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Baghelkhandi Bhijora Recipe: बघेलखंड के देसी खान-पान में कई ऐसे पारंपरिक व्यंजन हैं जिनका स्वाद आज भी लोगों को पसंद आता है. मूंग दाल का भिजौरा भी इन्हीं में से एक है. इसे बनाने की खास विधि और मसालों का देसी स्वाद इसे आम मुगौड़े से अलग बनाता है.

Baghelkhandi Bhijora Recipe: बघेलखंड का खान-पान अपनी सादगी और देसी स्वाद के लिए जाना जाता है. यहां कम सामग्री में बनने वाले कई ऐसे पारंपरिक व्यंजन हैं जिनका स्वाद आज भी लोगों की जुबान पर बना हुआ है. इन्हीं देसी पकवानों में शामिल है मूंग दाल का भिजौरा जिसे कई जगह पानी वाला मुगौरा भी कहा जाता है. यह खाने में स्वादिष्ट होने के साथ बनाने में भी काफी आसान है. स्थानीय निवासी अंजलि चतुर्वेदी लोकल 18 से बताती हैं कि इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसे नाश्ते से लेकर शाम के स्नैक्स तक अलग-अलग समय पर खाया जा सकता है.

पहले मूंग दाल को अच्छी तरह भिगोएं
भिजौरा बनाने के लिए सबसे पहले मूंग दाल की जरूरत होगी. मूंग दाल को साफ करके अच्छी तरह धो लें और करीब तीन से चार घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें. दाल के अच्छी तरह फूल जाने के बाद उसका अतिरिक्त पानी निकाल दें. अब भीगी हुई मूंग दाल को मिक्सी में डालकर पीस लें. ध्यान रखें कि दाल को बिल्कुल बारीक पेस्ट की तरह नहीं पीसना है. इसे थोड़ा दरदरा पीसना है ताकि तैयार होने के बाद भिजौरे में दाल का स्वाद और हल्का टेक्सचर बना रहे.

मसालों से तैयार करें भिजौरे का पेस्ट
अब तैयार किए गए मूंग दाल के पेस्ट को एक बड़े बर्तन में निकाल लें. इसमें स्वाद के अनुसार लाल मिर्च, नमक, थोड़ी सी हींग, धनिया और पीसी हुई अदरक डालें. इसके साथ बारीक कटी हुई हरी धनिया पत्ती भी मिला दें. सभी मसालों को दाल के पेस्ट में अच्छी तरह मिलाएं ताकि मसाले पूरे मिश्रण में बराबर पहुंच जाएं. मसाले मिलाने के बाद पेस्ट को तुरंत इस्तेमाल करने के बजाय करीब 15 से 20 मिनट के लिए रख देना चाहिए.

15 से 20 मिनट रखने से आएगी स्पंजी बनावट
दाल के पेस्ट को कुछ समय रखने का एक खास फायदा है. इससे पेस्ट थोड़ा स्पंजी हो जाता है और भिजौरा तलने के बाद अंदर से बेहतर बनता है. करीब 15 से 20 मिनट बाद एक बार पेस्ट को हल्के हाथ से मिला लें. अब आपका मिश्रण भिजौरा बनाने के लिए तैयार है. यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि पेस्ट न तो बहुत ज्यादा पतला हो और न ही इतना सख्त कि उसे आकार देने में परेशानी हो.

हाथों से दें भिजौरे को बड़ा आकार
अब कड़ाही में तेल गर्म करने के लिए रख दें. तेल बहुत तेज गर्म करने के बजाय मध्यम आंच पर रखें. पेस्ट की थोड़ी मात्रा हाथ में लें और उसे मुगौड़ी की तुलना में थोड़ा बड़ा आकार देते हुए भिजौरे का रूप दें. अब आप इसे गोल या अपनी सुविधा के अनुसार हल्का चपटा आकार भी दे सकते हैं. तैयार किए गए भिजौरे को सावधानी से गर्म तेल में डालें. इसी तरह एक-एक करके बाकी भिजौरे भी कड़ाही में डालते जाएं.

धीमी आंच पर पकाना है सबसे जरूरी
भिजौरा बनाने में सबसे जरूरी बात इसकी पकाने की प्रक्रिया है. इसे तेज आंच पर तलने के बजाय धीमी आंच पर पकाना बेहतर रहता है. धीमी आंच पर भिजौरा धीरे-धीरे अंदर तक पकता है और बाहर से भी अच्छी तरह तैयार होता है. तलते समय इसे जरूरत के हिसाब से पलटते रहें ताकि सभी तरफ से समान रूप से पक जाए. जब भिजौरे का बाहरी हिस्सा अच्छी तरह पक जाए तो उन्हें कड़ाही से निकाल लें.

अब तैयार करें नमक वाला पानी
जब भिजौरे तेल में पक रहे हों उसी दौरान एक अलग बर्तन में पानी लेकर उसमें स्वाद के अनुसार नमक मिला लें. यही नमक वाला पानी भिजौरे को खास स्वाद और नरम बनावट देगा. कड़ाही से निकाले गए गर्म भिजौरे को सीधे इस नमक वाले पानी में डालते जाएं. सभी भिजौरों को पानी में डालने के बाद कुछ समय के लिए ऐसे ही रहने दें.

पानी सोखने के बाद तैयार होगा असली भिजौरा
अब सबसे अहम प्रक्रिया शुरू होती है. भिजौरे को नमक वाले पानी में तब तक रहने दें जब तक वे पानी को अच्छी तरह सोख न लें. जैसे-जैसे भिजौरा पानी सोखेगा उसका स्वाद और बनावट बदलने लगेगी और वह अंदर से नरम हो जाएगा. जब ये पर्याप्त मात्रा में पानी सोख लें तो समझिए कि आपका बघेलखंडी स्टाइल का भिजौरा तैयार है.

हरी चटनी के साथ बढ़ाएं स्वाद
तैयार भिजौरे को आप हरी चटनी के साथ परोस सकते हैं. इसका देसी स्वाद सुबह के नाश्ते के लिए काफी अच्छा लगता है. खास बात यह है कि इसे केवल नाश्ते तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. इसे दोपहर में दाल-चावल के साथ भी खाया जा सकता है वहीं शाम के समय चाय के साथ स्नैक्स के तौर पर भी भिजौरा एक अच्छा विकल्प बन सकता है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…

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