीन इकॉनमी के क्षेत्र में काम करने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने ग्रीन इकॉनमी को लेकर कहा कि हमें रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन स्टोरेज और मैन्युफैक्चरिंग के एरिया में काम करना चाहिए। भारत के पास ब्लू इकॉनमी के एरिया में मौका है। बताते चलें कि ब्लू इकोनॉमी का मतलब है समुद्र, महासागरों और तटीय संसाधनों का सतत, जिम्मेदार और होशियारी से इस्तेमाल करने का तरीका है। ब्लू इकोनॉमी का मुख्य उद्देश्य समुद्री संसाधनों का इस्तेमाल कर देश का आर्थिक विकास करना, रोजगार देना और नागरिकों की आजीविका में सुधार लाना है।
मौके को हाथ से न जाने दें MSMEs
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि दुनिया ने हमारी ताकतों को पहचानना शुरू कर दिया है। इसलिए, 2014 से, हम लगभग 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कर रहे हैं। पीएम ने कहा, ”देखिए कितना बड़ा मौका आया है, ये ट्रेड एग्रीमेंट एक बहुत बड़ा मौका दिखाते हैं। इसलिए, मैं खास तौर पर अपने MSMEs से कहना चाहता हूं कि वे इस मौके को हाथ से न जाने दें। हमें ग्लोबल मार्केट तक पहुंचना होगा। हमें ये पक्का करना होगा कि इंडियन प्रोडक्ट्स- चाहे टेक्सटाइल हों, मशीनरी हों, या फार्मा.. ग्लोबल मार्केट तक पहुंचें। हम ये मौका नहीं छोड़ सकते हैं।”
सॉफ्ट पावर की ताकत से विदेशी टूरिस्ट को अट्रैक्ट करने का मौका
प्रधानमंत्री ने योग, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट्स, कल्चर, फिल्में, एनिमेशन, गेमिंग, डिजिटल कंटेंट को भारत की सॉफ्ट पावर बताया है। उन्होंने कहा कि आज योग ने दुनिया को भारत के साथ जोड़ा है। दुनिया भारत के WAVES समिट को पहचान रही है और उसका इंतजार कर रही है। हमारे पास 100 से ज्यादा नेशनल पार्क हैं। हमारे पास सॉफ्ट पावर की ताकत से विदेशी टूरिस्ट को अट्रैक्ट करने का मौका है।
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