काठमांडू/ग्यिरोंग: तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में आई भीषण और दुखद फ्लैश फ्लड ने बड़ी तबाही मचाई है। इस बाढ़ की चपेट में कैलाश यात्रा पर गया एक समूह भी आया है। सदगुरु जग्गी वासुदेव ने कहा है कि उनका समूह जब वापस लौट रहा था, उस समय लोग ग्यिरोंग के इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद थे और तभी बाढ़ आ गई। इमिग्रेशन ऑफिस की इमारत और आसपास का बड़ा हिस्सा बाढ़ में डूब गया है। सदगुरु ने कहा कि इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि सभी स्वयंसेवक और सपोर्ट टीमें बचाव के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।

सदगुरु बोले, ‘परिवारों का दर्द समझता हूं’

सद्गुरु ने आगे कहा कि अधिकारियों के साथ मिलकर घटनास्थल तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जोखिम कितना भी बड़ा हो, उनकी टीम बचाव अभियान का हिस्सा बनने के लिए तैयार है। सदगुरु ने प्रभावित लोगों के परिवारों और उनके करीबियों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस बेहद मुश्किल समय में वह उनके दर्द को समझते हैं और बचाव के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद इस समय क्षेत्र में मौजूद हैं, ताकि मौजूदा हालात में लोगों की मदद के लिए जो सबसे बेहतर संभव हो, वह किया जा सके।

‘495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं’

सदगुरु के मुताबिक, उनके प्रवास में कुल 21 समूह शामिल हैं। इनमें से 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। वहीं 743 लोग इस समय तिब्बत में हैं, 148 लोग नेपाल में हैं और 77 लोग उस इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद थे, जहां बाढ़ आने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा नेपाल के तिमुरे में 3 स्वयंसेवक भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में उनके समूह के लोगों के साथ-साथ सैकड़ों अन्य लोग भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सभी की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है।

तिब्बत से शुरू हुई बाढ़ नेपाल तक पहुंची

बता दें कि बुधवार को तिब्बत से शुरू हुई भीषण बाढ़ नेपाल के कई इलाकों तक पहुंच गई और काफी तबाही मचाई है। काठमांडू से आई रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, अब तक बरामद 46 शवों में 18 चितवन, 16 धादिंग, 11 नुवाकोट और एक शव रसुवा से मिला है। बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद धमाला ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ का पानी स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में तेजी से बढ़ा। इससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ धादिंग, नुवाकोट और चितवन तक फैल गई।

ये भी पढ़ें: तिब्बत-नेपाल में आई बाढ़ के ये 8 VIDEOS अंदर तक हिला डालेंगे, इंसानों के साथ-साथ गांव-पुल और गाड़ियां सब बह गए





Source link

Write A Comment