तेलंगाना के नालागोंडा जिले के कोंडामल्लेपल्ली में सनसनी फैलाने वाले नागार्जुन ग्रामर कॉन्सेप्ट स्कूल की प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी के हत्या केस की गुत्थी सुलझ गई है। अय्याशी से मना करने पर 10वीं के दो छात्रों ने ही रूपा रेड्डी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। छात्रों ने उनके शरीर को 27 बार चाकू से गोद डाला था। नालगोंडा पुलिस के अनुसार उनकी हत्या दसवीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों ने की थी। सोची-समझी योजना के अनुसार लूटपाट और हत्या करने वाले दोनों छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रूपा रेड्डी की इसी महीने की 11 तारीख को उनके घर पर ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
लास्ट कॉल बाबू से कैसे हुई कातिलों की पहचान
हत्या से पहले रूपा रेड्डी ने अपनी मौसी से फोन पर बात की थी और आखिरी शब्द “बाबू” कहा था। उनका फोन बंद होने के बाद, यह एक शब्द पुलिस जांच में अहम बन गया। पुलिस को जब पता चला कि रूपा रेड्डी के स्कूल में स्टूडेंट्स को आमतौर पर “बाबू” कहा जाता था, तो हत्या की जांच को छात्रों की तरफ मोड़ दिया। इसी क्रम में, 13 छात्रों को चिह्नित किया गया, उनमें से 5 छात्रों से पूछताछ की गई, उसके बाद 10वीं कक्षा के दो छात्रों पर नज़र रखी गई जो शक के घेरे में लग रहे थे, जो काफी रुपये उड़ा रहे थे, रुपयों से मौज मस्ती कर रहे थे।
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छात्रों ने क्यों की थी प्रिंसिपल की हत्या
CCTV कैमरे के फुटेज से शक और पक्का हो गया। जब डोनियाला X-रोड पर बाइक पर आ रहे दो छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उनके पास 1.54 लाख रुपये कैश मिला। पुलिस ने पाया कि 500 रुपये के तीन नोटों पर खून के धब्बे थे। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान आरोपी छात्रों ने बताया कि उन्होंने प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या की थी और कैश चुराया था। जांच में पता चला कि वे दोनों एक ही हॉस्टल के कमरे में रह रहे थे, उन्हें काफी रुपये, महंगा फोन, बाइक और अय्याशी का शौक था, सोशल मीडिया और YouTube पर पैसे कमाने के आसान तरीके ढूंढ रहे थे।
अय्याशी के लिए प्रिंसिपल ने लगाई थी फटकार
पुलिस ने कहा कि हॉस्टल में उनके बैग में एक फोन और कुछ रुपये मिले थे, जिसकी वजह से प्रिंसिपल ने क्लास में उन्हें फटकार लगाई थी और उनकी अय्याशी के बारे में परिजनों को बताने की धमकी दी थी। पैसे को लेकर प्रिंसिपल के डांटने के बाद से ही दोनों छात्र उससे नाराज थे। छात्रों ने हत्या से एक हफ्ते पहले रेकी की थी। उन्होंने घटना वाले दिन कोंडामल्लेपल्ली में अपने कपड़े बदले और चाकू और दस्ताने खरीदे। इसके बाद प्रिंसिपल के घर के सामने की सीसीटीवी लगी थी इसीलिए वे पीछे से घर में घुसे और रुपये चुरा लिए।
छात्रों ने प्रिंसिपल को चाकू से गोद डाला
प्रिंसिपल ने दोनों को पहचान लिया था, इसीलिए छात्रों ने रूपा रेड्डी पर चाकू से करीब 27 बार हमला किया और उनकी नृशंस हत्या कर दी। इसके बाद कैश और उनका फोन लेकर पीछे के रास्ते से ही भाग गए।पुलिस इस केस को चुनौती के तौर पर लेने वाले जिले के पुलिस अधीक्षक सरथ चंद्र पवार ने देवरकोंडा DSP की लीडरशिप में पांच स्पेशल टीमें बनाईं। फोरेंसिक सबूत, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वॉड, CCTV कैमरे और टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल करके जांच की गई। करीब 30 किलोमीटर के दायरे में 70 से ज़्यादा CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की गई और 80 से ज़्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.54 लाख रुपये कैश, मृतक का फोन, और एक iPhone (जो 60 हजार रुपये में खरीदा था), हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, ग्लव्स, मास्क और दो सेल फोन बरामद किए।रूपा रेड्डी मर्डर केस में आखिरी बार सुनी गई बात, बाबू, पुलिस के लिए एक अहम सुराग बन गई। उस एक सबूत से शुरू हुई जांच आखिरकार उन शस्त्रों तक पहुंच गई जिन्होंने उन्हें पढ़ाने वाले टीचर की हत्या कर दी थी।