Highlights
- यश ने खुद को शाहरुख का बड़ा फैन बताया, बोले- खुद को उनसे बड़ा माना तो दुकान बंद।
- ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टलने पर यश ने कहा, मुझे डर नहीं, जिंदगी एक रोलर कोस्टर होनी चाहिए।
- ‘रामायण’ में रावण बने यश बोले, राम की भलाई दिखाने के लिए रावण की बुराई जरूरी।
नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के सबसे ज्यादा फीस पाने वाले सुपरस्टार यश ने शाहरुख खान, रणवीर सिंह और अपने सह-कलाकारों संजय दत्त तथा रणबीर कपूर को लेकर कई खुलासे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अतीत में कभी शाहरुख खान से मिलने का समय नहीं मांगा था और ‘केजीएफ’ की रिलीज डेट का शाहरुख की फिल्म ‘जीरो’ के साथ टकराव भी जानबूझकर नहीं हुआ था। ‘आप की अदालत’ शो में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के सवालों का जवाब देते हुए यश ने कहा, ‘मैं शाहरुख सर का बहुत बड़ा फैन रहा हूं। जिस तरह पैन-इंडिया फिल्में काम करती हैं, हमें हिंदी, तमिल, तेलुगु और दूसरी भाषाओं के लिए डेट्स मिलती हैं। आप रिलीज डेट के टकराव से बच नहीं सकते। पैन-इंडिया फिल्म के साथ क्लैश होगा ही, क्योंकि हम पांच भारतीय भाषाओं में रिलीज कर रहे हैं। ‘केजीएफ-1’, शाहरुख सर की ‘जीरो’ के मुकाबले एक छोटी फिल्म थी।’
‘पहले मेरी शाहरुख से कोई जान-पहचान नहीं थी’
यश: आपने कहा कि मैंने उनसे मिलने का समय मांगा था। उससे पहले मैं उनसे कभी मिला ही नहीं था। हम बाद में मिले। पहले मेरी उनसे कोई जान-पहचान नहीं थी। मैंने उनसे मिलने के लिए कभी नहीं कहा।
रजत शर्मा: आपकी फिल्म ‘केजीएफ’ ने 250 करोड़ रुपये कमाए, जबकि उनकी फिल्म ‘जीरो’ ने 100 करोड़ रुपये कमाए।
यश: नहीं, सर। इसमें कोई बड़प्पन की बात नहीं है। हम काम करते हैं। कभी हमें सराहना मिलती है, कभी नहीं मिलती। शाहरुख सर ने इतने दशकों में इस इंडस्ट्री के लिए जो किया है, वह कभी नहीं बदलेगा। वह एक सुपरस्टार हैं। जिस दिन मुझे लगा कि मैं अपने सीनियर्स से बड़ा हूं, उस दिन से मेरी दुकान बंद! मुझसे पहले भी बड़े स्टार आए हैं और मेरे बाद भी मुझसे बड़े स्टार आएंगे। यह प्रकृति है। मैं इसे गर्व की बात नहीं मानता। लोगों ने मेरी फिल्मों को पसंद किया, मेरे लिए इतना ही काफी है, सर।
रजत शर्मा: ‘जीरो’ में मेरा भी एक छोटा-सा रोल था, इसलिए मुझे बुरा लगा।
यश (हंसते हुए): कोई बात नहीं, सर। अगली बार मेरी पिक्चर में कर दीजिए। (यश के जवाब पर दर्शकों ने तालियां बजाईं)
‘कभी-कभी दो फिल्में एक साथ भी चल सकती हैं’
जब रजत शर्मा ने कहा कि आमिर खान ने अपनी फिल्म की रिलीज टाल दी थी और जब ‘केजीएफ-2’ सिनेमाघरों में आई थी, तब उन्होंने कहा था कि अब यश से डरना पड़ेगा, तो यश ने जवाब दिया, ‘मैं ऐसा कभी नहीं कहता। कोई किसी से नहीं डरता। सिनेमा मेरे या किसी दूसरे अभिनेता के बारे में नहीं है। यह इस चीज के बारे में है कि आप कितना काम करते हैं, आपका काम कितना बेहतर था। लोग रिलीज डेट के क्लैश को लेकर बातें करते हैं। मुझे लगता है कि कभी-कभी दो फिल्में एक साथ भी चल सकती हैं।’
‘मेरी फिल्म की डेट 8 महीने पहले घोषित की गई थी’
रजत शर्मा: रणवीर सिंह ने कहा था कि उनसे दोस्ती मत करना, वह अपनी फिल्म के साथ आपकी डेट क्लैश करा देंगे?
यश: क्या उन्होंने ऐसा कहा? मैंने तो कभी नहीं सुना।
रजत शर्मा: जब आपकी फिल्म ‘टॉक्सिक’ की डेट ‘धुरंधर-2’ के साथ क्लैश होने वाली थी, तब कुछ लोग परेशान थे कि क्या होगा?
यश: मेरी फिल्म की डेट आठ महीने पहले घोषित की गई थी। आपने जो डेट क्लैश की बात कही, मैं सीधे किसी के साथ डेट क्लैश नहीं करता। मेरी डेट घोषित होती है। अगर किसी की दूसरी फिल्म आती है, तो डेट क्लैश हो जाता है। इस बार कुछ भ्रम था। मेरी फिल्म ‘टॉक्सिक’ मार्च में रिलीज होने वाली थी। लोगों ने कहा, मैं डर गया। जिंदगी में मुझे कुछ खोने का नहीं, तो डर नहीं। लोग कह सकते हैं कि अगर मेरी फिल्म 100 से 200 करोड़ रुपये कम कमाएगी, तो मैं डर जाऊंगा। एक समय था जब हमारी जेब में कुछ नहीं था। आज हमारे पास जो कुछ है, वह भगवान का आशीर्वाद है। जिंदगी में मेरे पास प्यार और सफलता के रूप में इतने सारे प्लस हैं कि मुझे डर नहीं लगता।
‘टॉक्सिक’ की रिलीज में क्यों हुई देरी?
‘टॉक्सिक’ की रिलीज में हुई देरी के बारे में यश ने कहा, ‘मुझे सिर्फ एक बात का डर था कि मैं जनता के सामने जो प्रोडक्ट पेश कर रहा हूं, वह अच्छा है या नहीं। उस समय युद्ध चल रहा था, भ्रम की स्थिति थी। मैंने अपने प्रोडक्ट को देखा। मुझे लगा कि मुझे और समय चाहिए। फिर मैंने फिल्म की रिलीज आगे बढ़ाने का फैसला किया। जिंदगी चलती रहती है।’
रजत शर्मा: शाहरुख खान कहते हैं, ‘अब मुझे बनियान पहननी पड़ेगी, बॉडी बनानी पड़ेगी, उस पर थोड़ा खून लगाना पड़ेगा, एक हाथ में लड़की और दूसरे में बंदूक…’
यश: ‘अभी हर लोग करते हैं। मैं करता हूं तो बहुत बड़ी न्यूज होती है, पता नहीं क्यों? अब रोमांस भी सब करते हैं, एक्शन भी सब करते हैं, मुझ पर ही सब आता है, पता नहीं क्यों?’
संजय दत्त के साथ काम का अनुभव कैसा रहा?
संजय दत्त के साथ काम करने के बारे में यश ने कहा, ‘उन्हें क्लाइमैक्स के सीन शूट करने थे। उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। कुछ परेशानी थी। लेकिन उनका कमिटमेंट बहुत अच्छा था। मैं ज्यादा चिंतित था। मैं उन्हें कहना चाहता था। ‘केजीएफ’ के सेट पर धूल थी। मैं चाहता था कि वह बॉडी डबल के साथ कर लें। उन्होंने कहा, नहीं, मुझे डिसरिस्पेक्ट मत करो, मुझे करना है। वह आए। हम सब बहुत डरे हुए थे। वह बहुत मेहनती और बहुत कमिटेड हैं। दिल से बहुत अच्छे हैं वो।’
रश्मिका मंदाना की उस टिप्पणी पर, जिसमें उन्होंने यश को ‘शो-ऑफ’ बताया था और जिसके बाद सोशल मीडिया पर यश के प्रशंसकों ने उन्हें ट्रोल किया था, सुपरस्टार ने जवाब दिया, ‘मुझे नहीं पता कि उन्होंने किस अर्थ में ऐसा कहा था। वह नई हैं। कुछ बकवास टीवी शो होते हैं, जहां इंटरव्यू लेने वाला तीन-चार विकल्प देता है और शायद ये लड़की सोची कि ये ऑप्शन सूट होगा। बहुत सारे डायरेक्टर ऑफेंड हो गए। मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि ठीक है, यह किसी की राय है। यही मैंने लिखा था। कोई भी आपके बारे में अपनी राय दे सकता है। लेकिन किसी की राय मेरी पर्सनैलिटी नहीं होगी। जो मैं हूं, वो किसी के नजरिए से नहीं बदलता है। मैं जो हूं, मैं हूं।’
‘जिंदगी एक रोलर कोस्टर होनी चाहिए’
जब उनसे पूछा गया कि जब वह आसानी से ‘केजीएफ’ की तीसरी सीक्वल कर सकते थे, तो उन्होंने ‘टॉक्सिक’ करने का जोखिम क्यों चुना, यश ने कहा, ‘मुझे जोखिम लेना पसंद है। मुझे जिंदगी को जोखिम के साथ जीना पसंद है। जिंदगी एक रोलर कोस्टर होनी चाहिए। जहां मुश्किल काम होता है, वहीं पे इज्जत भी मिलती है।’
रजत शर्मा: आपने ‘केजीएफ’ सीरीज से 1500 करोड़ रुपये कमाए, लेकिन आपने 4000 करोड़ रुपये में बन रही ‘रामायण’ को चुना?
यश: मैं इस गलतफहमी को दूर कर दूं। दो हिस्सों में बनी 4000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह फिल्म हॉलीवुड में रिलीज होगी। इसमें प्रमोशनल बजट भी शामिल है। हॉलीवुड में इसे इसी तरह प्लान किया जाता है। वहां प्रमोशनल बजट फिल्म के बजट से भी बड़ा होता है, क्योंकि फिल्म की ग्लोबल रिलीज होती है। ‘रामायण’ और ‘टॉक्सिक’, दोनों को ग्लोबल फिल्मों के तौर पर पोजिशन किया गया है।
राम की भूमिका के बजाय रावण की भूमिका क्यों चुनी?
जब रजत शर्मा ने कहा कि अतीत में ‘रामायण’ पर बनी कई फिल्में फ्लॉप हो चुकी हैं, क्योंकि इसकी कहानी सभी को पता है, तो यश ने जवाब दिया, ‘स्टोरी से नहीं होता है। रामायण के बारे में हर एक का अपना इमेजिनेशन है। बचपन में मैं अपने दादाजी से रामायण सुना करता था, फिर मैंने सीरियल और फिल्में देखीं। फिल्मों में आप मनोरंजन और धार्मिक मूल्यों को जोड़ते हैं। एक अच्छा संतुलन होना चाहिए। यह ऐसी कहानी है जो सदियों से चली आ रही है। मेरे पार्टनर नमित मल्होत्रा इसे तैयार करने के लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं। पिक्चर अच्छी होगी तो लोग आशीर्वाद देंगे।’
यह पूछे जाने पर कि उन्होंने राम की भूमिका के बजाय रावण की भूमिका क्यों चुनी, यश ने जवाब दिया: राम की भलाई दिखाने के लिए रावण की बुराई भी दिखानी चाहिए।
रजत शर्मा: क्या आपने सारी बुराई दिखाने का ठेका ले रखा है?
यश: मुझसे अच्छा कोई नहीं दिखा सकता। इस फिल्म में ऐसे सिचुएशन की जरूरत है, जहां लोग कहें, उसको कैसे मारें यार? वह मर ही नहीं सकता, उसके पास वरदान है, उसके पास सब है। प्रभु श्रीराम उसको हराते हैं। हमने अपने सारे अहंकार एक तरफ रख दिए हैं।
‘आप जानते हैं, हनुमानजी कर्नाटक से हैं’
रजत शर्मा: आप फिल्म के राजा हैं, तो रणबीर कपूर राजा राम का काम कैसे कर सकते हैं?
यश: वो कहानी है। हम किरदार निभाते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने हनुमान की भूमिका के लिए सनी देओल को क्यों चुना, तो यश ने जवाब दिया, ‘वह बजरंगबली का किरदार निभाएंगे। आप जानते हैं, हनुमानजी कर्नाटक से हैं, सर। हर एक एक्टर अपना वैल्यू लेकर आ रहा है इस फिल्म में।’
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