Janmashtami Prasad Recipes: श्री कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर भगवान कृष्ण के बाल रूप, यानी ‘बाल गोपाल’ के लिए कई तरह के भोग तैयार किए जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कान्हा को दूध, दही, मक्खन और मिठाइयां बहुत पसंद हैं. पूजा की थाली में इन पारंपरिक भोगों को शामिल करने से उत्सव का आनंद और बढ़ जाता है. अच्छी बात यह है कि इन भोगों को आसानी से घर पर ही तैयार किया जा सकता है. आइए जानते हैं पांच स्वादिष्ट पारंपरिक भोगों और उनकी आसान रेसिपी के बारे में…

1. माखन-मिश्री (मक्खन और मिश्री)
सामग्री: ताज़ा सफ़ेद मक्खन और मिश्री.
विधि: एक कटोरे में ताज़ा सफ़ेद मक्खन लें, उसमें मिश्री के छोटे टुकड़े डालें और अच्छी तरह मिलाएं. चाहें तो कटे हुए ड्राई फ्रूट्स से सजाएं. इसे बाल गोपाल को भोग के रूप में चढ़ाया जा सकता है.

2. धनिया पंजीरी (धनिया पाउडर का प्रसाद)
सामग्री: धनिया पाउडर, घी, पिसी हुई मिश्री या चीनी, मखाने और ड्राई फ्रूट्स.
विधि: एक पैन में थोड़ा घी गरम करें और धीमी आंच पर धनिया पाउडर भूनें. हल्के भुने हुए मखाने और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें. मिश्रण के ठंडा होने पर पिसी हुई मिश्री डालें और अच्छी तरह मिलाएं. तैयार पंजीरी को प्रसाद के रूप में परोसें.

3. मखाना खीर (मखाने की खीर)
सामग्री: दूध, मखाने, चीनी या मिश्री, इलायची और ड्राई फ्रूट्स.
विधि: मखानों को हल्का भूनें और उनके छोटे टुकड़े कर लें. दूध उबालें, मखाने डालें और धीमी आंच पर पकाएं. जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तो स्वादानुसार चीनी और इलायची डालें। परोसने से पहले बादाम और पिस्ते से सजाएं.

4. साबूदाना खीर (साबूदाने की खीर)
सामग्री: साबूदाना, दूध, चीनी, इलायची और ड्राई फ्रूट्स.
विधि: साबूदाने को धोकर थोड़ी देर के लिए भिगो दें. दूध उबालें, साबूदाना डालें और धीमी आंच पर पकाएं. जब साबूदाना नरम हो जाए और मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तो चीनी और इलायची डालें. ड्राई फ्रूट्स से सजाएं और भोग के रूप में चढ़ाएं.

5. धनिया-आलू प्रसाद (धनिया और आलू का प्रसाद)
सामग्री: उबले हुए आलू, धनिया पत्ती, सेंधा नमक, जीरा, नींबू और थोड़ा घी।
विधि: पैन में घी गरम करें और जीरा डालें. इसके बाद, कटे हुए उबले आलू, सेंधा नमक और धनिया पत्ती डालें, कुछ मिनट तक भूनें. आंच बंद करें और नींबू का रस डालें. इसे प्रसाद की थाली में शामिल किया जा सकता है.

पूजा की थाली को खास बनाएं
भोग की थाली में फल, तुलसी के पत्ते और माखन-मिश्री भी शामिल किए जा सकते हैं. भोग लगाते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और अपने परिवार की पूजा-पद्धति के अनुसार ही सामग्री का उपयोग करें.

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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



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