कानपुर के नौबस्ता थाने में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब महिला उत्पीड़न की शिकायत में पूछताछ के लिए बुलाए गए एक युवक ने थाने के बाथरूम में टॉयलेट क्लीनर पी लिया। युवक पहले से नशे की हालत में था और थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों से उलझने लगा था। कुछ देर बाद उसने थाने में अपना सिर पटकना शुरू कर दिया।
घटना के बाद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन युवक को कांशीराम अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल युवक का इलाज आईसीयू में चल रहा है। इस पूरे मामले में थाने की सुरक्षा और निगरानी में लापरवाही सामने आने पर डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने कार्रवाई की है। नाइट अफसर दरोगा विकास गौड़ और हेड कांस्टेबल अरविंद को निलंबित कर दिया गया है।
महिला को अलग-अलग नंबरों से फोन कर परेशान करने का आरोप
नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह के मुताबिक, नौबस्ता निवासी एक महिला के ससुर ने सरसौल क्षेत्र के महोली गांव निवासी आशीष द्विवेदी के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आशीष अलग-अलग मोबाइल नंबरों से महिला को फोन कर परेशान करता था। परिवार का आरोप था कि जब महिला और उसके परिजनों ने फोन करने का विरोध किया तो युवक ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इसी शिकायत की जांच के सिलसिले में पुलिस ने आशीष को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
दोस्त के साथ नशे में पहुंचा थाने
पुलिस के अनुसार, आशीष को दिन में ही थाने आने के लिए कहा गया था, लेकिन वह उस समय नहीं पहुंचा। मंगलवार रात करीब 11:30 बजे वह अपने दोस्त के साथ थाने पहुंचा। पुलिस का कहना है कि दोनों नशे की हालत में थे। थाने पहुंचते ही आशीष पुलिसकर्मियों से बहस और अभद्रता करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने और थाने से जाने के लिए कहा, लेकिन वह पूछताछ कराने की बात पर अड़ा रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दोनों को थाने में बैठा लिया। इसी दौरान आशीष ने कथित तौर पर अपना सिर दीवार या फर्श पर पटकना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया।
मेडिकल की तैयारी के बीच बाथरूम जाने की कही बात
पुलिस के मुताबिक, आशीष और उसके दोस्त का मेडिकल कराने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान आशीष ने लघुशंका जाने की बात कही। एक सिपाही उसे थाने के बाथरूम तक लेकर गया। आरोप है कि बाथरूम में पहले से रखा टॉयलेट क्लीनर देखकर आशीष ने उसे उठा लिया और कथित तौर पर उसे पी लिया। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि पुलिस का बयान में कहना है वो टॉयलेट क्लीनर पी नही सका था उससे पहले ही उससे छीन लिया गया ।
कांशीराम से हैलट रेफर, ICU में इलाज
पुलिसकर्मी तत्काल आशीष को कांशीराम अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति का परीक्षण किया। हालत गंभीर होने के कारण उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया, इसके बाद पुलिसकर्मी उसे लेकर हैलट पहुंचे। फिलहाल युवक का आईसीयू में इलाज चल रहा है। उसकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर रख रहे हैं।
थाने की लापरवाही पर दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने थाने में सुरक्षा व्यवस्था और आरोपी की निगरानी में हुई चूक को गंभीरता से लिया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मामले में नाइट अफसर दरोगा विकास गौड़ और हेड कांस्टेबल अरविंद को निलंबित कर दिया है। अब यह भी जांच की जा रही है कि नशे की हालत में थाने पहुंचे युवक की उचित निगरानी क्यों नहीं की गई और पूछताछ के दौरान उसे बाथरूम तक ले जाते समय सुरक्षा के जरूरी इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
फिलहाल पुलिस युवक के खिलाफ दर्ज शिकायत की जांच के साथ-साथ थाने में हुई इस घटना की विभागीय जांच भी कर रही है। युवक की हालत स्थिर होने और चिकित्सकीय स्थिति स्पष्ट होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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