छत्तीसगढ़ के रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सेमेस्टम एग्जाम का पेपर लीक हो गया। यह परीक्षा गुरुवार को सुबह 10 बजे से एक बजे के बीच होनी थी, लेकिन इससे दो घंटे पहले ही पूरा पेपर व्हाट्सएप में कई लोगों के पास पहुंच गया। पेपर लीक होने के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और पेपर लीक की जांच करने के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई गई। देश में पिछले दो महीने में पेपर लीक के खिलाफ दो बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी हालात ज्यादा नहीं बदले हैं। पेपर लीक की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

आईजीकेवी विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। विश्वविद्यालय से संबद्ध 33 महाविद्यालयों को गुरुवार को जारी एक परिपत्र के अनुसार, एईएनटी-221 (कृषि कीट विज्ञान) के तहत ‘फसलों और संग्रहीत अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)’ विषय की परीक्षा गुरुवार को होनी थी, जिसे “प्रशासनिक कारणों” से रद्द कर दिया गया। परिपत्र में कहा गया है कि अब यह परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में फिर से आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज कराया है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश पर BNS की धाराओ में एफआईआर दर्ज की गई है।

सीएम ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार शाम संवाददाताओं से कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साय ने कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी है और समिति का गठन किया है। मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” आईजीकेवी के एक अधिकारी ने बताया कि परीक्षा गुरुवार सुबह 10 बजे शुरू होनी थी, लेकिन डीन के कार्यालय को सुबह करीब नौ बजे कथित प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत वाला एक ईमेल मिला। अधिकारी ने कहा कि ईमेल के साथ कोई प्रश्नपत्र संलग्न नहीं था। इसके बाद विद्यार्थियों के कुछ व्हॉट्सऐप समूहों में एक प्रश्नपत्र प्रसारित हुआ और दावा किया गया कि यह लीक हुआ प्रश्नपत्र है।

लीक पेपर में 70 फीसदी सवाल मिले

यूनिवर्सिटी के अधिकारी ने कहा, “जांच करने पर पता चला कि प्रसारित प्रश्नपत्र वास्तविक प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल नहीं खाता था, लेकिन उसमें करीब 70 प्रतिशत प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र के प्रश्नों से मिलते-जुलते थे।” इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। अधिकारी ने कहा कि चार सदस्यीय समिति मामले की जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि छात्रों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित रूप से नजर रखने और संशोधित परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी के लिए अपने संबंधित महाविद्यालयों या डीन कार्यालय के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।

कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरा

विपक्षी दल कांग्रेस ने कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार की आलोचना की। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बीएससी द्वितीय वर्ष के कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले लीक होने की कथित घटना “गंभीर और चिंताजनक” है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र का लीक होना न केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता है, बल्कि उन हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है, जो ऐसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। राजपूत ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय के बाहर कैसे पहुंचा। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति, अधिकारी या एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। (इनपुट- सिकंदर खान/पीटीआई)

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