हरियाणा के करनाल जिले में सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों का आंदोलन 30वें दिन भी जारी रहा, लेकिन शुक्रवार को विरोध का अंदाज कुछ अलग नजर आया। नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताने के लिए सामूहिक रूप से सिर मुंडवाए। कर्मचारियों ने सरकार को साफ संदेश देने की कोशिश की कि उनकी मांगों की अनदेखी अब उन्हें मंजूर नहीं है। इस दौरान करीब 10 कर्मचारियों ने अपना सिर मुंडवाया। कर्मचारी नेताओं ने इसे पूरे प्रदेश में ‘मुंडन दिवस’ के तौर पर मनाने का ऐलान किया। धरना स्थल पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।
समझौते के बाद कार्रवाई न होने का आरोप
सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा इकाई के प्रधान राजकुमार ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 13 मई को सरकार और कर्मचारियों के बीच समझौता हुआ था और उनकी मांगों को जायज मानते हुए सरकार ने 30 दिन का समय लिया था। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि इस अवधि में उनकी मांगों को लेकर ठोस फैसला हो जाएगा, लेकिन उनका आरोप है कि सरकार ने इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। राजकुमार ने कहा कि सरकार की नीयत और नीति दोनों स्पष्ट नहीं हैं और सरकार कर्मचारियों को नियमित करने के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री स्तर से उनकी मांगों को लेकर लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक हड़ताल और धरना जारी रहेगा।
गंदगी के ढे़र और बीमारी के खतरे की चिंता
करीब एक महीने से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते करनाल शहर में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने का दावा कर्मचारियों ने किया है। मुख्य बाजारों, सड़कों और कई इलाकों में कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बारिश के बाद जमा कचरा और पॉलिथीन नालियों तथा सीवरों में जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। उनका दावा है कि इससे जलभराव के साथ-साथ संक्रमण और बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालकर शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य कराने की मांग की है।
सरकार की चेतावनी के बावजूद आंदोलन जारी
वहीं, सरकार की ओर से हड़ताली कर्मचारियों को 5 सितंबर तक काम पर लौटने की चेतावनी दिए जाने के बावजूद कर्मचारियों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है। अग्निशमन विभाग के जिला प्रधान संदीप त्यागी ने कहा कि कर्मचारी निलंबन या विभागीय कार्रवाई की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करने का रास्ता है। अगर मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन और लंबा चलेगा। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण पैदा हो रही अव्यवस्था का समाधान निकालने की जिम्मेदारी भी सरकार की है।
लिखित आदेश तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
करनाल में सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। एक तरफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है, तो दूसरी तरफ कर्मचारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। सिर मुंडवाकर कर्मचारियों ने अपने विरोध का नया तरीका अपनाते हुए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। कर्मचारियों का स्पष्ट ऐलान है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री स्तर से लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक हड़ताल और धरना जारी रहेगा। अब देखना होगा कि 30 दिन से जारी इस गतिरोध का समाधान सरकार और कर्मचारी संगठन किस तरह निकालते हैं। (रिपोर्ट: अमित भटनागर)
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