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Dholpur Famous Hing Kachori: धौलपुर में सुबह-सुबह खस्ता और कुरकुरी कचौड़ी का स्वाद लेने वालों के लिए बृजवासी कचौड़ी खास पहचान बना चुकी है. आरएसी बटालियन के सामने लगने वाले इस ठेले पर सुबह 6 बजे से ही ग्राहकों की भीड़ जुटने लगती है. यहां की हींग वाली कचौड़ी को छोटे-छोटे टुकड़ों में करके हाथ से मसलकर परोसा जाता है. कचौड़ी देसी घी में तली जाती है, जिसके साथ मसालेदार आलू की सब्जी और घी में तली हरी मिर्च मिलती है. सब्जी में घर के पिसे मसालों और हींग के पानी का इस्तेमाल स्वाद को खास बनाता है. ठेला संचालक संदीप पिछले करीब 5 साल से कचौड़ी बेच रहे हैं और रोजाना 700 से 800 कचौड़ी तक बेचते हैं. यहां दो कचौड़ी सिर्फ 20 रुपये में मिलती हैं. आगरा, मुरैना और ग्वालियर तक से लोग इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं.
सुबह का समय हो और सामने गरमा-गरम, खस्ता और कुरकुरी कचौड़ी मिल जाए, तो भला कौन खुद को रोक पाएगा. जब भी कचौड़ी का नाम आता है, लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. धौलपुर में भी एक ऐसा ही कचौड़ी का ठेला है, जहां मिलने वाली खस्ता और कुरकुरी कचौड़ी लोगों के बीच काफी पसंद की जाती है. आरएसी बटालियन के सामने लगने वाले बृजवासी कचौड़ी के ठेले पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगती है. यहां की खासियत है कचौड़ी को छोटे-छोटे टुकड़ों में करके हाथ से मसलकर परोसना.
बृजवासी कचौड़ी का ठेला सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही लगता है. यानी अगर आपको इस खास कचौड़ी का स्वाद चखना है तो सुबह के समय ही यहां पहुंचना होगा. ठेला लगाने वाले संदीप बताते हैं कि वह पिछले करीब 5 साल से कचौड़ी बेच रहे हैं. इस दौरान उनकी कचौड़ी का स्वाद लोगों की पसंद बन गया है.
संदीप ने बताया कि उनकी हींग वाली कचौड़ी खाने के लिए धौलपुर शहर के अलावा आसपास के इलाकों से भी लोग आते हैं. आगरा और मुरैना, ग्वालियर से आने वाले ग्राहक भी यहां कचौड़ी खाते हैं और पसंद आने पर पैक कराकर अपने घर भी ले जाते हैं.
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बृजवासी की कचौड़ी को छोटे-छोटे पीस करने के बाद हाथ से मसलकर परोसा जाता है. कचौड़ी को देसी घी में तला जाता है, जिससे इसका स्वाद और कुरकुरापन बढ़ जाता है. इसके साथ दोने में आलू की मसालेदार सब्जी और घी में तली हुई हरी मिर्च दी जाती है. संदीप बताते हैं कि आलू की सब्जी में घर के पिसे हुए मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें हींग का पानी भी डाला जाता है, जिससे कचौड़ी और सब्जी का स्वाद और बढ़ जाता है.
बृजवासी कचौड़ी की एक और खास बात इसकी कीमत है. यहां दो कचौड़ी सिर्फ 20 रुपए में मिलती है. संदीप ने बताया वह रोजाना करीब 700 से 800 कचौड़ी तक बेच देते हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों के बीच इस कचौड़ी की कितनी मांग है. अगर आप भी धौलपुर की इस खास खस्ता और मसालेदार कचौड़ी का स्वाद लेना चाहते हैं, तो समय का ध्यान रखें. बृजवासी कचौड़ी का स्वाद सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही मिलता है.