प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर उज़्बेकिस्तान पहुंच गए हैं। यहां ताशकंद में पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे। दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे और आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे।
एक-दूसरे से गले मिले दोनों नेता
पीएम मोदी उज्बेकिस्तान की अपनी चौथी यात्रा पर ताशकंद पहुंचे। यहां एयरपोर्ट पर पहुंचते ही राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेता एक-दूसरे से गले भी मिले। बता दें कि पीएम मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य की अपनी दो देशों की यात्रा के पहले चरण में ताशकंद में हैं। इस यात्रा का मकसद मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और इस क्षेत्र के साथ सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करना है।
रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी?
वहीं उज्बेकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने एक बयान में कहा, “मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने तथा ‘विकसित भारत’ और ‘यांगी उज़्बेकिस्तान’ (नए उज़्बेकिस्तान) के हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं।”
पीएम मोदी ने कहा कि वे ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे। यह दोनों देशों को जोड़ने वाले करीबी सांस्कृतिक और लोगों के बीच के संबंधों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। ताशकंद से, प्रधानमंत्री किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे।
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