जब भी वेट लॉस करने की बात आती है तो लोग स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो करने लगते हैं। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी अगर वजन घटाने की कोशिश बेअसर हो रही है तो आपको सोचना चाहिए कि कहां गलती हो रही हो रही है. बता दें, थायराइड हेल्थ में विशेषज्ञता रखने वाली न्यूट्रिशनिस्ट सुदीक्षा कहती हैं कि वजन कम करने के लिए सिर्फ डाइट पर ध्यान देना ही काफी नहीं है। जाने अनजाने आप कुछ ऐसी आदतों के शिकार होते हैं जो वजन कम करने में रुकावट डालते  हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में ऐसी छह आदतों के बारे में बताया, जिन्हें बदलना वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए मददगार हो सकता है

वजन कम करने के लिए बदलें ये आदतें

  • खाना छोड़ना: वजन घटाने के लिए कई लोग मील स्किप करने लगते हैं या बहुत कम खाने लगते हैं। लेकिन, लंबे समय तक खाना छोड़ना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होती। इससे भूख बढ़ सकती है और बाद में जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना भी रहती है।

  • रात 12 बजे के बाद सोना: देर रात तक जागने की आदत आपकी नींद को प्रभावित कर सकती है। अच्छी नींद वजन मैनेजमेंट के लिए भी महत्वपूर्ण है। लगातार नींद पूरी न होने पर भूख और खाने से जुड़े हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं, जिससे क्रेविंग और ओवरईटिंग की समस्या बढ़ सकती है।

  • ओवर थिंकिंग: लगातार तनाव और ओवरथिंकिंग शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव नींद, भूख और खाने के व्यवहार पर असर डाल सकता है। इसलिए फैट लॉस के साथ-साथ तनाव को मैनेज करना भी जरूरी है।

  • हाई-शुगर वाले स्नैक्स: ग्रेनोला, प्रोटीन बार, बिस्कुट और कुछ पैकेज्ड स्नैक्स को हेल्दी बताकर बेचा जाता है, लेकिन इनमें चीनी और कैलोरी की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इसलिए किसी भी पैकेज्ड फूड को खरीदने से पहले उसका न्यूट्रिएंट लेबल जरूर पढ़ें। हर प्रोटीन बार या ग्रेनोला हेल्दी नहीं होता।

  • इमोशनल ईटिंग: बार-बार कुछ खाने का मन करना इमोशनल ईटिंग का संकेत हो सकता है। ऐसे समय में अक्सर मीठे या ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की क्रेविंग होती है। इसे केवल इच्छाशक्ति की कमी समझने के बजाय अपने तनाव ट्रिगर्स को पहचानना जरूरी है।

  • लगातार काम: लगातार काम के बीच शरीर और दिमाग को आराम देने का समय न मिलना ओवरऑल हेल्थ पर असर डाल सकता है। दिन में कुछ समय गहरी सांस लेने, वॉक करने, मेडिटेशन या अपनी पसंद की एक्टिविटी के लिए समय निकालें। इससे स्ट्रेस मैनेज करने में मदद मिल सकती है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।





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