श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को मथुरा वृंदावन के अलावा भारत के कोने-कोने और विदेशों में धूमधाम से मनाया जाता है। मथुरा, वृंदावन और द्वारिका नगरी में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां महीनों पहले से शुरू हो जाती हैं। हर कोई उस घड़ी का इंतजार करता है जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी के दिन लोग व्रत रहते हैं और आधी रात में चांद को देखकर व्रत खोलते हैं। इस दिन कान्हा के पसंदीदा भोग, माखन मिश्री, पेड़ा, दही और पंजीरी का भोग लगाया जाता है। पूजा के लिए खास धनिया पंजीरी बनाने का विशेष महत्व है। धनिया पंजीरी सबसे ज्यादा अच्छी मानी जाती है। आपने आटे वाली पंजीरी तो खाई होगी लेकिन एक बार स्पेशल धनिया पंजीरी बनाकर जरूर खाएं। फटाफट नोट कर लें धनिया पंजीरी की रेसिपी। 

धनिया पंजीरी बनाने के लिए सामग्री

  • धनिया पाउडर- 2 कप 
  • घी- ¼ कप 
  • काजू- 10-12 कटे हुए
  • बादाम- 10-12 कटे हुए
  • मखाना- 1 कप 
  • पीसी शक्कर- ½ कप 
  • इलायची पाउडर- 1/2 टीस्पून 

धनिया पंजीरी की रेसिपी

पहला स्टेप- धनिया पंजीरी बनाने के लिए सबसे पहले साबूत धनिया लेकर इसे मीडियम आंच पर सूखा ही भून लें। पंजीरी में डालने के लिए काजू, बादाम और मखाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।

दूसरा स्टेप- एक पैन में 1 चम्मच देसी घी डालकर काजू-बादाम और मखाने को भून लें। भुने हुए धनिया को हल्का ठंडा होने पर मिक्सी में दरादरा पीस लें।
तीसरा स्टेप- अब बाउल में पिसा हुआ धनिया, मेवा और पीसी शक्कर मिलाएं। आप इसमें इलायची पाउडर और बाकी का सारा घी डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। 
चौथा स्टेप- टेस्टी और आसान धनिया पंजीरी बनकर तैयार है। इसके लिए आपको आटा भूनने की भी जरूरत नहीं होगी। इस पंजीरी को भगवान कृष्ण के भोग में चढ़ाएं और बाद में प्रसाद के रूप में खुद भी खाएं।
पांचवां स्टेप-अगर आपको सिर्फ धनिया पंजीरी का स्वाद ज्यादा पसंद नहीं है तो इसमें थोड़ा भुना हुआ आटा भी मिला सकते हैं। ये पंजीरी सिर्फ स्वाद में ही टेस्टी नहीं होती बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है।

 





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