Peanut Health Benefits: अच्छी सेहत के लिए डॉक्टर अक्सर ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह देते हैं. काजू, बादाम और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन इनकी कीमत ज्यादा होने के कारण हर कोई इन्हें नियमित रूप से नहीं खरीद पाता. ऐसे में कम कीमत में मिलने वाली मूंगफली एक अच्छा विकल्प हो सकती है. यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में इसे ‘गरीबों का पिस्ता’ भी कहा जाता है.

मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, विटामिन और मिनरल्स के साथ कई दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसे आसानी से बाजार से खरीदा जा सकता है और खाने के कई तरीके भी हैं.

मूंगफली में पाए जाते हैं कई पोषक तत्व
रायबरेली के सीएचसी शिवगढ़ की आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद) के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति कम कीमत में ड्राई फ्रूट्स का विकल्प चाहता है तो मूंगफली को डाइट में शामिल कर सकता है. इसमें प्रोटीन के साथ कैल्शियम, फाइबर, विटामिन डी, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं.

डॉ. आकांक्षा के अनुसार, मूंगफली का संतुलित मात्रा में सेवन शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने, हड्डियों की सेहत बनाए रखने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं. इसमें मौजूद अच्छे फैट हृदय की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं.

गर्मियों में ऐसे खाएं मूंगफली
अधिकतर लोग सर्दियों में मूंगफली को भूनकर खाना पसंद करते हैं. लेकिन गर्मियों में भी इसे खाया जा सकता है. डॉ. आकांक्षा दीक्षित के अनुसार, मूंगफली को रात में पानी में भिगोकर रखा जा सकता है और सुबह इसका सेवन किया जा सकता है. इसके अलावा मूंगफली के लड्डू बनाकर भी खाए जा सकते हैं. इसे चटनी और दूसरी खाद्य चीजों में भी इस्तेमाल किया जाता है. इस तरह रोज के खाने में इसे आसानी से शामिल किया जा सकता है.

इन लोगों को सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए
मूंगफली भले ही पौष्टिक हो, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसकी मात्रा एक जैसी नहीं हो सकती. जिन लोगों को मूंगफली से एलर्जी है, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए. वहीं किसी बीमारी की दवा लेने वाले लोगों को अपनी डाइट में ज्यादा मात्रा में मूंगफली शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

काजू-बादाम के मुकाबले काफी सस्ती
काजू, बादाम और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स की कीमत बाजार में काफी ज्यादा होती है. ऐसे में कम बजट वाले परिवारों के लिए मूंगफली आसानी से उपलब्ध होने वाला विकल्प है. इसमें कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं.

मूंगफली को इसी वजह से गांवों में ‘गरीबों का पिस्ता’ कहा जाता है. हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज समझने के बजाय संतुलित आहार के एक हिस्से के रूप में लेना बेहतर है. सही मात्रा में खाई गई मूंगफली रोज के खानपान को पौष्टिक बनाने में मदद कर सकती है.



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