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कड़ाही में डालते ही फूलेगी पूड़ी, बस आटा गूंथने से तलने तक अपनाएं ये टिप्स

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How to Make Perfect Poori: पूड़ियां बनाते समय छोटी-सी गलती भी उनकी पूरी शक्ल बिगाड़ सकती है. कभी तेल का तापमान सही नहीं होता, तो कभी आटे की कंसिस्टेंसी या बेलने का तरीका गड़बड़ा जाता है और पूड़ी फूलने के बजाय चपटी रह जाती है. अगर आप भी चाहते हैं कि कड़ाही में डालते ही पूड़ी अच्छी तरह फूले और देखने में एकदम गोल-मटोल बने, तो आटा गूंथने से लेकर लोई तैयार करने, बेलने और तलने तक कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा. इन सब आसान तरीकों को अपनाकर आप हर बार नरम, फूली और स्वादिष्ट पूड़ियां बना सकते हैं.

त्योहारों पका मौसम हो या घर में मेहमान आने वाले हों, पूड़ी के बिना दावत कुछ अधूरी सी लगती है. गरमा-गरम फूली हुई पूड़ियां सभी को पसंद आती हैं, लेकिन कई बार थोड़ी सी गलती की वजह से पूड़ियां फूलने के बजाय चपटी रह जाती हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो पूड़ी बनाते समय आटा गूंथने से लेकर तेल में तलने तक इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान जरूर रखें.

पूड़ी अच्छी तरह फूलाने के लिए सबसे पहले आटे की कंसिस्टेंसी सही रखें. रोटी जैसा बहुत नरम आटा पूड़ी के लिए सही नहीं रहता. इससे पूड़ी तेल में डालने के बाद ढीली पड़ सकती है और अच्छी तरह फूल नहीं पाती. इसलिए आटा थोड़ा सख्त गूंथें और पानी एक साथ डालने के बजाय धीरे-धीरे मिलाएं. आटे को कुछ देर अच्छी तरह मसलने से वह चिकना और एकसार हो जाता है. चाहें तो आटा गूंथते समय थोड़ा नमक और एक चम्मच तेल या घी भी मिला सकती हैं.

पूड़ी के फूलने में तेल का तापमान भी काफी जरूरी होता है. अगर तेल पर्याप्त गर्म नहीं है, तो पूड़ी धीरे-धीरे सिकेगी और ज्यादा तेल सोख सकती है. इससे पूड़ी भारी और चपटी हो सकती है. वहीं तेल बहुत ज्यादा गर्म होने पर पूड़ी बाहर से जल्दी भूरी हो सकती है और अंदर से ठीक से नहीं सिकेगी. इसलिए पहले तेल को अच्छी तरह गर्म करें और फिर आंच को मध्यम रखें. पूड़ी तेल में डालने के बाद जब वह ऊपर आने लगे, तो कलछी से हल्का दबाने पर वह फूल सकती है.

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अच्छी पूड़ी के लिए आटे के साथ-साथ उसे बेलने का तरीका भी सही होना चाहिए. बहुत पतली पूड़ी बेलने पर वह फूलने के बजाय ज्यादा कुरकुरी हो सकती है. वहीं बहुत मोटी पूड़ी अंदर से ठीक से नहीं सिक सकती. इसलिए पूड़ी को न बहुत पतला और न बहुत मोटा बेलें. कोशिश करें कि सभी पूड़ियों की मोटाई लगभग एक जैसी रहे. बेलते समय किनारों को भी बराबर रखें, ताकि पूड़ी हर तरफ से समान रूप से सिक सके.

कई बार आटा और तेल सही होने के बाद भी पूड़ी तेल में डालने के तरीके की वजह से नहीं फूलती. पूड़ी को गर्म तेल में सावधानी से डालें और तुरंत पलटने की जल्दबाजी न करें. जब पूड़ी तेल की सतह पर आने लगे, तो कलछी से उसके ऊपर हल्का दबाव दे सकती हैं. इससे पूड़ी के अंदर भाप बनने में मदद मिलती है और वह फूल सकती है. हालांकि, इसे बहुत जोर से न दबाएं. साथ ही कड़ाही में एक साथ बहुत ज्यादा पूड़ियां न डालें, क्योंकि इससे तेल का तापमान कम हो सकता है.

पूड़ी बेलते समय चिपकने से बचाने के लिए बहुत ज्यादा सूखा आटा इस्तेमाल करने से भी बचें. ज्यादा सूखा आटा पूड़ी की सतह पर चिपक सकता है और तलते समय जलने लगता है. इससे तेल भी जल्दी गंदा हो सकता है. इसलिए जरूरत के हिसाब से ही सूखा आटा लगाएं. अगर आटा सही तरीके से गूंथा गया है, तो बहुत ज्यादा सूखे आटे की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही पूड़ियां बेलकर उन्हें ज्यादा देर तक खुला न छोड़ें, क्योंकि इससे उनकी सतह सूख सकती है और उनका फूलना प्रभावित हो सकता है.

पूड़ी की लोई बनाते समय भी थोड़ी सावधानी रखें. आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हाथों से अच्छी तरह चिकना और गोल कर लें. लोई में दरार या सूखा हिस्सा रहने पर पूड़ी बेलते समय उसकी मोटाई एक जैसी नहीं रहती. कोशिश करें कि सभी लोइयां लगभग बराबर आकार की हों. बेलने से पहले लोई को हथेली से हल्का दबाकर चपटा कर लें. इससे पूड़ी को बराबर मोटाई में बेलना आसान होता है और तेल में डालने पर उसके फूलने की संभावना भी बढ़ जाती है.

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