मध्यप्रदेश के गुना जिले के आरोन विकासखंड अंतर्गत एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली घिनौनी और बेहद शर्मनाक करतूत सामने आई है। यहां कक्षा 5वीं में पढऩे वाली आधा दर्जन के करीब मासूम छात्राओं को कक्षा के ही शरारती छात्रों ने छल से पानी की बोतल में मूत्र मिलाकर पिला दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद जब मासूम छात्राएं रोते-बिलखते प्राचार्य के पास शिकायत लेकर पहुंचीं, मगर यहां भी निराशा ही हाथ लगी। प्राचार्य ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार करते हुए छात्राओं की शिकायत सुनने और उस पर एक्शन लेने की जगह उलटा जवाब दे दिया कि ‘मुंह का स्वाद खराब हो गया हो तो 10-10 वाली चॉकलेट खा लो’।
गुस्से में ग्रामीण
छात्राओं की शिकायत पर स्कूल प्राचार्य के इस असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने इस घिनौने अपराध की आग में घी डालने का काम किया। जैसे ही छात्राओं के परिजनों को इसकी सूचना मिली, परिजनों और पूरे क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है। घटना तब घटी जब पीडि़त छात्राएं पास में ही एक आंगनवाड़ी में रंगोली बनाने गई थीं। इस दौरान छात्राओं ने अपने बैग एवं पानी की बोतलें क्लास में ही छोड़ दी थीं। इस दौरान एक शरारती छात्र ने छात्राओं की बोतल में पेशाब भर दिया।
प्राचार्य ने भी नहीं सुनी शिकायत
जब वापस आकर छात्राओं ने पानी पीया तो उन्हें समझ आया कि कुछ गड़बड़ है। छात्राओं ने इसकी जानकारी प्राचार्य को दी, लेकिन प्राचार्य ने मदद करने की जगह उन्हें चॉकलेट खाने की सलाह दे दी। सोमवार को घटी इस घिनौनी घटना की जानकारी जब मासूम पीडि़त छात्राओं ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को दी, तो उनका खून खौल उठा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए परिजनों ने स्कूल में ताला जड़ दिया और दोषी छात्रों व ढुलमुल रवैया अपनाने वाली प्राचार्या के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देख स्कूल परिसर में हडक़ंप मच गया और आनन-फानन में प्रशासनिक अमले को इसकी सूचना दी गई।
एसडीएम के निर्देश पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार और बीईओ
मामले की गंभीरता और स्थिति के तनावपूर्ण होते ही आरोन एसडीएम मंजूषा खत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने तहसीलदार कृष्णकांत चौबे और बीईओ को फौरन मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने के निर्देश दिए। बाद में सरपंच के साथ दो बच्चियों को आरोन एसडीएम के समक्ष लाया गया। जहां एसडीएम ने उनसे पूरी जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और पीडि़त छात्राओं, उनके परिजनों तथा आरोपी छात्रों के विस्तृत बयान दर्ज किए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम मंजूषा खत्री ने बीईओ को पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर आगामी दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
(गुना से रितेश सिंह राजपूत की रिपोर्ट)
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