जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर सेंट्रल जेल से फरार हुए दो कैदी राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ में पकड़े गए हैं। दोनों कैदी रात के समय खेत में सो रहे थे। ग्रामीणों को संदिग्ध गतिविधियां नजर आने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद दोनों को पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी श्रीनगर सेंट्रल जेल में अलग-अलग मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में बंद थे। जेल में दोस्ती होने के बाद दोनों ने फरार होने की साजिश रची। स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के दौरान रस्सी और पोल की व्यवस्था कर 23 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे जेल की चारदीवारी फांदकर फरार हो गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक आरोपी जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। वहीं, दूसरा आरोपी राजगढ़ का ही है। इसी वजह से दोनों कश्मीर से भागकर राजगढ़ आए थे, लेकिन गांव के लोगों की सतर्कता के चलते दोबारा पकड़े गए।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 26 अगस्त को एसएओ राजगढ़ को सुबह सूचना मिली थी कि खेतों में दो संदिग्ध व्यक्ति हैं, शायद चोर हो सकते हैं। इसके बाद पुलिस टीम को राजगढ़ थाने से भेजा गया। मौके पर दो व्यक्ति मिले, उन्हें डीटेन कर पूछताछ की और उनको जब दस्तियाब किया गया तो वहां 151 में गिरफ्तारी की नौबत आई। उनको गिरफ्तार किया गया और गिरफ्तार कर थाने पर लाकर जब डिटेल पूछताछ की गई तो ये खुलासा हुआ कि फरमान नाम का व्यक्ति राजगढ़ का रहने वाला है और दूसरा व्यक्ति मुख्तार गुर्जर जेएनके का रहने वाला है। ये दोनों ही जेएनके के श्रीनगर की हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में पॉक्सो और बलात्कार के आरोप में अंडर ट्रायल मुलजिम थे, जो दिनांक 23 को वहां से जेल से फरार हो गए थे।
जेल से भागकर की लूटपाट
पूछताछ में सामने आई जानकारी की पुष्टि जम्मू कश्मीर पुलिस के मैसेज से भी हुई है और जेल ब्रेक करने के बाद में इन्होंने वहां जेके में ही किसी महिला से क्योंकि इनके पास पैसे नहीं थे तो आठ हजार की लूट की वारदात भी करी और इस तरीके से एक हाई सिक्योरिटी जेल को ब्रेक करके ये फरार हुए थे। इनको यहां राजगढ़ पुलिस ने दस्तियाब किया है और जेएनके से पुलिस पार्टी है, वो इनको लेने के लिए वहां से रवाना हो गई है। जैसे सूचना मिल गई सर एक नगर पालिका चुनाव कोई आम जनता को के माध्यम से कोई संदेश देना चाहेंगे।
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